पारबॉइल्ड राइस क्या है और कितना फायदेमंद है? इस चावल के लिए केंद्र और तेलंगाना सरकार क्यों हैं आमने-सामने

पारबॉइल्ड राइस या अधपका चावल को लेकर केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार आमने सामने है, जानें पारबॉइल्ड राइस के फायदे। 

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Apr 19, 2022Updated at: Apr 19, 2022
पारबॉइल्ड राइस क्या है और कितना फायदेमंद है? इस चावल के लिए केंद्र और तेलंगाना सरकार क्यों हैं आमने-सामने

अधपका चावल जिसे अंग्रेजी में पारबॉइल्ड राइस (Parboiled Rice) कहा जाता है को लेकर बीते कुछ दिनों से केंद्र सरकार और तेलंगाना सरकार के बीच तनातनी चल रही है।तेलंगाना राज्य की सरकार और केंद्र सरकार के बीच उसना या अधपका चावल की खरीद को लेकर विवाद इतना बढ़ गया है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को गिराने की बात भी कर चुके हैं। अधपके चावल को लेकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव अब केंद्र सरकार के खिलाफ गैरभाजपाई दलों को भी एकजुट कर रहे हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर ये अधपका चावल है क्या जिसको लेकर दोनों सरकारें आमने-सामने हैं और दोनों के बीच इतना बवाल चल रहा है। दरअसल अधपका चावल या पारबॉइल्ड राइस एक खास तरीके से तैयार किया गया चावल होता है, जिसे सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसे तैयार करने के लिए एक विशेष तरीका फॉलो किया जाता है। दुनिया में हुए कई शोध और अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि पारबॉइल्ड राइस सेहत के लिए सामान्य राइस की तुलना में ज्यादा फायदेमंद होता है। आइये विस्तार से जानते हैं क्या है पारबॉइल्ड राइस और सेहत के लिए फायदे क्या हैं?

पारबॉइल्ड राइस क्या है? (What is Parboiled Rice in Hindi?)

पारबॉइल्ड राइस को अधपके चावल के नाम से भी जाना जाता है, कई जगहों पर आम बोलचाल की भाषा में इसे उसना चावल भी कहते हैं। दूसरे चावलों की अपेक्षा में इसे सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसके फायदों को देखते हुए पूरी दुनिया में इसकी डिमांड काफी बढ़ गयी है। इस चावल को तैयार करने के लिए धान की भूसी निकलने से पहले इसे उबाला जाता है। पारबॉइल्ड राइस को तैयार करने के लिए धान को सबसे पहले कुछ समय के लिए पानी में भिगोकर रखा जाता है और इसके बाद भाप में इसे पकाया जाता है। फिर इसे सुखाकर इसकी भूसी निकाली जाती है। इस चावल को भले ही अलग तरीके से तैयार किया जाता है लेकिन खाद्य मंत्रालय या कोई अन्य संस्था ने इसे अलग तरीके से परिभाषित नहीं किया है। 

Parboiled-Rice-Benefits

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पारबॉइल्ड राइस तैयार करने का तरीका (Parboiled Rice Making Process in Hindi)

भारत में पुराने समय से ही पारबॉइल्ड राइस का सेवन किया जाता रहा है। इस चावल को तैयार करने के लिए लोग पारंपरिक तरीके का पालन करते थे लेकिन अब कई ऐसी संस्थाएं हैं जो इसका निर्माण अलग-अलग तरीके से करती हैं। केंद्रीय खाद्य तकनीक शोध संस्थान (CFTRI), मैसुरू और धान प्रसंस्करण शोध केंद्र (PPRC) द्वारा ज्यादातर उसना या अधपका चावल तैयार किया जाता है। इस चावल को तैयार करने के लिए इन दोनों संस्थाओं के अलग-अलग तरीके हैं। सामान्य तौर पर पारबॉइल्ड राइस तैयार करने के लिए सबसे पहले धान को 4 घंटे से लेकर 8 घंटे तक पानी में भिगोया जाता है। इसके बाद इसे छानकर 20 से 30 मिनट तक भाप में उबाला या पकाया जाता है। उबालने के बाद इस धान को छाया में सुखाया जाता है और फिर इसकी भूसी आसानी से निकल जाती हैं। इस चावल को अन्य चावल की तरह से पॉलिश नहीं किया जाता है। धान प्रसंस्करण शोध केंद्र तंजावुर इस चावल को तैयार करने के लिए पानी की जगह एक ख़ास तरीके के Chromate का इस्तेमाल करता है। 

