शिशु को स्तनपान कराने के दौरान स्तनों में होता है दर्द तो, हो सकते हैं ये 4 कारण

स्तनपान करवाने के दौरान स्तनों में दर्द के कारणों का जानना बेहद जरूरी है। नहीं तो, इससे आपके नवजात शिशु की सेहत और आपकी सेहत भी प्रभावित हो सकती है। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariUpdated at: Aug 02, 2021 17:06 IST
शिशु को स्तनपान कराने के दौरान स्तनों में होता है दर्द तो, हो सकते हैं ये 4 कारण

शिशु को स्तनपान (breastfeeding) करवाना और उसे जानलेवा बीमारियों से बचाना एक मां की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। पर कई बार इस जिम्मेदारी को निभाते हुए वो अपने बारे में भूल जाती हैं। जी हां, बहुत सी मां स्तनपान के दौरान स्तनों में होने वाले दर्द (breast pain while breastfeeding) को नजरअंदाज कर देती हैं। जब कि ये उनके और उनके बच्चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है। दरअसल, शिशु को स्तनपान कराने के दौरान स्तनों में दर्द कई कारणों से होता है, जैसे कि फंगल इंफेक्शन और स्तनों में ब्लॉकेज। साथ ही कई बार स्तनों में ज्यादा दूध बनने या फिर शिशु द्वारा सही से स्तनपान न कर पाने के कारण भी ये समस्या होती है। स्तनपान के दौरान स्तनों में दर्द के कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में जानने के लिए हमने डॉ. नुपुर गुप्ता (Nupur Gupta), निदेशक, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट, गुरुग्राम से भी बात की। 

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स्तनपान कराने के दौरान स्तनों में दर्द का कारण-Causes of breast pain while breastfeeding in hindi

1. निप्पल की त्वचा को चबाना या काटना -Latching

डॉ. नुपुर गुप्ता (Nupur Gupta) कहती हैं कि स्तनपान के दौरान दर्द के सबसे आम कारणों में से एक लैचिंग की समस्या है। दरअसल, इस दौरान बच्चा गलत तरीके से दूध पीता है, जिससे स्तनों में दर्द होता है। होता ये है कि बच्चा जब दूध पीने आता है, तो वो निप्पल की जगह उसके चारों तरफ के क्षेत्र जो कि गहरे रंग का होता है, उसे चबाने लगता है या फिर निप्पल को काटने लगता है। इसमें कुछ कंनेक्टिव टिशूज होते हैं, जिससे ब्रेस्ट को नुकसान पहुंचने लगता है। इसके अलावा कभी-कभी आपका शिशु दूध पीने से ज्यादा ब्रेस्ट को चूसने की कोशिश करता है, जिससे स्तन पर निशान पड़ जातते हैं और तेज दर्द होता है। इसके अलावा कई बार लैचिंग की समस्या के पीछे कुछ अन्य कारण भी होते हैं। जैसे कि

  • -बच्चा सही से स्तनों तक पहुंच नहीं पा रहा हो।
  • -बच्चे का सिर और शरीर सही पोजीशन में ना हो।
  • -स्तनों में दूध ना हो।
  • -फ्लैट या उल्टे निपल्स।

 ऐसे में आपको अपने बच्चे को सही से दूध पिलाने की कोशिश करनी चाहिए और इसके लिए आपको बच्चे को दूध पिलाने का सही तरीका भी जानने की जरूरत है। जैसे कि सबसे पहले दूध पिलाते समय उसके शरीर का पोजीशन सही करें। अगर वो फिर भी बार-बार काटता है, तो उसे ब्रेस्ट से हटाएं और फिर दोबारा दूध पिलाने की कोशिश करें।

2. फंगल इन्फेक्शन के कारण-Fungal Infection

फंगल इन्फेक्शन या थ्रश (thrush) के कारण भी ब्रेस्ट में जलन और निप्पल में दर्द हो सकता है। थ्रश इंफेक्शन या कैंडीडा संक्रमण (candida infection) कभी-कभी तब होता है जब आपके निप्पल फटे या क्षतिग्रस्त हो जाते हैं। इसका मतलब है कि कैंडिडा फंगस जो कि इंफेक्शन का कारण बनता है वह आपके निप्पल या स्तन में फैल जाता है। ये  तब भी हो सकता है जब आपको या आपके बच्चे को एंटीबायोटिक्स का कोर्स कराया गया हो। एंटीबायोटिक्स शरीर में सहायक बैक्टीरिया यानी कि गुड बैक्टीरिय की संख्या को कम कर सकते हैं और कैंडिडा फंगल को बढ़ने देते हैं, जिससे इंफेक्शन फैलता है। ऐसे में इस फंगल इन्फेक्शन के लक्षण की बात करें तो,

