छोटे बच्चों को संभालना मुश्किल होने के साथ ही बहुत ही थकान भरा भी होता है। कामकाजी माता-पिता के लिए बच्चों की देखभाल एक बड़ी समस्या होती है। ऐसे में लोग बच्चों को संभालने और उनकी देखभाल के लिए किसी आया या डे-केयर की मदद लेते हैं। डे-केयर के कई फायदे और नुकसान होते हैं जिनके बारे में जानकारी होना जरूरी है। डे-केयर की मदद से एक तरफ जहां बच्चों की देखभाल अच्छी होती है, वहीं बच्चों के विकास पर इसका विपरीत असर भी होता है। माता-पिता के साथ कम समय बीताने के कारण बच्चों का उनसे लगाव कम हो जाता है या यूं कहें कि बॉंडिग नहीं बनती है। इसके बावजूद ज्यादातर परिवारों में बच्चों की देखभाल के लिए डे-केयर एक अच्छा विकल्प साबित होता है।
जिन लोगों का आय कम है और जिनका काम काफी व्यस्तता वाला होता है वे डे-केयर की मदद से बच्चों की अच्छी देखभाल कर सकते हैं। लेकिन डे-केयर में बच्चों को डालने से पहले इसके नुकसान पर ही विचार करना जरूरी है क्योंकि यहां सवाल आपके प्यारे का है। आइए जानें डे केयर के फायदे और नुकसान के बारे में-
डे-केयर के फायदे
सस्ता उपाय
अगर आपको बच्चों की देखभाल के लिए कोई सहायता चाहिए तो आया और डेयकेयर जैसे विकल्प होते हैं। एक आया को रखने के मुकाबले बच्चों को डे-केयर में भेजना ज्यादा सस्ता होता है। इसलिए ज्यादातर माता-पिता बच्चों को डे केयर में भेजने का निर्णय लेते हैं।
नियमों का पालन
डे-केयर के नियम हर माता-पिता के लिए एक जैसे होते हैं जिनका पालन करना जरूरी है जैसे बच्चे को छोड़ना और ले जाने के समय में कोई फेरबदल। इसके अलावा अभिभावकों के पास अन्य अभिभावकों से मिलने का मौका भी होता है जिससे वे एक दूसरे का सहयोग ले सकें।
बच्चों की सुरक्षा
डे-केयर की सुविधा शुरु करने से पहले लाइसेंस की जरूरत होती है। इसलिए आपके बच्चे की सुरक्षा तो निश्चित है। डे-केयर में बच्चों की जरूरत की हर चीज मौजूद होती है जिससे बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास अच्छे से होता है। डेयकेयर में मौजूद लोग बच्चों की देखभाल में अनुभवी और प्रशिक्षित होते हैं।
विभिन्न प्रकार का ज्ञान
डे-केयर में बच्चों को विभिन्न तरह का ज्ञान दिया जाता है जैसे गाना, डांस और कहानी सुनना आदि। ज्यादातर माता-पिता को अच्छा लगता है कि उनके बच्चे इस तरह की गतिविधि में भाग ले रहे हैं। बच्चों को हर तरह का ज्ञान देने के लिए वहां प्रशिक्षित लोग मौजूद होते हैं।
डे-केयर के नुकसान
बच्चों का बीमार होना
बच्चों को डे-केयर में भेजने पर उन्हें कई तरह के इंफेक्शन होने का खतरा हो सकता है। वहां मौजूद कई बच्चों के बीच में कब आपके लाडले को कौन सा संक्रमण हो जाए इसके बारे में कहना मुश्किल है। कई बच्चों के एक साथ खेलने-खाने के दौरान बीमार बच्चे के कीटाणु स्वस्थ बच्चे को भी बीमार कर देते हैं। ऐसे में आया का विकल्प ज्यादा अच्छा हो सकता है।
निर्णय को प्रभावित करना
आमतौर पर डे-केयर आपके बच्चों की देखभाल के निर्णय को प्रभावित करते हैं जैसे कब आपके बच्चे को दूध छोड़ना है, कब सोना है आदि । हो सकता है कि कुछ माता-पिता को इससे समस्या ना होती हो लेकिन कुछ को हो सकती है।
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