हार्ट (हृदय) वाल्व में लीकेज के क्या कारण हो सकते हैं? जानें इसके लक्षण और इलाज के तरीके

हार्ट (हृदय) वाल्व में लीकेज की समस्या दिल से जुड़ी एक गभीर समस्या है, एक्सपर्ट से जानें इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में।

Prins Bahadur Singh
Written by: Prins Bahadur SinghPublished at: Aug 03, 2021Updated at: Aug 03, 2021
हार्ट (हृदय) वाल्व में लीकेज के क्या कारण हो सकते हैं? जानें इसके लक्षण और इलाज के तरीके

दिल (हृदय) हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है जो 24 घंटे बिना रुके हुए लगातार काम करता है। आज के समय में कई कारणों से दिल से जुड़ी बीमारियों से पीड़ित लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों की माने तो दुनियाभर में होने वाली मौतों की संख्या में दिल की बीमारी भी एक प्रमुख कारण है। दिल से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां खानपान और जीवनशैली की वजह से होती हैं। लेकिन कुछ ऐसी बीमारियां भी हैं जो आनुवंशिक या किसी अन्य कारण से भी किसी भी व्यक्ति में हो सकती हैं। हमारे हृदय में चार वाल्व होते हैं जिनका काम खून को सर्कुलेट करने में मदद करना होता है। ये वाल्व हृदय के अंदर खून के जाते समय खुलते हैं और बाहर निकलते समय भी खुलते हैं। खून के उचित और सही सर्कुलेशन के लिए हृदय वाल्व का सही ढंग से काम करना सबसे जरूरी होता है। दिल से जुड़ी बीमारियों या अन्य चिकित्सा स्थितियों के कारण कभी-कभी ये वाल्व सही ढंग से अपना काम नहीं कर पाते हैं। हार्ट वाल्व में होने वाली एक बड़ी समस्या है हार्ट वाल्व लीकेज, इस समस्या में मरीज को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हार्ट वाल्व लीकेज (Leaky Heart Valve) की समस्या का प्रमुख कारण क्या है? इस समस्या में मरीज को दिखने वाले लक्षण और इसका इलाज कैसे किया जाता है? इन सभी सवालों के बारे में हमें जानकारी ली दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में काम कर रहे सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ के के कपूर से, आइये जानते हैं हार्ट (हृदय) वाल्व में लीकेज की समस्या के बारे में विस्तार से।

क्या होती है हार्ट (हृदय) वाल्व में लीकेज की समस्या (What Is a Leaky Heart Valve?)

इंसान के हृदय यानि दिल में चार वाल्व होते हैं जो रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने का काम करते हैं। ये चार वाल्व माइट्रल वाल्व, ट्राइकसपिड, एओर्टिक और पल्मोनरी दिल के बाहरी दीवार से जुड़े होते हैं। जब हमारा हृदय शरीर के अंगों में खून की आपूर्ति करता है तो ये वाल्व खुलते और बंद होते हैं। जब हृदय के इन वाल्व में खराबी आती है तो इस स्थिति को हार्ट वाल्व डिजीज कहा जाता है। दिल की धड़कन भी इन्हीं वाल्व के खुलने और बंद होने की वजह से होती है। वाल्व का काम शरीर के अंगों में सही मात्रा में खून भेजना होता है। वाल्व के सही ढंग से बंद न होने या सही ढंग से न खुलने की समस्या को हार्ट वाल्व लीकेज की समस्या कहते हैं। इसे लीकी हार्ट वॉल्व, हार्ट वॉल्व रिगर्जिटेशन भी कहा जाता है। वाल्व में लीकेज होने की वजह से हमारा हृदय सही तरीके से शरीर के अंगों में खून की सप्लाई नहीं कर पाता है जिसकी वजह से कई अन्य समस्याएं भी उत्पन्न होती हैं। हार्ट वाल्व में लीकेज की वजह से हार्ट फेलियर, हृदय गति का रुकना और हार्ट अटैक की समस्या भी होती है। इन परिस्थितियों में कभी-कभी मरीज को अपनी जान भी गंवानी पड़ सकती है।

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हार्ट वाल्व में लीकेज के कारण (Leaky Heart Valve Causes)

