मीठा पसंद है लेकिन हेल्दी रहना चाहते हैं तो खानपान में चीनी की जगह इस्तेमाल करें ये 5 चीजें, मिलेंगे कई फायदे

गर्मी के मौसम में जब आप शरबत या शिकंजी बनाना चाहते हैं, तो चीनी की जगह आप इनके इन हेल्दी विकल्पों का इस्तेमाल कर सकते हैं। 

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jun 10, 2021
मीठा पसंद है लेकिन हेल्दी रहना चाहते हैं तो खानपान में चीनी की जगह इस्तेमाल करें ये 5 चीजें, मिलेंगे कई फायदे

चीनी यानी कि शुगर कई बीमारियों का कारण बनता है। पर हमारे यहां मीठे के लिए लोग सबसे ज्यादा इस्तेमाल चीनी ही करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि हम में से बहुत से लोग चीनी के हेल्दी विकल्पों के बारे में नहीं जानते या जानते भी हैं तो, उसके इस्तेमाल से बचते हैं। जबकि हमारे यहां चीनी के कुछ सबसे हेल्दी विकल्प हैं और उसे आप चीनी की तरह ही आसानी से अपने प्रयोग में ला सकते हैं। गर्मी के मौसम जब आप शरबत बनाते हैं या डायबिटीज और मोटापे से पीड़ित हैं, तो चीनी के इन विकल्पों का आसानी से अपना कर ब्लड शुगर में तेज स्पाइक होने से रोक सकते हैं। चीनी के इन्हीं विकल्पों के बारे में हमने डेलनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), मुख्य आहार विशेषज्ञ, जसलोक अस्पताल और अनुसंधान केंद्र से भी बात की।  

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डायटिशियन लनाज चंदूवाडिया (Delnaaz Chanduwadia), कहती हैं कि चीनी तो चीनी है। भले ही आप इन तमाम चीजों को चीनी के हेल्दी विकल्प मान रहे हैं और इसके इस्तेमाल को लेकर प्रेरित हैं, पर ऐसा नहीं है कि इनका इस्तेमाल शुगर को प्रभावित नहीं कर सकता है। खास कर डायबिटीज के मरीजों के लिए। ऐसा इसलिए कि डायबिटीज के पेंशट के शरीर में पहले से ही शुगर पचाने की गति काफी धीमी होती है और अगर आप किसी भी तरह का शुगर थोड़ा भी बढ़ाते हैं, तो ये ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। पर बात ये है कि रिफाइंड शुगर, ब्लड में शुगर के लेवल को तेजी से बढ़ाता है और बाकी इतनी तेजी से नहीं बढ़ाते। पर ऐसा पूरी तरह से नहीं कह सकते क्यों आपका शुगर लेवल इस चीजें के सेवन की मात्रा पर भी निर्भर करता है। पर जो लोग मोटापे से पीड़ित हैं उनके लिए चीनी के अन्य हेल्दी विकल्प फायदेमंद हैं और गर्मी के मौसम में तो ये शरीर के लिए कई तरीकों से मददगार हैं। 

गर्मी में चीनी की जगह इस्तेमाल करें ये 5 मीठी चीजें-Natural alternative for sugar in summers 

1. गुड़ (Jaggery)

चीनी की तुलना में गुड़ काफी हेल्दी है। गुड़ में विटामिन और खनिज होते हैं, जैसे कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, ऑयरन, मैंगनीज, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन बी 6 और कॉपर। इसके अलावा,  इसमें फैट और कोलेस्ट्रॉल नहीं है और इसमें सोडियम की मात्रा भी ना के बराबर है। ये शरीर में आयरन की कमी को रोकता है और ठीक करता है। एनीमिया का सबसे आम कारण आयरन की कमी है और ऐसे में गुड़ का सेवन करना शरीर के लिए बहुत फायदे हैं। गर्मियों में खाने के बाद दोपहर में गुड़ का सेवन करने से ये खाना पचाने में मदद करता है और डाइजेस्टिव सिस्टम को हेल्दी रखता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी इंफ्लेमेटरी गुण भी हैं, जो कि सर्दी-जुकाम से लड़ने में भी मदद करते हैं। पर एक चीज है, गुड़ का सेवन एक से हद से ज्यादा न करें। ये डायबिटीज भी बढ़ाता है और इसकी गर्म तासीर पेट को भी नुकसान पहुंचा सकती है।

2. देसी खांड (desi khand)

देसी खांड भी गन्ने के रस से बनता है और कई लोग इसे पूजा में या मिठाई बनाने के लिए इस्तेमाल करते हैं। देसी खांड में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फाइबर, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो कि शरीर के लिए फायदेमंद है।  कैल्शियम जहां हड्डियों और दांतों को हेल्दी रखता है वहीं, मैग्नीशियम ब्लड वेसेल्स और मांसपेशियों के लिए अच्छा है। पोटेशियम दिल के लिए अच्छा है, तो फाइबर पेट के लिए। इसके अलावा इसमें मौजूद अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार हैं। 

