गर्भपात की गोलियां

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Sep 13, 2011
Quick Bites

  • गोलियों से गर्भपात सिर्फ नौवें हफ्ते तक के लिए होती हैं।
  • अगर गर्भावस्था को नौ हफ्ते से ज्यादा समय हो गया तो डॉक्टर से संपर्क करें। 
  • गर्भपात की गोलियां पहले दो हफते में ली जानी चाहिए।
  • गर्भपात गोलियां लेने से पहले गर्भ हटाने की बात सुनिश्चित कर लें।

Garbhapat ki goli kab leni chahiye in hindiगर्भपात की गोलियां जल्दी गर्भपात यानी गर्भावस्था के नौवें सप्ताह तक के लिए होती हैं । यह शल्यचिकित्सा से गर्भपात के वैकल्पिक रूप में सबसे व्यापक रूप मे इस्तेमाल किया जाने वाले तरीके के रुप में उभरा है। अगर एक औरत गर्भावस्था के  नौवें  सप्ताह में पहुंच चुकी है तो उसे स्वयं चिकित्सा गर्भपात की कोशिश कभी नहीं करनी चाहिए। गर्भपात की गोलियाँ लेने के कई प्रतिकूल प्रभाव होते हैं, इसिलिये उन्हें चिकित्सा पर्यवेक्षण के अधीन लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।
 
गर्भपात की गोली कब लेनी चाहिए, इसके बारे में महिलाऐं अक्सर अस्पष्ट होती हैं। यहाँ आप गर्भपात के लिए कैसे एक तैयार हो सकती हैं दिया है:

गर्भपात के लिए तैयार होना 

  • जब आपको एक सौ प्रतिशत यकीन हो कि आपको यह गर्भावस्था निरस्त करनी है, तब ही गर्भपात की गोलियां  लेनी चाहिए। 
  • यदि आपने मन बनाया है, तो यह सिफारीश की जाती है कि आप को कुछ निश्चित दवा लेने से पहले अल्ट्रासाउंड करना चाहिये । 

गर्भपात की गोली लेने से पहले किये गये एक अल्ट्रासाउंड का महत्व

एक अल्ट्रासाउंड कराने से आपको यह स्पष्ट हो जायेगा कि गर्भावस्था गर्भ में है या यह एक अस्थानिक गर्भावस्था (गर्भावस्था का गर्भ या गर्भाशय के बाहर होना)है। अगर अस्थिनक गर्भावस्था है, तो गर्भपात की गोलियां कभी नहीं लेनी चाहिए क्योंकि इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और जीवन भी खतरे में पड़ सकता है। जब गर्भपात की गोलियां अस्थानिक गर्भावस्था में ली जाती है तो इससे फैलोपियन ट्यूब के फटने के रुप में घातक परिणाम हो सकते हैं।

  • अल्ट्रासाउंड से गर्भावस्था की सटीक अवधि का भी पता चलता है यानी भी एक महिला कितने सप्ताह से गर्भवती है।
  • गर्भावस्था के मामले में यदि गर्भावस्था 49 दिनों से अधिक दिनों की है, तो गर्भपात की गोलियाँ, चिकित्सा पर्यवेक्षण के बिना नहीं ली जानी चाहिए ।
  • गर्भपात की गोलियां गर्भावस्था के पहले दो हफ्तों में ली जानी चाहिए


स्त्रीवादी महिला स्वास्थ्य केंद्र के अनुसार, यदि गर्भपात की गोली गर्भावस्था के पहले दो हफ्तों के भीतर और निर्देशित तरीके से ली जाती है, तो यह 95% से 97%  तक प्रभावी हो सकती है। अगर रोगी गंभीर रूप से बीमार है तो चिकित्सीय मार्गदर्शन की जरूरत है यह हमेशा याद रखना चाहिए। ऐसी चिकित्सीय परिस्थितियों  मे पुरानी अधिवृक्क विफलता, एनीमिया, हृदय रोग या अनियंत्रित मिरगी विकार शामिल हैं। गर्भपात की गोली आपके अंतिम माहवारी से 49 दिनों के भीतर ली जानी चाहिए नही तो इसकी प्रभावशीलता गर्भपात के बाद भी अनियमित और लंबे समय तक खून का बहने जैसी जटिलताऐं परिणाम स्वरुप होती हैं।

 

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