टाइप 2 डायबिटीज में शरीर को हो सकती हैं ये 5 परेशानियां, एक्सपर्ट से जानें बचाव के उपाय

टाइप 2 डायबिटीज में आप अपनी ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए प्रयास नहीं करेंगे तो आपको इसकी वजह से होने वाली परेशानियों से बचना मुश्किल होगा।

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Dec 04, 2021 16:00 IST
टाइप 2 डायबिटीज में शरीर को हो सकती हैं ये 5 परेशानियां, एक्सपर्ट से जानें बचाव के उपाय

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज बढ़ी हुई ब्लड शुगर लेवल से तो परेशान रहते ही हैं। लेकिन साथ में अपने पसंद का खाना न खा पाना भी उनके लिए एक बड़ी समस्या होती है। ऐसी छोटी मोटी दिक्कत तो डायबिटीज के मरीजों को रोजाना देखनी पड़ती हैं। कोलंबिया एशिया हॉस्पिटल में जनरल फिजिशियन डॉ विनय भट्ट बताते हैं कि यदि बढ़ते ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने के लिए आप कोशिश नहीं करेंगे तो आपको आगे चलकर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि कसरत या दवाइयों द्वारा आप रेगुलर अपने शुगर लेवल को मॉनिटर कर सकते हैं। लेकिन क्या कोई ऐसी शारीरिक स्थिति भी हैं, जो डायबिटीज के कारण आपके शरीर में उत्पन्न हो सकती हैं। जी हां अगर आपको डायबिटीज है और आप इसे नियंत्रित नहीं करते हैं तो आपको निम्न शारीरिक स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं विस्तार से।

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1. हाइपोग्लाइसीमिया

यह मुश्किल तो जब तक आपके साथ डायबिटीज है तब तक आपको देखनी ही पड़ेगी। यह वह स्थिति होती है जिसमें ब्लड शुगर लेवल दिन भर बदलती रहती है। अगर शुगर लेवल अधिक कम हो जाती है तो आपको परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके लक्षणों में चिंता होना, भूख लगना, पसीना आना, सिर दर्द होना आदि शामिल होते है। 

क्या है उपचार : जब भी शुगर लेवल अधिक कम हो जाती है तो 15 ग्राम कार्बोहाइड्रेट का सेवन कर लें और इसके 15 मिनट बाद चेक करें। अगर अब भी शुगर लेवल कम है तो दोबारा यही प्रक्रिया दोहराएं।

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2. हाइपर ऑस्मोलर हाइपरग्लिकेमिक स्टेट

यह स्थिति बहुत कम लोगों में देखने को मिलती है और बुजुर्गों या अधिक बीमार रहने वाले लोगों में यह ज्यादा पाई जाती है। यह स्थिति तब होती है जब ब्लड शुगर लेवल काफी अधिक होता है। लेकिन उसमें कीटोन नहीं पाए जाते हैं। इससे आपकी नजर कमजोर हो सकती है, अधिक कन्फ्यूजन हो सकती है, अधिक प्यास लग सकती है।

उपचार क्या है : इस स्थिति से बचने के लिए नियमित रूप से अपनी ब्लड शुगर लेवल को मॉनिटर करते रहें। इस स्थिति का आभास होते ही अपने डॉक्टर को बताना और इसका उपचार शुरू करवाना काफी आवश्यक होता है।

3. हाइपरग्लिसेमिया

यह स्थिति हाइपोग्लाइसीमिया स्थिति के उल्टी होती है। इसमें आपकी ब्लड शुगर काफी अधिक बढ़ जाता है। यही नहीं आपको अधिक प्यास लगती है, आपको बार बार टॉयलेट जाना पड़ता है, आपके यूरिन में भी काफी शुगर हो जाती है। आप इस स्थिति से जूझ रहे हैं तो आप घर पर ही यूरिन टेस्ट किट ला सकते हैं। 

उपचार क्या करें: अगर आपके यूरिन टेस्ट में कीटोन पाए जाते हैं तो आपको एक्सरसाइज करनी बंद कर देनी चाहिए। यह आपके लिए हानिकारक हो सकता है। इसके अलावा अपने डॉक्टर से भी ब्लड शुगर कम करने के बारे में टिप्स लें।

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4. हाई ब्लड प्रेशर

हाई ब्लड प्रेशर भी टाइप 2 डायबिटीज के साथ जुड़ा हुआ है। डायबिटीज के मरीजों को नियमित रूप से अपना बीपी लेवल भी चेक करते रहना चाहिए। इससे हार्ट अटैक, देखने में समस्या होना, स्ट्रोक जैसे लक्षणों का सामना करना पड़ सकता है।

क्या है उपचार : अगर आपका ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है तो नमक का सेवन करना बिल्कुल कम कर देना चाहिए। नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए और स्ट्रेस को भी कम कर देना चाहिए।

5. नर्व डेमेज होना

इस स्थिति को डायबिटीज न्यूरोपैथी के नाम से जाना जाता है। यह डायबिटीज के दौरान आने वाली सबसे आम समस्या है। अगर डायबिटीज के द्वारा आपकी नर्व को नुकसान पहुंच जाता है तो आपको बहुत अधिक शरीर में दर्द हो सकता है, देखने में दिक्कत आ सकती है, डायरिया हो सकता है और असंतुलन जैसी परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। पुरुषों में स्तंभन दोष और महिलाओं में वेजिनल ड्राइनेस जैसी स्थिति भी आम होती है।

टाइप 2 डायबिटीज में स्ट्रोक, हार्ट अटैक, किडनी डेमेज और मानसिक रूप से स्वस्थ न रहने जैसी स्थिति का सामना भी करना पड़ सकता है जोकि काफी जानलेवा हो सकते हैं।

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