पंचकर्म ट्रीटमेंट से कम हो सकता है दिल की बीमारियों का खतरा

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 12, 2016

अगर आप किसी भी तरह की दिल की बीमारी से ग्रस्त हैं तो एक हफ्ते तक आयुर्वेद आधारित पंचकर्म ट्रीटमेंट लें। हाल ही में हुए एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है की एक हफ्ते तक पंचकर्म ट्रीटमेंट लेने से दिल से जुड़ी सारी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। पंचकर्म ट्रीटमेंट में वेजीटेरियन डाइट, मेडिटेशन, योगा और मसाज आते हैं जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट कर दिल की बीमारियों के खतरे को कम करते हैं। ये परिणाम क्लीनिकल ट्रायल में दिखे हैं।  

यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया सैन डियागो स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर और सीनियर ऑथर दीपक चोपड़ा कहते हैं कि, "इससे पता चलता है कि एक हफ्ते के पंचकर्म कार्यक्रम से मेटाबॉलिक से जुड़ी बीमारियां ठीक हो सकती हैं।"


यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया सैन डियागो स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं की टीम ने यह नोटिस किया है कि वैकल्पिक और एकीकृत चिकित्सक पद्धतियां, जैसे कि मेडिटेशन और आयूर्वेद, बहुत ही अधिक प्रसिद्ध और लोकप्रिय हैं, लेकिन अब तक इंसानी माइक्रोबायोम, जिनोम औऱ फिजियोलॉजी पर इसके प्रभाव को समझा नहीं गया है।

उनमें से एक अध्ययनकर्ता क्रीस्टीन टारा पीटरसन कहती हैं कि "हमारा ये कार्यक्रम लोगों को इसके प्रभाव को पूरी तरह से समझाने के लिए ही आयोजित किया गया है।"

इस अध्ययन में 30 से 80 उम्र के बीच के 119 लोगों को शामिल किया गया जो की कैलीफोर्निया के चोपड़ा सेंटर में अपना इलाज करा रहे थे। उनमें से आधे लोगों को पंचकर्म ट्रीटमेंट दिया गया और आधे लोगों को कंट्रोल ग्रुप को सौंप दिया गया।
लिक्विड क्रोमैटोग्राफी और मास स्पेक्ट्रोमेट्री का उपयोग कर रक्त प्लाज्मा के नमूने पहले और छछवें दिन पर लिए गए।

अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि पंचकर्मा करने वाले समूह के लोगों में 12 तरह के सेल-मेमबरेन केमिकल घटे हैं जो कि टाइप-2 डायबीटिज और सेरम कोलेस्ट्रॉल का कारण बनते हैं।

 

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