गर्भपात की दवा का सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, इसकी जानकारी बहुत कम महिलाओं को होती है। बाजार में मिलने वाली अबॉर्शन पिल्स का अपने से इस्तेमाल बहुत खतरनाक हो सकता है। जानें अनचाहे गर्भ को खत्म करने के लिए कैसे करें गर्भपात की दवाओं का प्रयोग।

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गर्भपात की दवा लेने से पहले कौन सी सावधानियां हैं जरूरी? कितने दिनों के भीतर ले सकते हैं दवा?

गर्भपात की दवा का सुरक्षित तरीके से कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं, इसकी जानकारी बहुत कम महिलाओं को होती है। बाजार में मिलने वाली अबॉर्शन पिल्स का अपने से इस्तेमाल बहुत खतरनाक हो सकता है। जानें अनचाहे गर्भ को खत्म करन

Anurag Anubhav
Written by: Anurag AnubhavUpdated at: May 30, 2019 16:52 IST
गर्भपात की दवा लेने से पहले कौन सी सावधानियां हैं जरूरी? कितने दिनों के भीतर ले सकते हैं दवा?

कई बार अनचाहे गर्भ को खत्म करने के लिए महिलाएं गर्भपात की गोलियां लेती हैं। बिना किसी डॉक्टर की सलाह के इन दवाओं को खाना बेहद खतरनाक हो सकता है। ज्यादातर महिलाओं को इस बारे में जानकारी नहीं होती है कि गर्भपात की दवा गर्भ ठहरने के कितने दिनों के भीतर लेना सुरक्षित होता है। इसके अलावा इन दवाओं के कई तरह के साइड इफेक्ट्स भी होते हैं, जिनके बारे में महिलाओं को जानकारी नहीं होती है और बाद में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आइए आपको बताते हैं गर्भपात की दवाओं से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातें।

कब ले सकते हैं गर्भपात की दवा

अगर आपको गलती से गर्भ ठहर गया है, तो गर्भपात की दवा लेने से पहले आपको डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए। आमतौर पर डॉक्टर अल्ट्रासाउंड और कुछ अन्य जांचों के बाद ये पता लगाते हैं कि आपको गर्भपात करना चाहिए अथवा नहीं। वैसे तो गर्भपात की गोलियां गर्भावस्था के नौवें सप्ताह तक के लिए होती हैं। आमतौर पर इसके लिए 2 दवाएं दी जाती हैं। पहली दवा और दूसरी दवा के बीच कितना अंतर रखना है, ये आपको चिकित्सक खुद बताते हैं। इन दवाओं के ढेर सारे साइड इफेक्ट्स हैं इसलिए बिना किसी प्रशिक्षित व्यक्ति या चिकित्सक की सलाह के इन दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए।

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गर्भपात के लिए तैयार होना 

  • जब आपको एक सौ प्रतिशत यकीन हो कि आपको यह गर्भावस्था निरस्त करनी है, तब ही गर्भपात की गोलियां लेनी चाहिए। 
  • यदि आपने मन बनाया है, तो आप को दवा लेने से पहले चिकित्सक से सलाह लेकर अल्ट्रासाउंड करवाना चाहिए।
  • अगर डॉक्टर आपको गर्भपात करने से रोकते हैं, तो आप अपने से कोई दवा न खाएं। ये जानलेवा हो सकता है।

अल्ट्रासाउंड क्यों है जरूरी

अल्ट्रासाउंड कराने से आपको यह स्पष्ट हो जायेगा कि गर्भावस्था गर्भ में है या यह एक अस्थानिक गर्भावस्था (गर्भावस्था का गर्भ या गर्भाशय के बाहर होना) है। अगर अस्थिनक गर्भावस्था है, तो गर्भपात की गोलियां कभी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और जीवन भी खतरे में पड़ सकता है। जब गर्भपात की गोलियां अस्थानिक गर्भावस्था में ली जाती है तो इससे फैलोपियन ट्यूब के फटने के रुप में घातक परिणाम हो सकते हैं।

  • अल्ट्रासाउंड से गर्भावस्था की सटीक अवधि का भी पता चलता है यानी कि महिला कितने सप्ताह से गर्भवती है।
  • गर्भावस्था के मामले में यदि गर्भावस्था 49 दिनों से अधिक दिनों की है, तो गर्भपात की गोलियां कभी भी चिकित्सा पर्यवेक्षण के बिना नहीं ली जानी चाहिए ।
  • गर्भपात की गोलियां गर्भावस्था के पहले दो हफ्तों में ली जानी चाहिए

क्या है गर्भपात की दवाओं की गारंटी?

'स्त्रीवादी' महिला स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार, यदि गर्भपात की गोली गर्भावस्था के पहले दो हफ्तों के भीतर और निर्देशित तरीके से ली जाती है, तो यह 95% से 97% तक प्रभावी हो सकती है। अगर रोगी गंभीर रूप से बीमार है तो चिकित्सीय मार्गदर्शन की जरूरत है यह हमेशा याद रखना चाहिए। ऐसी चिकित्सीय परिस्थितियों मे पुरानी अधिवृक्क विफलता, एनीमिया, हृदय रोग या अनियंत्रित मिरगी विकार शामिल हैं। गर्भपात की गोली आपके अंतिम माहवारी से 49 दिनों के भीतर ली जानी चाहिए नही तो इसकी प्रभावशीलता गर्भपात के बाद भी अनियमित और लंबे समय तक खून का बहने जैसी जटिलताऐं परिणाम स्वरुप होती हैं।

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