लिशमानियासिस

By  ,  दैनिक जागरण
Nov 07, 2011

लीसमानियासिसक्या आपने कभी लीसमानियासिस नाम की बीमारी का नाम सुना है? यह दुनिया की सबसे खतरनाक बीमारियों में से एक है। इस बीमारी में शरीर में फोड़े हो जाते हैं।  पूरा चेहरा

 

वीभत्स हो जाता है। इससे जान भी जा सकती है। यह बीमारी परोटोजोआ नामक परजीवी के कारण होती है। इससे दुनिया में करीब एक करोड़ 20 लाख लोग प्रभावित हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस शोध से इस बीमारी का इलाज खोज निकालने में मदद मिलेगी।

 

वैज्ञानिकों को हाल ही में इस खतरनाक बीमारी से संबंधित एक बड़ी सफलता मिली है। ब्रिटिश वैज्ञानिकों को इस परजीवी के तीन किस्मों के बीच कई समानताएं मिली हैं। उन्होंने इसके लिए लीसमानियासिस मेजर, एल. इंफैंटम और एल. ब्राजीलयनसीस जैसे परजीवियों के जेनेटिक कोड की तुलना की। ध्यान रहे कि एल. ब्राजीलयनसीस परजीवी ही कालाजार का कारण होता है। जब इस प्रयोग के नतीजे आए तो वैज्ञानिक चौंक पड़े।

 

इंग्लैंड के यार्क यूनिवर्सिटी के डेबरोह स्मिथ ने कहा कि तीनों में आश्चर्यजनक समानताएं है। हमारे लिए तो यह बिलकुल अप्रत्याशित है। इनमें बस दो सौ जीनों का फर्क है, बाकी के लगभग 7800 जीन एक जैसे हैं। हमें इनके कई नए जीनों के बार में भी पता चला। वैज्ञानिकों के मुताबिक इस शोध से इस बीमारी का इलाज खोज निकालने में मदद मिलेगी।

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