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अधिक मात्रा में वंशलोचन खाने से शरीर को होते हैं ये 3 नुकसान, बरतें सावधानी

Side Effects Of Excessive Eating Of Vanshlochan In Hindi: यूं तो वंशलोचन स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है। लेकिन, अतिरिक्त मात्रा में इसका सेवन करना सही नहीं होता है।

Side Effects Of Excessive Eating Of Vanshlochan In Hindi: आयुर्वेद के अनुसार वंशलोचन की तासीर ठंडी होती है। इसका सेवन ज्यादातर लोग कर सकते हैं। यह सर्दी-जुकाम, कफ जैसी तमाम बीमारियों में सफल तरीके से कम करता है। यहां तक कि प्रेग्नेंसी में भी इसका सेवन करना अच्छा माना जाता है। विशेषज्ञों की मानें, तो 1 से 3 ग्राम तक दिन में दो बार इसका सेवन करना फायदेमंद होता है। लेकिन, जैसा कि हर चीज की अति बुरी होती है। इसी तरह, वंशलोचन का सेवन भी अतिरिक्ति मात्रा में करना सही नहीं है। ऐसे में इसके फायदे होने के बजाय नुकसान हो सकते हैं। आइए, जानते हैं कि अधिक मात्रा में इसका सेवन करने से किस तरह के नुकसान हो सकते हैं। इस बारे में जानने के लिए हमने रामहंस चैरिटेबल अस्पताल में प्रैक्टिस कर रहे आयुर्वेदचार्य डॉ. श्रेय शर्मा (Dr. (Shrey Sharma, Ayurvedacharya, Sirsa) से बात की।

अधिक मात्रा में वंशलोचन खाने से शरीर को होने वाले नुकसान- Side Effects Of Excessive Eating Of Vanshlochan In Hindi

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आपको स्पष्ट कर दें कि आयुर्वेद में इसे स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक नहीं माना गया है। ज्यादातर लोग इसे आसानी से हजम कर जाते हैं। इसके बावजूद, जो हल्के-फुल्के नुकसान होते हैं, वै इस प्रकार हैं-

उल्टी होनाः अगर कोई वयस्क अंजाने में इसकी हाई डोज लेता है, तो ऐसे में व्यक्ति को उल्टी हो सकती है। ऐसा सिर्फ वयस्कों में ही नहीं,बल्कि बच्चों में भी देखने को मिलता है। इसलिए, एक्सपर्ट द्वारा बताई गई मात्रा का ही सेवन प्रतिदिन करें। अपने से इसका सेवन न करें। हां, अशुद्ध वंशलोचन लेने से बचें।

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लंग्स पर बुरा असरः अगर कोई प्रतिदिन और लंबे समय तक इसका हाई डोज लेता है, तो लंग्स पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है। वैसे तो वंशलोचन लेने से खांसी और कफ की समस्या दूर होती है। इससे इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग होती है, जिस वजह से बीमार होने का जोखिम भी कम होता है। लेकिन, अगर कोई बहुत ज्यादा लंबे समय तक हाई डोज ले रहा है, तो लंग्स पर नेगेटिव असर देखने को मिलता है।

प्रोस्टेट ग्लैंड पर असरः वंशलोचन दिखने में सख्त और ट्रांसलुसेंट होता है। यह हमारे देश के असम और बांग्लादेश के हिस्सों में अधिक पाया जाता है। लेकिन, दिक्कत की बात ये है कि ज्यादातर लोग इसकी शुद्धता की पहचान नहीं कर पाते हैं। अगर कोई नकली वंशलोचन का सेवन अंजाने में कर बैठे और लंबे समय तक खाता रहे, तो इसका बुरा प्रोस्टेट ग्लैंड पर पड़ता है। बेहतर होगा कि इसका सेवन करने से इसके पोर्शन साइज के बारे में एक्सपर्ट से सलाह ले लें।

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एक्सपर्ट की राय

वंशलोचन का सेवन करने से पहले एक्सपर्ट राय लेना हर व्यक्ति के लिए जरूरी है। असल में, किसी भी आयुर्वेदिक तत्व का सेवन कभी भी खुद से नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से व्यक्ति को नुकसान हो सकता है। ध्यान रखें कि वंशलोचन का सेवन किन लोगों के लिए अधिक फायदेमंद हो सकता है, किस बीमारी में कितना लेना है और किन लोगों को इनसे दूरी बनाए रखनी है, इस तरह की तमाम बातें जान लेना जरूरी है।

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Meera Tagore

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Senior Sub Editor

मीरा टैगोर 2009 से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और पिछले 5 वर्षों से विशेष रूप से हेल्थ जर्नलिज्म पर काम कर रही हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealthमें सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं। वह महिला स्वास्थ्य और यौन स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषयों पर लिखती हैं और इनसे जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सटीक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की कोशिश करती हैं। जिन विषयों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी और OnlyMyHealth से पहले Image Reflection Centre, Haribhoomi और MyUpchar के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 26, 2025 19:54 IST

    Published By : Meera Tagore

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