प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में ऐंठन के 8 कारण, लक्षण और बचाव

गर्भावस्था के दौरान महिलाएं पैरों में ऐंठन की समस्या से अकसर जूझती हैं। ऐसे में जानते हैं इस समस्या के लक्षण, कारण, बचाव और इलाज

Garima Garg
Written by: Garima GargPublished at: Jul 12, 2021Updated at: Jul 12, 2021
प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में ऐंठन के 8 कारण, लक्षण और बचाव

पैरों में ऐंठन (leg cramps) का मतलब है कि घुटनों के नीचे मांसपेशियों में जकड़न आ जाना। ये अकड़न कुछ सेकंड. कुछ मिनटो या घंटे भर भी रह सकती है। आमतौर पर यह समस्या रात में होती है। वहीं गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पैरों में ऐंठन की समस्या का सामना ज्यादा करना पड़ता है। ऐसे में इसके पीछे के कारणों और बचावों को समझना जरूरी है। यह समस्या काफी दर्दनाक होती है। ऐसे में पैरों में ऐंठन के उपचार पता होना भी जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि गर्भावस्था में पैरों की ऐंठन के क्या-क्या कारण (Leg cramps during pregnancy causes) हैं। साथ ही इसके लक्षण, बचाव (Leg cramps during pregnancy prevention) और उपचार के बारे में भी जानना जरूरी है। पढ़ते हैं आगे...

 

गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन के कारण

डॉक्टर्स की मानें तो गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन के पीछे की सटीक कारण नहीं है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को होने वाली इस समस्या के पीछे निम्न कारण हो सकते हैं। जानते हैं इनके बारे में-

1 - गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का बढ़ता वजन पैरों में ऐंठन की समस्या पैदा कर सकता है।

2 - जब पैरों की मांसपेशियों में ब्लड का प्रवाह पर्याप्त मात्रा से नहीं होता तब भी गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को पैरों में ऐंठन की समस्या हो सकती है।

3 - जब महिलाओं की पैरों की नसों पर ज्यादा प्रभाव या दबाव पड़ने लगता है यानी नर्व कंप्रेशन की समस्या हो जाती है तब भी महिलाओं को पैरों में ऐंठन की समस्या हो सकती है।

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4 -जब महिलाएं सबसे ज्यादा व्यायाम कर लेती हैं तो उसके कारण उनके हाथ पैर में दर्द शुरू हो जाता है इसे क्रॉनिक कंपार्टमेंट सिंड्रोम भी कहा जाता है। इसके कारण भी महिलाओं को रात के समय पैरों में ऐंठन हो सकती है।

5 - जब महिलाएं एक ही स्थिति में लंबे समय तक बैठी रहती हैं तब भी इस प्रकार की समस्या हो सकती है।

6 - जब महिलाएं लंबे समय से आराम करती है या जरूरत से ज्यादा काम कर लेती है तब भी उनकी मांसपेशियों में खिंचाव आ जाता है और इस प्रकार की समस्या पैदा हो जाती है।

7 - जब महिलाओं के शरीर में पानी की कमी हो जाती है यानी शरीर में डिहाइड्रेशन की समस्या होने पर भी महिलाओं को पैरों में ऐंठन हो सकती है।

8 - जब महिलाओं के खून में सोडियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम आदि की मात्रा कम हो जाती है तब भी समस्या हो सकती है।

ऊपर बताए गए कारणों से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान थोड़ी सी लापरवाही पैरों में ऐंठन की समस्या पैदा कर सकती है। लेकिन हमने पहले भी बताया अभी इसका स्पष्ट कारण पता नहीं है। इससे संबंधित शोध पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन के लक्षण

गर्भावस्था के दौरान जब भी महिलाओं को पैरों में ऐंठन महसूस होती है तो उसके साथ-साथ महिलाओं की मांसपेशियों में खिंचाव हो जाता है। उन्हें पैरों में सनसनी महसूस होती है। मांसपेशियों में दर्द महसूस होता है। महिलाओं का प्रभावित स्थान सुन्न हो जाता है या फिर उन्हें जलन महसूस हो सकती है।