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3. मिश्री (Mishri)

 मिश्री ठंडी तासीर वाला होता है और गर्मी में शरीर को अंदर से ठंडा करने में काफी मदद करता है। आप गर्मी में मिश्री का शरबत और मिश्री दूध आदि भी सकते हैं, जो कि शरीर के लिए हर तरह से फायदेमंद है। सबसे खास बात ये है कि मिश्री मोटापे से पीड़ित लोगों के लिए भी फायदेमंद है। सौंफ के साथ मिश्री मिला कर खाने से ये मेटाबोलिज्म को एक्टिव करता है और तेजी से वजन घटाने में मदद करता है। मुंह में छालों की समस्या से राहत पाने के लिए भी आप मिश्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए मिश्री और हरी इलायची को बराबर मात्रा में पीसकर पेस्ट बनाएं और उसे मुंह के छालों पर लगाएं। इसके अलावा मिश्री की ठंडी तासीर शरीर को अंदर से ठंडा रखती है। पर डायबिटीज के मरीज दिन में 5 से 10 ग्राम तक मिश्री से ज्यादा न खाएं। 

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4. शहद (Honey)

शहद फूलों के रस से मधुमक्खियों द्वारा निर्मित एक नेचुरल स्वीटनर है।  हर मधुमक्खी अपने पूरे जीवन काल में लगभग आधा चम्मच शहद बनाती है। शहद में फ्रुक्टोज और ग्लूकोज भी होता है, पर ये चीनी कि तुलना में इतमा नेचुरल है कि किसी को भी नुकसान नहीं पहुंचाता है। इसमें अमीनो एसिड, एंजाइम, विटामिन बी, विटामिन सी, खनिज और एंटीऑक्सिडेंट की थोड़ी अधिक मात्रा भी होती है, जो कि शरीर के लिए कई तरह से फायदेमंद हैं। शहद एंटी बैक्टीरियल है जो मामूली कट और जलन को ठीक करने में मदद कर सकता है। शहद में पाए जाने वाले कई एंटीऑक्सिडेंट को फ्लेवोनोइड्स एंटी इंफेल्मेटरी है, जो कि शरीर में अलग-अलग प्रकार के सूजन को दूर कर सकता है। शहद के विपरीत, टेबल शुगर में खनिजों और विटामिनों की कमी होती है जो शरीर के पोषक तत्वों को सिस्टम में मेटाबोलाइज करने के लिए आकर्षित करते हैं। शदह को आप अपने गर्मी वाले कई ड्रिंक्स में मिला कर भी पी सकते हैं, जो कि वजन कम करने में मददगार होगाष साथ ही डायबिटीज के मरीजों के लिए भी शहद लेना फायदेमंद है। 

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5. खजूरी चीनी (Date sugar)

खजूर में शुगर की मात्रा तो ज्यादा होती है, लेकिन वे वास्तव में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला है, जो कि डायबिटीज के मरीजों के लिए भी नुकसानदेह नहीं है। खजूर को आप पीस कर या कूट कर मीठे की जगह इस्तेमाल कर सकते हैं। ज्यादातर लोग इसे कूट कर सूखा कर मीठे की जगह इस्तेमाल करते हैं। तो कुछ लोग घर के मीठे पकवानों में इसका पेस्ट बना कर डालते हैं। पर ख्याल रखें कि अगर आपको डायबिटीज है, तो इसे संयमित मात्रा में ही लें।खजूर में कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, आयरन, कॉपर, जिंक, सेलेनियम और मैंगनीज जैसे विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जबकि व्हाइट शुगर में ये सब नहीं होता है। खजूर में प्रोटीन, फाइबर और कार्ब्स होते हैं जो आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं और भूख रोकते हैं। इस तरह ये वजन बढ़ने से रोकने में मदद करते हैं। खजूर की चीनी में सफेद चीनी की तुलना में कम कैलोरी होती है, इसलिए इसे आप अपनी मीठी चीजों को बनाने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

तो, इन तमाम चीजों को अपनी डाइट में शामिल करें और गर्मी के इस मौसम में शरबत और लस्सी आदि का खुल कर सेवन करें। पर डायबिटीज के मरीज ध्यान रखें कि आप इन्हें ज्यादा मात्रा में न लें क्योंकि भले ही ये नेचुरल स्वीटनर हैं पर आपको पहले से ही शुगर की बीमारी हैं, और इनका शुगर भी आपके शुगर को प्रभावित कर सकता है।

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