
Preventive Measures To Avoid Cardiac Arrest At A Young Age In Hindi: कार्डियक अरेस्ट का मतलब है कि दिल का धड़कन रुक जाना या फिर इतनी तेज धड़कना कि ब्लड पंप होना बंद हो जाना है। इसे एक मेडिकल इमर्जेंसीस के रूप में जाना जाता है। एक समय तक इस तरह की समस्या बुजुर्गों में ज्यादा देखी जाती है। जबकि, जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है, वैसे-वैसे युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। हैरानी की बात तो ये है कि कई जगहों पर बच्चे भी सडेन कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो रहे हैं। आपको बता दें कि अगर सडेन कार्डियक अरेस्ट के बाद मरीज को तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट न मिले, तो उसकी मृत्यु हो जाती है। इसी बात से आप सडेन कार्डियक अरेस्ट की गंभीरता का अंदाजा लगा सकते हैं। पिछले साल हमारे देश में कई ऐसे मामले सामने आए थे, जब व्यक्ति किसी फंक्शन, पार्टी में एंजॉए कर रहा है और अचानक कार्डियक अरेस्ट के कारण मौके में ही मृत्यु हो गई। ऐसा किसी और के साथ न हो, इसके लिए बहुत जरूरी है कि युवास्था से अपनी सेहत की ओर विशेष ध्यान दिया जाए। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए किस तरह की जरूरी टिप्स अपना सकते हैं।
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कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट से बचने के टिप्स- Preventive Measures To Avoid Cardiac Arrest At A Young Age In Hindi

मौजूदा जीवनशैली के कारण कम उम्र में ही लोगों को हार्ट से जुड़ी तमाम बीमारियां हो रही हैं। यहां बताए गए टिप्स की मदद से आप कार्डियक अरेस्ट जैसे गंभीर मेडिकल कंडीशन से बचे रहने में सफल हो सकते हैं-
फैमिली हिस्ट्री के बारे में जानें
कार्डियक अरेस्ट से बचने के लिए बहुत जरूरी है कि आपको अपनी फैमिली की मेडिकल हिस्ट्री पता हो। कार्डियक अरेस्ट जैसी गंभीर मेडिकल कंडीशन ही नहीं, बल्कि किसी भी तरह की बीमारी से बचने के लिए जरूरी है कि आपको अपनी फैमिली की मेडिकल हिस्ट्री पता हो। इससे आपाके यह पता चल जाएगा कि किस तरह की बीमारियों का रिस्क आपको ज्यादा है और बचाव के लिए उपयोगी कदम उठा सकेंगे।
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रेगुलर चेकअप करवाएं
ज्यादातर विशेषज्ञ यह सलाह देते हैं कि हर व्यक्ति को नियमित रूप से रूटीन चेकअप करवाते रहना चाहिए। इससे किसी भी तरह की बीमारी को पहले से डायग्नॉस करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, समय रहते सही ट्रीटमेंट मिलने से रिकवरी के चांसेस भी बढ़ जाते हैं। खराब जीवनशैली का हिस्सा होने के कारण युवाओं को इस ओर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
नशीले पदार्थों से दूर रहें
नशीले पदार्थ, धूम्रपान का हमारे ओवर ऑल हेल्थ पर बहुत असर पड़ता है। खासकर, हार्ट हेल्थ बहुत ज्यादा प्रभावित होता है। जो लोग रेगुलर स्मोकिंग करते हैं, सामान्य लोगों की तुलना में उन्हें कार्डियक अरेस्ट का रिस्क अधिक होता है। इस तरह की कंडीशन से बचने के लिए आवश्यक है कि आप धूम्रपान न करें और तरह की नशीले पदार्थ से दूर रहें। हालांकि, धूम्रपान छोड़ना आसान नहीं होता है। जरूरी हो, तो इसके लिए एक्सपर्ट की मदद लें।
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हेल्दी डाइट फॉलो करें
हेल्दी डाइट फॉला करने से हर तरह की बीमारियों से बचे रहने में मदद मिलती है। ध्यान रखें कि शरीर को जितने पोषक तत्व मिलेंगे, शरीर के लिए हेल्दी रहना, उतना ही आसान होगा। आज की तारीख में युवाओं में डाइट में ज्यादा रेडी टू ईट फूड शामिल हो गए हैं। इस तरह की चीजें स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती हैं और हार्ट हेल्थ पर बुरा असर डालती है। इसलिए, कोशिश करें कि हमेशा घर का बना खाना खाएं। डाइट में मौसमी फल, सब्जियां आदि शामिल करें।
एक्सरसाइज जरूर करें

ज्यादातर युवा कामकाजी हैं। आज की तारीख में डेस्क जॉब ज्यादा हो गए हैं। नतीजतन, युवाओं की फिजिकल एक्टिविटी बिल्कुल खत्म हो गई है। यह बिल्कुल सही नहीं है। रोजाना 8 से 10 घंटे एक ही जगह बैठकर काम करने की वजह से हार्ट पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इससे बचने के लिए आवश्यक है कि आप रोजाना एक्सरसाइज करें। आपको बता दें कि एक्सरसाइज करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने, ब्लड प्रेशर को मैनज करने में भी मदद मिलती है। हार्ट हेल्थ में सुधार के लिए, इन सबका सही होना बहुत जरूरी है।
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