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पैरों में ऐंठन होने के उपचार

ऊपर बताए गए कारणों के आधार पर उपचार निम्न हैं-

1 - लंबे समय तक एक जगह पर ना बैठे रहें। थोड़े-थोड़े समय टहलें या महिलाओं को सुबह-शाम वॉक करने से भी आराम मिलेगा। ऐसे में वॉक करने का सही तरीका पता होना जरूरी है

2 - गर्भावस्था के दौरान हाथ-पैरों का मूवमेंट करते रहें।

3 - पैरों में ऐंठन होने पर प्रभावित स्थान पर बर्फ लगाएं।

4 - ऐंठन होने पर प्रभावित स्थान पर हल्का हल्का मालिश करते रहें। मालिश के लिए आप गोले का तेल या गर्म सरसों का तेल आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

5 - अगर आपका पैर एक स्थान पर मुड़ गया है तो उसे विपरीत दिशा पर ले जानें की कोशिश करें।

6 - पैरों में ऐंठन रात के समय हुई है तो अपने पैरों को ऊपर उठाने के लिए तकिए का इस्तेमाल करें। ऐसा करने से आराम मिलेगा।

7 - कैल्शियम का सेवन, मैग्नीशियम का सेवन जरूर करें। इसके लिए आप डायटिशियन की मदद भी ले सकते हैं।

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गर्भावस्था के दौरान पैरों में ऐंठन से बचाव

1 - गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अपनी दिनचर्या में व्यायाम को जोड़ें। लेकिन हल्के-फुल्के व्यायाम जैसे टहलना, योग आदि की हो जाड़ें। इसके लिए आप किसी योगा एक्सपर्ट की मदद भी ले सकते हैं। 

2 - गुनगुने पानी से स्नान करने से गर्भावस्था के दौरान इस समस्या से बचा जा सकता है।

3 - गर्भावस्था के दौरान हाथों और पैरों की मालिश करें।

4 - इस समस्या से बचाव के लिए संतुलित आहार भी आपके काम आ सकता है। ऐसे में आप अपनी डाइट में हरी सब्जी, टोफू, बदाम, मकई, संतरे का रस, अनाज, दूध, दही, पनीर आदि को जोड़ें। साथ ही आप अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले एक बार एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

5 - गर्भावस्था के दौरान महिलाएं भरपूर मात्रा में पानी पिएं। वरना शरीर में पानी की कमी भी इस समस्या से छुटकारा दिला सकती है।

6 - गर्भावस्था के दौरान अकसर महिलाएं टाइट शूज या हाई हील्स पहन लेती हैं। ऐसे में इस आदत को तुरंत बदलें। बढ़ता वजन इस समस्या का सामना करा सकता है। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान हाई हिल्स को ना पहनें। 

7 - गर्भावस्था के दौरान महिलाएं नियमित रूप से स्ट्रैचिंग करें

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नोट - ऊपर बताए गए बिंदुओं से पता चलता है कि गर्भावस्था के दौरान पैरों की ऐंठन एक आम समस्या है। लेकिन ये समस्या महिलाओं के लिए बेहद दर्दनाक हो सकती है। ऐसे में इससे बचाव जरूरी है। ऊपर दिए बचानव के बिंदु आपके काम आ सकते हैं। वहीं अगर ये समस्या हो गई है कि घबराने की जरूरत नहीं है ऊपर बताए गए उपचार भी आपके काम आ सकते हैं। लेकिन अगर ये समस्या बढ़ती जा रही है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। लापरवाही के कारण आपकी सेहत और बच्चे की सेहत दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। बता दें कि प्रेगनेंसी के दौरान पैरों में ऐंठन अंतिम महीनों में होना आम है। इसके अलावा डिलीवरी के बाद यह समस्या खुद-ब-खुद खत्म हो जाती है। ये खुलासा भी एक रिसर्च में वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है। ऐसे में रिसर्च पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

इस लेख में इस्तेमाल की जानें वाली फोटोज़ Freepik से ली गई हैं।

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