कार्डियक अरेस्ट क्‍यों होता है? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें इसका कारण और बचाव का तरीका

Cardiac Arrest in Hindi: कार्डियक अरेस्ट क्या बीमारी है और इसके लक्षण क्या हैं? बता रहे हैं वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार डोरा।

Anurag Anubhav
Reviewed by: डॉ संतोष कुमार डोराUpdated at: Feb 14, 2022 18:32 ISTWritten by: Anurag Anubhav
कार्डियक अरेस्ट क्‍यों होता है? कार्डियोलॉजिस्ट से जानें इसका कारण और बचाव का तरीका

आजकल दिल की बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ती जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों में युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं। इसलिए ये जरूरी हो जाता है कि हम अपने दिल की सेहत को स्वस्थ रखने की कोशिश करें। दिल की बीमारी का एक प्रमुख कारण है कार्डियक अरेस्ट (Cardiac Arrest Meaning in Hindi)। कार्डियक अरेस्ट के बारे में बताने के लिए एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुंबई के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संतोष कुमार डोरा बता रहे हैं कार्डियक अरेस्ट क्या है और कैसे दिल को सुरक्षित रखा जाएं। आपको बता दें कि यह शिराओं से पंप किए गए रक्त को ऑक्सीजन के लिए प्राप्त करता है, फिर फेफड़ों से पूरे शरीर (बाएं हृदय) तक शुद्ध रक्त प्राप्त करता है। कार्डियक अरेस्ट तब होता है जब यह पंपिंग फंक्शन अचानक रुक जाए। इस स्थिति में या तो दिल बिल्कुल भी नहीं धड़कता है या फिर काफी ज्यादा तेजी से धड़कता है कि पंप पूरी तरह से काम नहीं कर पाता है। 

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कार्डियक अरेस्ट के लक्षण (Cardiac Arrest Causes in Hindi)

कार्डियक अरेस्ट होने के कुछ समय बाद ही व्यक्ति गिर जाता है और बेहोश की हालत में होता है। फिर दिल की धड़कन और सांस रुक जाती है। जब तक कार्डियोपल्मोनरी पुनर्जीवन शुरू नहीं किया जाता है और तब तक जारी रखा जाता है जब तक कि शॉक थेरेपी (डिफिब्रिलेशन) नहीं दी जाती है, तो व्यक्ति कुछ ही मिनटों में दम तोड़ देता है।

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट में अंतर (Difference between Cardiac Arrest and Heart Attack)

हृदय की मांसपेशियों में तीन धमनियां रक्त की आपूर्ति प्रदान करती हैं, लेकिन अगर इनमें से एक भी धमनी अवरुद्ध होती है जो ऐसे में दिल का दौरा पड़ सकता है। यह हृदय के उन जगहों में रक्त की आपूर्ति को रोक देता है जहां इसकी आपूर्ति पहले की गई थी। हृदय की मांसपेशी किसी भी ज्यादा काम नहीं करती है। इस स्थिति में दिल का दौरा पड़ने से पहले छाती के आगे और पीछे दर्द होता है। कुछ मामलों में, दर्द और जबड़े को जकड़ना हो सकता है। दिल का दौरा पड़ने वाले कुछ रोगियों को बस ज्यादा से ज्यादा सांस की तकलीफ हो सकती है या हल्के सीने में भारीपन हो सकता है। 

दिल का दौरा पड़ने से पीड़ित 30% तक रोगियों का दिल काम करना बंद कर देता है। अगर आपके सामने कोई भी व्यक्ति सीने में दर्द को लेकर गिर जाए या बेहोश हो जाए तो आपको तुरंत एंबुलेंस को कॉल करना चाहिए साथ ही कार्डियक मसाज देनी चाहिए, इससे आप किसी की जान बचा सकते हैं। 

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कार्डियक अरेस्ट से बचाव (Prevention From Cardiac Arrest)

  • कार्डियक अरेस्ट की स्थिति से बचाव करने के लिए आपको एक अच्छे लाइफस्टाइल की जरूरत है साथ ही मधुमेह, उच्च रक्तचाप और डिस्लिपिडेमिया जैसी बीमारियों वाले लोगों को अपना खास ख्याल रखना चाहिए। 
  • पूरी तरह से धूम्रपान का सेवन बंद कर दें। 
  • इसके अलावा आहार वसा और चीनी में कम होना चाहिए। 
  • नियमित रूप से आपको व्यायाम करना चाहिए। 

कार्डियक अरेस्ट हिस्ट्री वाले मरीज क्या करें

  • अपने परिवार के सदस्यों और सहकर्मियों को आपातकालीन नंबर दें, ताकि कभी भी गंभीर स्थिति पैदा होने पर वे किसी से मदद मांग सके।
  • रक्त पैरामीटर और कार्डियक चेक-अप के लिए नियमित डॉक्टर से संपर्क करते रहें।
  • हमेशा स्वस्थ आहार लें, जिसमें नमक का सेवन कम होना चाहिए। अगर आपका हृदय पंपिंग फंक्शन कम है तो आपको बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और बताएं गए नियमों का पालन करना चाहिए। 
  • नियमित रूप से आपको व्यायाम करने की आदत डालनी चाहिए। 

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कार्डियक अरेस्ट में क्या न करें

  • स्वास्थ्य को हानि पहुंचाने वाले आहार से हमेशा दूरी बनाए रखें। 
  • अगर आपका हृदय पंपिंग कम है, तो फुफ्फुसीय एडिमा भी हो सकता है, एक ऐसी स्थिति जहां फेफड़ों में तरल पदार्थ भर जाता है जिसके कारण आपको सांस लेना काफी मुश्किल हो जाता है। 
  • हृदय की समस्या में कुछ देर ही व्यायाम करें ज्यादा देर तक व्यायाम न करें। 
  • धूम्रपान बिलकुल भी न करें।

 

इनपुट्स: डॉ. संतोष कुमार डोरा, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, एशियन हार्ट इंस्टीट्यूट, मुम्बई

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