एबॉर्शन के बाद मह‍िलाओं को क‍िन शारीर‍िक-मानस‍िक समस्याओं का सामना करना पड़ता है? किन बातों का रखें ध्यान

एबॉर्शन के बाद मह‍िला को कई मानस‍िक और शारीर‍िक परेशान‍ियों से गुजरना पड़ सकता है, जानते हैं उन चुनौत‍ियों के बारे में 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Aug 12, 2021 16:56 IST
एबॉर्शन के बाद मह‍िलाओं को क‍िन शारीर‍िक-मानस‍िक समस्याओं का सामना करना पड़ता है? किन बातों का रखें ध्यान

एबॉर्शन होना क‍िसी भी मह‍िला के ल‍िए बेहद गहरा जख्‍म होता है ज‍िसका असर उसके शारीर‍िक और मानस‍िक स्‍वास्थ्‍य पर पड़ता है। गर्भपात होने से मह‍िला को कुछ समय तक शारीर‍िक कष्‍ट तो होते ही हैं साथ ही मानस‍िक समस्‍याओं का भी सामना करना पड़ता है। कई मह‍िलाएं एबॉर्शन के कारण गहरे सदमे में चली जाती हैं। अगर आपके घर में भी ऐसी कोई मह‍िला है तो उनकी मदद करने के ल‍िए आप इस लेख में एबॉर्शन के बाद होने वाली समस्‍याएं और उनके उपायों के बारे में जान सकते हैं। इस लेख में हम एबॉर्शन के बाद आने वाली शारीर‍िक और मानस‍िक चुनौत‍ियों के बारे में बात करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के लि‍ए हमने लखनऊ के झलकारीबाई अस्‍पताल की गाइनोकॉलोजि‍स्‍ट डॉ दीपा शर्मा से बात की।

stomach pain 

(image source:cdnparenting)

गर्भपात के बाद शारीर‍िक चुनौत‍ियां (Physical challenges after abortion)

गर्भपात के बाद मह‍िला को इन शारीर‍िक समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है- 

  • गर्भपात के बाद पेट के न‍िचले ह‍िस्‍से में दर्द और मरोड़ महसूस होता है, ऐसा कई द‍िनों तक हो सकता है। 
  • एबॉर्शन के कारण ड‍िप्रेशन होता है ज‍िसके कारण मह‍िला का वजन अचानक घट या बढ़ सकता है। 
  • एबॉर्शन के बाद इंफेक्‍शन का भी खतरा होता है, अगर सर्जरी या ऑपरेशन के जर‍िए एबॉर्शन हुआ है तो साफ-सफाई का ध्‍यान रखना होगा। 
  • अगर गर्भधारण का समय लंबा था तो एबॉर्शन के बाद ब्रेस्‍ट पेन या ब्रेस्‍ट में भारीपन महसूस होता है, ज्‍यादा मह‍िलाओं को ब्रेस्‍ट में दर्द का अहसास होता है। 
  • एबॉर्शन के बाद अन‍ियम‍ित पीर‍ियड्स की श‍िकायत हो सकती है, तीन से चार मह‍िनों के बाद मास‍िक चक्र ठीक हो जाता है। 
  • एबॉर्शन के कुछ द‍िन बाद तक ब्‍लीड‍िंग हो सकती है लेक‍िन ऐसा हर केस में हो ऐसा जरूरी नहीं है। 

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गर्भपात के बाद मानस‍िक चुनौत‍ियां (Mental challenges after abortion)

गर्भपात के बाद मह‍िला को इन मानस‍िक परेशान‍ियों से गुजरना पड़ सकता है- 

  • क‍िसी भी मह‍िला के ल‍िए गर्भपात होना क‍िसी गहने सदमे से कम नहीं होता, कुछ मह‍िलाएं तो कई सालों तक इस सदमे से उबर नहीं पातीं।
  • एबॉर्शन होने पर मह‍िलाएं डिप्रेशर का श‍िकार हो जाती है, ड‍िप्रेशन के चलते उन्‍हें हर समय तनाव महसूस होता है। 
  • गर्भपात के बाद ज्‍यादा मह‍िलाएं बताती हैं क‍ि उनका मन क‍िसी काम में नहीं लग रहा है। 
  • कुछ केस तो ऐसे होते हैं ज‍िनमें मह‍िलाओं को दोबारा मां बनने में डर लगता है, ऐसी मह‍िलाएं दोबारा कोश‍िश नहीं करना चाहतीं। 
  • कुछ मह‍िलाओं के व्‍यवहार में भी बदलाव आता है, ज्‍यादा गुस्‍सा आना या ज्‍यादा शांत रहने जैसे बदलाव नजर आते हैं।  
  • गर्भपात के बाद कॉन्‍सट्रेशन पॉवर कम होना, चीजें भूल जाना भी ऐसे लक्षण हैं जो मानस‍िक परेशानी को द‍िखाते हैं। 

एबॉर्शन के बाद इन बातों का ध्‍यान रखें (Tips to remember after abortion)

abortion problems

(image source:cdnparenting)

