एक-तिहाई डायबिटिक महिलाएं नहीं रखती अपने खान-पान का ध्यान

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Feb 08, 2017

आजकल के खान-पान और असंतुलित जीवनशैली में कई लोग डायबिटीज़ जैसी समस्या से ग्रस्त हैं। इसमें पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या ज्यादा है। मीठा ज्यादा खाना, घर बैठे कुछ काम न करना, व्यायाम न करना, सही पोषक तत्व न लेना, ये सभी समस्याएं डायबिटीज़ की ओर आपको खींचती हैं। इन सभी कारणों की वजह से यह बीमारी सबसे ज्यादा युवाओं में देखी जा रही है।

 

डायबिटीज़ पीड़ित एक तिहाई युवा महिलाओं में जरूरत से ज्यादा भोजन करने के कारण उनमें इंसुलिन की मात्रा प्रभावित होती है, जिससे हृदय रोग, तंत्रिका क्षति और दृष्टि समस्या जैसे गंभीर रोग आपको अपनी ओर खींच सकते हैं। दियाबुलिमिया जरूरत से अधिक भोजन करने का विकार है, जो टाइप-1 डायबिटीज़ पीड़ितों में इंसुलिन हार्मोन की मात्रा कम कर देता है। एक्सप्रेस डॉट को डॉट यूके के मुताबिक, लंदन के किंग्स कॉलेज की प्राध्यापक जैनेट ट्रेजर ने बताया कि “डायबिटीज़ पीड़ित महिलाओं में जरूरत से ज्यादा भोजन से उत्पन्न विकार की समस्या अधिक होती है”।

diabetes

 

15 से 20 प्रतिशत युवा महिलाओं को यह विकार होता है और टाइप-1 डायबिटीज़ पीड़ितों में इस विकार के जोखिम की दोगुनी आशंका होती है। इसके पता चलता है कि मधुमेह पीड़ित एक तिहाई महिलाएं इस विकार से प्रभावित होती हैं।

 

मधुमेह पीड़ितों को समर्थन करने वाले ब्रिटेन के समुदाय ‘डाइबिटीज डॉट को डॉट यूके’ से जुड़े चारलोट समर्स ने बताया कि “दियाबुलिमिया एक गंभीर स्थिति है, जिसकी अक्सर अनदेखी की जाती है। टाइप-1 डायबिटीज़ रोगियों के लिए इंसुलिन में पर्वितन एक हानिकारक प्रभाव हो सकता है। इससे बचने के लिए खान-पान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है”।

 

अगर आप भी डायबिटीज़ जैसी बीमारी से बचना टाहते हैं, तो अपनी लाइफस्टाइल में सही खान-पान और एक्सरसाइज शामिल करें।

 

News Source- IANS

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