Sat Sep 12, 2026 | 12:58 AM IST

गर्भ में बच्चे की नाल नीचे हो तो क्या करें? जानें डॉक्टर की राय

Pregnancy care: प्रेगनेंसी में महिलाओं को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरना पड़ता है।

Placenta Previa During Pregnancy: प्रेगनेंसी हर महिला के लिए बहुत खास दौर होता है। इस दौरान महिलाओं के सीने में एक नहीं बल्कि दो दिल धड़क रहे होते हैं। गर्भ में पलने वाले बच्चे की आहट, पेट को छूने पर बच्चे के घूमने का एहसास मन और दिमाग को एक अलग तरह का सुकून देता है। हालांकि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में प्रेगनेंसी पीरियड थोड़ा मुश्किल हो जाता है। खानपान और लाइफस्टाइल में हुए बदलावों के कारणों प्रेगनेंसी (Pregnancy Care Tips) में इन दिनों महिलाओं को कई तरह की कॉम्लिकेशन्स हो रही हैं। इन्हीं कॉम्लिकेशन्स में से एक है लॉ लाइंग प्लेशसेंटा या प्लेमसेंटा प्रिविया।

आम भाषा में इस गर्भ में पलने वाले बच्चे की नाल का नीचा होना कहा जाता है। प्लेमसेंटा प्रिविया होने पर ज्यादातर महिलाएं ये समझ नहीं पाती हैं कि आखिरकार कैसे इसे ठीक किया जाए और इस दौरान क्या करना सही होता है। प्रेगनेंसी के दौरान गर्भ में पलने वाले बच्चे की नाल नीचे हो जाए तो क्या करना चाहिए इसके लिए हमने दिल्ली स्थिति गर्ग क्लीनिक की वुमन हेल्थ केयर एक्सपर्ट डॉक्टर नैंनी गर्ग से बातचीत की।

इसे भी पढ़ेंः क्या प्रेगनेंसी में सीढ़ियां चढ़ना सुरक्षित है? जानें इसके फायदे, नुकसान और जरूरी सावधानियां

Placenta-Previa-During-Pregnancy

क्या है प्लेमसेंटा प्रिविया?

गर्भनाल या प्लेसेंटा गर्भ में पलने वाले बच्चे के मानसिक और शरीरिक विकास में बहुत अहम भूमिका निभाती है। गर्भ में अंडे का निषेचन होने के समय निषेचित अंडा यानी फर्टलाइज्ड एग फेलोपियन ट्यूब से होते हुए गर्भाशय में प्रत्यारोपित होता है। लेकिन कई बार निषेचित अंडा गर्भाशय के निचले हिस्से से जुड़ जाता है। इस तरह के मामलों में कई बार ज्यादा ब्लीडिंग की समस्या का खतरा हो सकता है।

प्लेमसेंटा प्रिविया का पता कैसे चलेगा?

डॉक्टर का कहना है गर्भ में बच्चे की नाल नीचे हो चुकी है इसका पता अल्ट्रासाउंड से लगाया जा सकता है। गर्भ में पलने वाले बच्चे की नाल नीचे जा रही है या जा चुकी इसका पता प्रेगनेंसी के 20 या 22 सप्ताह बाद ही लगाया जा सकता है। कई बार इसका पता लगाने के लिए  ट्रांसवेजिनल अल्ट्रासाउंड से भी की जाती है। डॉक्टर का कहना है कि कई बार गर्भ के बच्चे की नाल नीचे जा चुकी है ये पता लग जाता है, लेकिन जब बच्चा मूव करता है तो ये ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है।

इसे भी पढ़ेंः नारियल का फूल है हड्डियों के लिए वरदान, एक्सपर्ट से जानें इसके फायदे

प्लेमसेंटा प्रिविया का कारण क्या है?

ये समस्या कई बार महिलाओं के उम्र के कारण हो सकती है। डॉक्टर का कहना है कि जब कोई महिला 30 साल के बाद बच्चा कंसीव करती है तो गर्भ में बच्चे की नाल नीचे होने का खतरा हो सकता है।

स्वास्थ्य कारण, धूम्रपान, शराब का सेवन, जंक फूड का सेव, सीजेरियन के कारण भी इस तरह की समस्या इन दिनों आम हो चुकी है।

क्या करना होगा सही?

इस स्थिति में डॉक्टर महिला को पूरी तरह के बेड रेस्ट करने की सलाह देते हैं। डॉक्टर का कहना है कि इस दौरान महिलाओं को भारी सामान उठाने, झुकने और गर्भ पर दवाब पड़े ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए। प्रेगनेंसी में इस तरह की समस्या न हो इसके लिए डॉक्टर ट्रेवल न करने सलाह देते हैं। यात्रा के दौरान लंबे समय तक बैठना और झटके लगाना इसका अहम कारण है। इस दौरान किसी भी अनहोनी से बचने के लिए गर्भाशय को अधिक से अधिक आराम दिया जाता है।

Read Next

प्रेगनेंसी में मौसमी का जूस पीना चाहिए या नहीं? जानें एक्सपर्ट की राय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Ashu Kumar Das

Ashu Kumar Das

Senior Sub Editor

जिंदगी एक सफर है और इस सफर को खूबसूरत बनाए रखने के लिए बॉडी को हेल्दी और फिट रखना बहुत जरूरी है। आशु इन्हीं बातों को फॉलो करती हैं। इन्हें स्वास्थ्य विषयों पर लिखना और अलग-अलग विषयों पर वीडियो बनाना खासा पसंद है। साथ ही इन्हें तरह-तरह की किताबें पढ़ना, सोलो ट्रैवलिंग करना और अजनबी लोगों को दोस्त बनाना बहुत पसंद है। इन्हें पत्रकारिता और लेखन में करीब 4 साल का अनुभव है। इन्होंने डिजिटल मीडिया में हेल्थ राइटर के तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान की हैं। हेल्थ के अलावा आशु राजनीति लेखन में काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Sep 23, 2022 12:50 IST

    Published By : Ashu Kumar Das

Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content
Medically reviewed content
200+ medical reviewers in network
17 Years of Trusted Health Content