पारबॉइल्ड राइस खाने के फायदे (Parboiled Rice Benefits in Hindi)

उसना चावल या पारबॉइल्ड राइस खाना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह कहा जाता है कि इस चावल में मौजूद पौष्टिक तत्व सामान्य चावल की तुलना में कहीं ज्यादा होते हैं। वहीं इसको तैयार करने के लिए अपनाए गए खास तरीके के कारण इसे लंबे समय तक आसानी से स्टोर किया जा सकता है और इसमें कीड़े लगने का खतरा कम होता है। चूंकि उसना चावल या अधपका चावल को तैयार करने के इसे पानी में भिगोकर इसे भाप में पकाया जाता है इसलिए इस दौरान इसके छिलके पर मौजूद विटामिन चावल में आ जाते हैं। खास प्रक्रिया की वजह से इस चावल में विटामिन की मात्रा ज्यादा होती है और कार्ब्स कम हो जाते हैं। उसना चावल या पारबॉइल्ड राइस खाने के फायदे इस प्रकार से हैं। 

1. यह माना जाता है कि उसना चावल या पारबॉइल्ड राइस में सामान्य चावलों की तुलना में पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। इस चावल में फाइबर, कैल्शियम, विटामिन और पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसका सेवन करने से शरीर को अधिक पौष्टिक तत्व की आपूर्ति होती है।

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2. पारबॉइल्ड राइस में मैंगनीज की मात्रा सामान्य चावल की तुलना में ज्यादा पाया जाता है जिसकी वजह से इसका सेवन ब्लड प्रेशर के खतरे को कम करने में फायदेमंद माना जाता है। दिल के दौरे और दिल से जुड़ी अन्य समस्याओं के खतरे को कम करने के लिए भी इस चावल का सेवन बहुत फायदेमंद माना जाता है। 

3. डायबिटीज के मरीजों के लिए  उसना चावल बहुत फायदेमंद माना जाता है। कई शोध और अध्ययन भी इस बात की पुष्टि करते हैं कि पारबॉइल्ड राइस का सेवन करने से डायबिटीज की समस्या में बहुत फायदा मिलता है। पारबॉइल्ड राइस में मौजूद पोषक तत्व डायबिटीज की समस्या में बहुत फायदेमंद माने जाते हैं।

4. इस चावल में एंटीऑक्सीडेंट पर्याप्त मात्रा पायी जाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपको इन्फ्लेमेशन और कैंसर जैसी गंभीर समस्या से बचाने का काम करते हैं।

5. पारबॉइल्ड राइस में कार्ब्स की मात्रा अन्य चावल की तुलना में कम होती है और इसे पाचन के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह चावल पचने में आसान होता है।

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पारबॉइल्ड राइस को बनाने में किसी भी तरह की पॉलिशिंग नहीं की जाती है और इसकी वजह से इसमें पोषक तत्वों की मात्रा अधिक रहती है। सामान्य अरवा चावल को तैयार करने में पॉलिशिंग और मिलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाती है इस कारण से उस चावल में मौजूद तमाम पोषक तत्व कम हो जाते हैं। पारबॉइल्ड राइस सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है लेकिन किसी भी बीमारी में इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। 

Reference -

https://www.researchgate.net/publication/270863388_Parboiled_rice_Understanding_from_a_materials_science_approach

https://www.researchgate.net/publication/355109441_A_perspective_on_the_benefits_of_consumption_of_parboiled_rice_over_brown_rice_for_glycaemic_control

(All Image Source - Google.com)

 

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