Healthy Lung Month : वायु प्रदूषण के कारण हाे सकती हैं फेफड़ाें की ये 3 बीमारियां, डॉक्टर से जानें इनके लक्षण

वायु प्रदूषण आपके स्वास्थ्य काे कई तरह से प्रभावित कर सकता है। वायु प्रदूषण फेफड़ाें में हाेने वाली कई बीमारियाें का भी कारण बनता है। जानें- 

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Oct 08, 2021
Healthy Lung Month : वायु प्रदूषण के कारण हाे सकती हैं फेफड़ाें की ये 3 बीमारियां, डॉक्टर से जानें इनके लक्षण

देशभर में वायु प्रदूषण रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दिन पर दिन वायु प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। वायु प्रदूषण (Air Pollution) पर्यावरण के साथ ही लाेगाें के स्वास्थ्य काे भी नुकसान पहुंचाता है। कई ऐसी बीमारियां हैं, जाे वायु प्रदूषण के कारण हाेती है। वायु प्रदूषण अधिकतर सांस से संबंधित बीमारियाें का कारण बनता है। वायु प्रदूषण से कई लाेगाें काे सांस लेने में परेशानी हाेती है, ताे यह कुछ लाेगाें के हृदय (Air Pollution Affect Heart) काे भी प्रभावित करता है। वायु प्रदूषण के कारण हाेने वाली बीमारियां हर साल लाखाें लाेगाें की जान तक ले लेता है। ऐसे में वायु प्रदूषण से अपना बचाव बहुत जरूरी है, ताकि इससे हाेने वाली बीमारियाें से बचा जा सके। आज हम आपकाे वायु प्रदूषण से फेफड़ाें काे हाेने वाली 3 बीमारियाें के बारे में बताने जा रहे हैं (Relation Between Lung Diseases and Air Pollution)। 

ग्लोबल हॉस्पिटल, परेल, मुंबई के सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर के डॉक्टर हरीश चाफले (Dr Harish Chafle, Senior Consultant, Pulmonology & Critical Care, Global Hospital, Parel, Mumbai) बताते हैं कि दुनिया में हर आठ में से एक मौत वायु प्रदूषण से जुड़ी स्थितियों के कारण होती है। इतना ही नहीं वायु प्रदूषण श्वसन और हृदय रोगों (Air Pollution Increase Respiratory and Heart Diseases ) काे भी बढ़ावा देता है। वायु प्रदूषण से होने वाली सबसे आम बीमारियों में इस्केमिक हृदय रोग (Ischemic Heart Disease), स्ट्रोक (Stroke), क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिसीज (सीओपीडी), फेफड़ों का कैंसर (Lung Cancer) और बच्चों में तीव्र निचले श्वसन संक्रमण (Respiratory Infection in Children) शामिल हैं।

1. सीओपीडी (COPD)

सीओपीडी यानी क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्माेनरी डिसीज काेई बीमारी नहीं है, बल्कि कई बीमारियों को संदर्भित करता है। इससे बीमार व्यक्ति के लिए सांस लेना मुश्किल हो जाता है। इन रोगों में ब्रोंकाइटिस और वातस्फीति शामिल हैं। ये दोनों स्थितियां वायु प्रदूषण से फेफड़ों को नुकसान के कारण हो सकती है। सीओपीडी वायु प्रदूषण के कारण हाेने वाली सबसे सामान्य बीमारियाें में से एक है।

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सीओपीडी के लक्षण (COPD Symptoms)

  • सांस लेने में परेशानी 
  • गहरी सांस लेना
  • खांसी
  • जुकाम
  • हृदय की समस्याएं
  • सीने में जकड़ने
  • वजन कम हाेना

2. फेफड़ाें का कैंसर (Lung Cancer)

वायु प्रदूषण के कारण हाेने वाली फेफड़ाें की बीमारी (Lung Diseases) में फेफड़ाें का कैंसर सबसे सामान्य है। इसमें फेफड़ाें के भीतर की काेशिकाएं अनियंत्रित विभाजित हाे जाती है। यह वायु प्रदूषण, कण और धुएं के कारण हाे सकता है। इसलिए आपकाे अपने फेफड़ाें काे स्वस्थ रखने के लिए वायु प्रदूषण से बचाव करना जरूरी हाेता है। जानें फेफड़ाें के कैंसर के लक्षण-

फेफड़ाें के कैंसर के लक्षण (Lung Cancer Symptoms)

  • छाती में दर्द (Chest Pain)
  • सांस लेने में कठिनाई
  • लंबे समय तक खांसी
  • थकान महसूस हाेना
  • खांसी के साथ खून आना
  • लगातार वजन कम हाेना
  • भूख न लगना
  • हड्डियाें में दर्द हाेना
  • सिरदर्द (Headache)
lung infection

3.निचले श्वसन संक्रमण (Respiratory Infection) 

वायु प्रदूषण के कारण श्वसन संक्रमण भी हाे सकता है। यह समस्या निमाेनिया के रूप में प्रकट हाेता है। अकसर बच्चे तीव्र निचले श्वसन पथ के संक्रमण के विकास के लिए कमजाेर हाेते हैं, उनका शरीर और फेफड़े अभी भी विकसित हो रहे हाेते हैं। इसलिए वे इससे अधिक प्रभावित हाेते हैं। 

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श्वसन संक्रमण के लक्षण (Symptoms of Respiratory Infection)

  • सांस की तकलीफ
  • सीने में दर्द
  • बलगम में खून आना
  • खांसी

वायु प्रदूषण के कारण होने वाली सांस की बीमारी फेफड़ों को कमजोर बना सकती है। जिससे बच्चे, बड़ाें और बुजुर्गाें में फेफड़ाें से संबंधित कई बीमारियां हाेने लगती है। इसलिए फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए हमें पर्यावरण को भी स्वस्थ रखने की जरूरत हाेती है, सभी लाेग वायु प्रदूषण से हाेने वाली बीमारियाें से अपना बचाव कर सकें। इसके लिए आप घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनकर जाएं। अधिक धुएं वाली जगहाें पर जाने से बचें। साथ ही फेफड़ाें की बीमारियाें के काेई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

(Images : Freepik)

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