Single Leg Stance Benefits: एक पैर पर खड़े होकर बैलेंस बनाना काफी मुश्किल होता है, लेकिन अगर इस एक्सरसाइज को रेगुलर तरीके से किया जाए, तो इससे दिमाग, मांसपेशियों और जोड़ों को बहुत फायदा मिलता है। एक पैर पर खड़े होने से शरीर और दिमाग को क्या फायदे मिलते हैं, यह जानने के लिए हमने लखनऊ के न्यूट्रिशनिस्ट, एक्सरसाइज और फिटनेस एक्सपर्ट व ट्रेनर वर्णित यादव (Varnit Yadav, Nutrition, Exercise, and Fitness Expert and Trainer, Lucknow) से बात की। उन्होंने बताया कि अगर कोई बिना लड़खड़ाए सिर्फ 10 से 30 सैकेंड तक खड़ा हो, जाए तो यह सेहतमंद होने की निशानी होती है। लोगों को एक पैर पर खड़े होने की प्रैक्टिस जरूर करनी चाहिए।
एक पैर पर खड़े होने के 5 फायदे
फिटनेस एक्सपर्ट वर्णित कहते हैं, “एक पैर पर खड़े होने की प्रैक्टिस फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए बहुत ज्यादा फायदेमंद है। मैं सभी को रोजाना इसे करने की सलाह जरूर दूंगा, लेकिन इस एक्सरसाइज को करते समय पोस्चर सही रखना और सेफ्टी का ध्यान रखना बहुत जरूरी है, इसलिए एक्सपर्ट की देखरेख में किया जाना चाहिए।”

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रिएक्टिव स्टेबिलिटी में सुधार
वर्णित कहते हैं, “जब हम चलते या दौड़ते हैं, तो अचानक से किसी चीज से टकराकर गिर जाते हैं क्योंकि पैरों का बैलेंस नहीं बन पाता। एक पैर पर खड़े होने की एक्सरसाइज करने से नर्व सिस्टम एक्टिव हो जाता है, जो जोड़ों की चोट से बचाने के लिए तुरंत रिएक्ट करता है। इससे शरीर और पैरों का बैलेंस बना रहता है और दिमाग के बैलेंस प्रोसेस को बेहतर करता है।”
हड्डियां मजबूत करना
एक पैर पर खड़े होने से कूल्हे और जांघ की हड्डी की बोन डेंसिटी बढ़ती है। इस वजह से हड्डियां अंदर से मजबूत होती है । जो लोग 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के है, उन्हें एक पैर पर खड़े होने की कसरत करनी चाहिए क्योंकि इसे करने से कूल्हे की हड्डी की बोन मिनरल डेंसिटी में सुधार होता है।
कमर और घुटने के दर्द का कम होना
एक पैर पर खड़े होने से जो बैलेंस बनता है, उससे ग्लूट्स मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ग्लूटस मांसपेशियां पेल्विक को स्टेबल करने में मदद करती है और अगर ये मांसपेशियां मजबूत होगी, तो पीठ के निचले हिस्से और घुटनों के दर्द का रिस्क कम हो जाता है। एक पैर पर खड़े होने की एक्सरसाइज से पैरों और टखनों की मांसपेशियां भी मजबूत होती है।
मेंटल स्ट्रेंथ और फोकस बढ़ना
एक पैर पर बैंलेंस बनाने से सिर्फ फिजिकल स्टैमिना ही नहीं बढ़ता, बल्कि इससे मेंटल हेल्थ में भी सुधार होता है। जब एक पैर पर खड़े होते हैं, तो पूरा फोकस एक जगह केंद्रित होने से शरीर का बैलेंस बनता है और इससे फोकस बढ़ाने में मदद मिलती है। योग में इसे वृक्षासन कहा जाता है, जो मन को शांत करने का काम करता है।
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बेहतर बायोलॉजिकल उम्र का संकेत
वर्णित कहते हैं, “अक्सर हम अपनी उम्र को जन्मदिन से तय करते हैं, लेकिन हड्डियों, मांसपेशियों और दिमाग की सेहत 'बायोलॉजिकल उम्र' (शरीर की अंदरूनी उम्र) बताती है। एक पैर पर बिना डगमगाए खड़े रहने से शरीर उम्र के मुकाबले ज्यादा फिट रह सकता है। हालांकि, मैं बता दूं कि एक पैर पर खड़े होना कोई जादू का खेल नहीं है, बल्कि इसके लिए पैरों की ताकत और मेंटल फोकस सभी को एक साथ काम करना चाहिए और ये धीरे-धीरे प्रैक्टिस के जरिए ही आती है।” NCBI की रिपोर्ट के अनुसार, मिडिल एज के जिन लोगों का एक पैर पर खड़े होने का बैलेंस बेहतर पाया गया है, उनमें बार-बार गिरने का रिस्क बहुत कम देखा गया है। रिसर्च में यह भी पाया गया है कि मिडिल एज में की गई यह प्रैक्टिस बुढ़ापे में भी गिरने से बचाती है।
निष्कर्ष
फिटनेस कोच वर्णित यादव कहते हैं कि शुरुआत में एक पैर पर खड़े होने की प्रैक्टिस दीवार या कुर्सी का सहारा लेकर करनी चाहिए ताकि गिरने की संभावना न रहे। जैसे-जैसे बैलेंस बनता जाएगा, कुछ दिनों में धीरे-धीरे दीवार या कुर्सी का सहारा लेना छोड़ दें। अगर आप इस एक्सरसाइज को दिन में सिर्फ दो से तीन मिनट तक रेगुलर करते हैं, तो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है। जब एक पैर पर खड़े होने लग जाए, तो आंखें बंद करके इस एक्सरसाइज को करने से चुनौती बढ़ जाती है।
FAQ
एक पैर पर कितने समय तक खड़े रहना चाहिए?
एक पैर पर कम से कम 30 सेकंड तक खड़े होने की प्रैक्टिस करनी चाहिए।कौन सा आसन एक पैर पर खड़े होकर किया जाता है?
योग में इसे वृक्षासन कहते हैं क्योंकि इसमें एक पैर पर खड़ा होना पड़ता है। शुरुआत में एक पैर पर खड़े होना मुश्किल होता है, लेकिन प्रैक्टिस से संभव है।एक पैर पर खड़ा होना किसके लिए अच्छा है?
जिन लोगों की टखनों, कूल्हों, पैरों और कमर की मांसपेशियां कमजोर हो गई है, उनके लिए एक पैर पर खड़े होना काफी फायदेमंद हो सकता है।
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Current Version
Mar 05, 2026 12:31 IST
Modified By : Aneesh Rawat Mar 05, 2026 12:31 IST
Published By : Aneesh Rawat
Reviewed By : Varnit Yadav