अल्‍जाइमर और आंखों के विकार में है गहरा संबंध: शोध

एक अध्‍ययन में 3,877 चुनिंदा मरीजों में अल्‍जाइमर और आंखों से जुड़ी बीमारी जैसे उम्र संबंधित मस्‍कुलर डिजरनेशन, डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्‍लूकोमा में महत्‍वपूर्ण जुड़ाव देखने को मिला। 

 ओन्लीमाईहैल्थ लेखक
लेटेस्टWritten by: ओन्लीमाईहैल्थ लेखकPublished at: Aug 09, 2018Updated at: Aug 09, 2018
अल्‍जाइमर और आंखों के विकार में है गहरा संबंध: शोध

अल्जाइमर का पता लगाने का कोई आसान तरीका नहीं है। लेकिन अब, एक नए अध्ययन में, शोधकर्ताओं ने पाया है कि आंख की स्थिति से अल्‍जाइमर का आसानी से पता लगाया जा सकता है। 

 

एक अध्‍ययन में 3,877 चुनिंदा मरीजों में अल्‍जाइमर और आंखों से जुड़ी बीमारी जैसे उम्र संबंधित मस्‍कुलर डिजरनेशन, डायबिटिक रेटिनोपैथी और ग्‍लूकोमा में महत्‍वपूर्ण जुड़ाव देखने को मिला। इन परिणामों को देखते हुए वैज्ञानिकों का मानना है कि उन लोगों में अल्‍जाइमर के उच्‍च जोखिम का पता लगाने का ये अच्‍छा तरीका हो सकता है जो मेमोरी लॉस और अन्‍य समस्‍याओं से प्रभावित हैं। 

हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इन आंखों की स्थिति वाले लोगों को अल्जाइमर रोग है या हो सकता है। इस अध्ययन का मुख्य संदेश यह है कि नेत्र रोग विशेषज्ञों को इन आंखों की स्थिति वाले लोगों के लिए डिमेंशिया विकसित करने के जोखिमों के बारे में अधिक जानकारी होनी चाहिए और डॉक्टरों को इन आंखों की स्थिति वाले रोगियों को देखकर संभावित डिमेंशिया या स्मृति हानि की जांच करने पर अधिक सावधान रहना चाहिए।

इसे भी पढ़ें: अल्जाइमर: जानिए क्या है और क्यों होता है

अध्ययन में भाग लेने वाले 65 वर्ष और उससे अधिक उम्र के थे जिन्‍हें शुरूआत के समय अल्जाइमर रोग नहीं था। पांच साल के अध्ययन में, अल्जाइमर रोग के 792 मामलों का निदान डिमेंशिया विशेषज्ञों की एक समिति ने किया था। आयु से संबंधित मैकुलर डिजनरेशन, डायबिटीज रैटिनोपैथी और ग्लूकोमा वाले मरीजों को समान्‍य लोगों की तुलना में अल्जाइमर रोग विकसित होने का 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत अधिक जोखिम था।

ऐसे अन्य स्टोरीज के लिए डाउनलोड करें: ओनलीमायहेल्थ ऐप

Read More Health News In Hindi  

Disclaimer