  • -दूध पिलाने के बाद निप्पल या स्तनों में या फिर दोनों में दर्द महसूस होता है।
  • -दर्द काफी गंभीर होता है और प्रत्येक फीड के बाद एक घंटे तक रहता है।

इस स्थिति में खुद से कोई भी इलाज करने की बजाय अपने डॉक्टर से मदद लें। डॉक्टर आपको इंफेक्शन की दवा देगा या फिर इसे ठीक करने का सही और आसान उपाय बचाएगा।

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3. टंग टाई की समस्‍या- Tongue tie in breastfeeding babies

टंग टाई की समस्‍या (tongue tie in babies) होने पर बच्चा सही से दूध नहीं पी पाता है और इससे निप्पल पर ज्यादा रगड़ लग जाती है जिससे स्तनों में दर्द और सूजन आ जाती है। ऐसे में आपको अपने बच्चे में टंग टाई के इन लक्षणों की जांच करनी चाहिए। जैसे कि

  • -जीभ को ऊपरी दांतों तक उठाने या जीभ को एक तरफ से दूसरी तरफ ले जाने में कठिनाई होना।
  • -सामने के निचले दांतों से जीभ बाहर निकलने में परेशानी।
  • - जीभ निकालने पर नोकदार या दिल के आकार का दिखाई देना। 

ऐसे में इसके चलते आपके बच्चे को कई और परेशानियां भी हो सकती हैं। जैसे कि दूध न पी पाने की वजह से बच्चे का वजन कम बढ़ना और बच्चे के विकास में देरी होना। ऐसी स्थितियों में चुप -चाप ना बैठें और बच्चे को लेकर सीधे अपने डॉक्टर के पास जाएं। 

4. मिल्क डक्ट ब्लॉक हो जाने के कारण -Plugged Ducts and Mastitis

प्लग्ड डक्ट्स और मास्टिटिस स्तनपान कराने वाली माताओं में ब्रेस्ट पेन के सबसे आम कारणों में से एक है। दरअसल, मास्टिटिस (Mastitis) स्तन की सूजन है जो आमतौर पर स्तनों के मिल्क डक्ट में ब्लॉकेज या संक्रमण के कारण होता है। हालांकि, आमतौर पर नर्सिंग के पहले दो से तीन हफ्तों में होता है लेकिन स्तनपान के दौरान कभी भी हो सकता है।  ऐसे में बच्चा जब दूध पीने की कोशिश करता है तो उसे ब्रेस्ट से दूध नहीं मिल पाता है और वो इसे काटने लगता है। ऐसे में आपको मिल्क डक्ट ब्लॉकेज के सही कारणों को जानने के लिए और इलाज के लिए अपने डॉक्टर से बात करनी चाहिए। 

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ब्रेस्ट पेन कम करने के उपाय-breastfeeding pain relief home remedies

  • -गर्म पानी से ब्रेस्ट की हल्की हल्की सिकाई करें।
  • -बार-बार नर्सिंग पैड बदलें
  • -कोशिश करें कि दूध पिलाते समय चेक करें कि शिशु ने सही ढंग से स्तन मुंह में लिया है और सही से दूध पी रहा है या नहीं।
  • -शिशु को भूख लगते ही स्तनपान करवाएं।
  • -बच्चा सही से दूध नहीं पी रहा तो पंप की मदद से दूध निकाल लें।
  • -ढीले-ढाले कपड़े पहनें।

ध्यान रहे कि स्तनपान के दौरान स्तनों के दर्द को नजरअंदाज ना करें। ये निप्पल को नुकसान और दूध उत्पादन में कमी का कारण हो सकता है। ऐसे में ये परेशानी होते ही अपने डॉक्टर से बात करें और सही सुझाव या इलाज पाएं। 

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