हमारे हृदय में मौजूद चार वाल्व रक्त को सही दिशा में प्रवाहित करने में मदद करते हैं। हर एक वाल्व में फ्लैप होते हैं जो हमारे दिल के धड़कने के समय कहते और बंद हो जाते हैं। हार्ट वाल्व में लीकेज होने की समस्या में ये वाल्व सही तरीके से खुलते या बंद नहीं होते हैं जिसकी वजह से हमारे शरीर में रक्त का संचार सही ढंग से नहीं हो पाता है। हार्ट वाल्व में लीकेज की समस्या कई कारणों से हो सकती है। कुछ लोगों में यह समस्या जन्म के समय से ही होती है। इसके अलावा दिल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की वजह से भी हार्ट वाल्व में लीकेज की समस्या होती है। आइये जानते हैं हार्ट वाल्व में लीकेज की समस्या के प्रमुख कारणों के बारे में।


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हार्ट वाल्व में लीकेज की समस्या के लक्षण (Leaky Heart Valve Symptoms)

आमतौर पर हार्ट वाल्व में लीकेज की समस्या में कोई विशेष लक्षण नहीं दिखाई देते हैं। शुरुआत में इस समस्या की वजह से मरीज को कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है लेकिन जैसे-जैसे ही यह समस्या बढ़ने लगती है मरीज को गंभीर लक्षणों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा हार्ट वाल्व में लीकेज होने पर आपके शरीर में ब्लड सर्कुलेशन पर प्रभाव पड़ता है। हार्ट वाल्व में लीकेज होने की समस्या में दिखने वाले प्रमुख लक्षण इस प्रकार से हैं।

  • दिल की धड़कन में बदलाव।
  • चक्कर आना या बेहोशी।
  • सीने में दर्द या दबाव।
  • सांस लेने में तकलीफ
  • पैर और टखनों में सूजन।
  • अत्यधिक थकान।

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हार्ट वाल्व में लीकेज का इलाज (Leaky Heart Valve Treatment)

हार्ट वाल्व में लीकेज एक गंभीर समस्या है। इसके लक्षण दिखने पर चिकित्सक सबसे पहले मरीज की जांच करते हैं। कुछ सामान्य मामलों में बिना उपचार के भी मरीज ठीक हो सकता है लेकिन स्थिति गंभीर होने पर इलाज और सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है। चिकित्सक मरीज की जांच के लिए इन परीक्षणों का सहारा ले सकता है।

  • कार्डिएक सीटी स्कैन
  • छाती का एक्स - रे
  • कार्डियक कैथीटेराइजेशन
  • इकोकार्डियोग्राम

इसके बाद मरीज की स्थिति के हिसाब से चिकित्सक इस समस्या का इलाज करते हैं। जिन मरीजों में स्थिति खतरे से बाहर होती हैं उन्हें दवाओं के सेवन की सलाह दी जाती है। लेकिन गंभीर स्थितियों में मरीज को सर्जरी की प्रक्रिया से ही गुजरना पड़ता है। जिसमें वाल्व पर क्लिप लगाने से लेकर वाल्व को बदलने का काम भी किया जा सकता है।

हार्ट वाल्व लीकेज की समस्या से बचाव के टिप्स (Tips to Prevent Leaky Heart Valve Problem)

दिल की सेहत का ध्यान रखने से इससे जुड़ी बीमारियों से ग्रसित होने से बचा जा सकता है। ज्यादातर लोगों में दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण उनका खानपान और जीवनशैली होती है। इसलिए दिल को हेल्दी बनाये रखने के लिए खानपान और जीवनशैली पर ध्यान देना चाहिए। अगर आपके परिवार में दिल की बीमारियों का चलन है तो ऐसे में आपको विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। नियमित रूप से व्यायाम और दिल के लिए फायदेमंद फूड्स का सेवन करने से आप दिल से जुड़ी बीमारियों का शिकार होने से बच सकते हैं। हार्ट वाल्व लीकेज की समस्या से बचने के लिए आप इन बातों पर अमल कर सकते हैं।

  • धूम्रपान और शराब के सेवन से दूरी बनाएं।
  • दिल के लिए फायदेमंद संतुलित, पौष्टिक आहार का सेवन करें।
  • नियमित रूप से व्यायाम करें।
  • नमक और अधिक मात्रा में फैट वाली चीजों का सेवन कम करें।
  • अपने वजन को नियंत्रित रखें।
  • समय-समय पर अपने दिल के सेहत की जांच करें।
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हार्ट वाल्व में लीकेज एक गंभीर समस्या है। इस समस्या में लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए। अगर आप पहले से दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं तो अपने खानपान और दिल की सेहत का विशेष ध्यान रखें। हार्ट वाल्व की समस्या जन्मजात होने पर समय-समय पर इसकी जांच जरूर कराएं।

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