एबॉर्शन के बाद एक मह‍िला की र‍िकवरी के लि‍ए इन बातों का ध्‍यान रखना चाह‍िए- 

1. फैम‍िली प्‍लान‍िंग की बात न करें (Avoid family planning for few time)

अगर आपके घर में कोई ऐसी मह‍िला है ज‍िसका हाल ही में गर्भपात हुआ है तो उसका खयाल रखें और कुछ समय तक फैम‍िली प्‍लान‍िंग का प्रेशर मह‍िला पर न डालें। इसके साथ ही एबॉर्शन के बारे में महिला से बार-बार बात न करें। 

2. सफाई का ध्‍यान रखें (Take care of cleanliness)

एबॉर्शन के बाद इंफेक्‍शन से बचने के लि‍ए साफ-सफाई का ध्‍यान रखें, गंदगी के कारण बैक्‍टीर‍ियल या फंगल इंफेक्‍शन हो सकता है। अगर गर्मी के द‍िन हैं तो आप द‍िन में दो या ज्‍यादा बार अंडरगार्मेंट्स बदल सकती हैं। 

3. फल-सब्‍ज‍ियां खाएं (Eat fruits and vegetables)

आपको एबॉर्शन के बाद अपनी डाइट में ताजी सब्‍ज‍ियों और फल की मात्रा बढ़ा देनी चाह‍िए, सब्‍जी और फल के फायदे तो बहुत हैं पर एबॉर्शन के बाद इनमें मौजूद जरूरी तत्‍वों से आपको फ‍िजि‍कल और मानस‍िक तनाव से बाहर न‍िकलने में मदद म‍िलेगी।  

4. आराम करें (Take rest)

गर्भपात के बाद आराम करना बहुत जरूरी होता है, आपको ज्‍यादा से ज्‍यादा आराम करना चाह‍िए, मन लगाने के ल‍िए आप काम कर सकती हैं पर भारी चीजें उठाना या बहुत अध‍िक काम करने से बचें। 

5. योगा और मेड‍िटेशन (Yoga & meditation)

एबॉर्शन के बाद हैवी वर्कआउट से बचें पर आपको योगा और मेड‍िटेशन का सहारा लेना चाहि‍ए। हर द‍िन कम से कम 20 से 30 म‍िनट वॉक करें, प्राणायाम करें और 15 म‍िनट मेड‍िटेशन जरूर करें। 

एबॉर्शन के बाद शारीर‍िक बदलावों पर गौर करें 

दवाओं का सेवन करती रहें, एबॉर्शन के बाद भी मेड‍िकेशन जारी रह सकता है, उसे फॉलो करें और कोई भी परेशानी या नए लक्षण नजर आने पर डॉक्‍टर से संपर्क करें। अगर आपको एबॉर्शन के बाद पेट दर्द या स‍िर में दर्द हो तो स‍िकाई कर सकती हैं, हल्‍का दर्द जल्‍दी ठीक हो जाता है पर लंबे समय तक क‍िसी तरह के दर्द को नजरअंदाज कि‍ए ब‍िना च‍िकि‍त्‍सा सहायता लें। कुछ मह‍िलाओं को एबॉर्शन के बाद बुखार भी आता है, अगर तापमान 100 से ऊपर जाए तो देरी क‍िए ब‍िना अस्‍पताल जाएं और डॉक्‍टर से इलाज करवाएं। 

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एबॉर्शन के बाद इन गलत‍ियों को करने से बचें (Avoid these mistakes after abortion)

mistakes after abortion

(image source:istockphoto)

एबॉर्शन के बाद इन गलत‍ियों को करने से बचना चाहि‍ए- 

1. पानी कम पीना (Not drinking enough water)

आपको एबॉर्शन के बाद भी पहले की तरह हाइड्रेशन का खयाल रखना है, अगर आप शरीर को ड‍िहाइड्रेट रखेंगी तो द‍िमाग तक ऑक्‍सीजन की सप्‍लाई कम रहेगी ज‍िससे आपको थकान, च‍िड़च‍िड़ापन महसूस होगा। 

2. सही डाइट न लेना (Avoiding right diet)

अगर आप हाल ही में एबॉर्शन हुआ है तो अपनी डाइट का खास खयाल रखें, डाइट का खयाल रखेंगी तो शारीर‍िक और मानस‍िक चुनौत‍ियों से न‍िपट पाएंगी।

3. साइकोलॉज‍िस्‍ट से संपर्क न करना (Not contacting psychologist)

एबॉर्शन के बाद जो गलत‍ियां ज्‍यादातर मह‍िलाएं करती हैं उसे नहीं करना है जो है साइकोलॉज‍िस्‍ट की मदद न लेना। एबॉर्शन के बाद मह‍िलाओं को तनाव का सामना करना पड़ता है और मानस‍िक समस्‍याओं का इलाज केवल डॉक्‍टर बता सकते हैं। 

अगर आपके घर में कोई ऐसी मह‍िला है ज‍िस हाल ही में एबॉर्शन हुआ है तो उस महि‍ला का ध्‍यान रखें, उससे बात करें और उसकी परेशानियों को कम करने की कोश‍िश करें। 

(main image cource:hopkinsmedicine)

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