International Tea Day 2021: पहाड़ी लोग इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए पीते हैं ये 5 तरह की चाय, जानें इनके फायदे

ये पांचों प्रकार की चाय पीने से इम्युनिटी बूस्ट होती है। कोरोना से लड़ने के लिए मजबूती इम्युनिटी की आवश्यकता है। 

 

Meena Prajapati
Written by: Meena PrajapatiPublished at: May 07, 2021Updated at: May 21, 2021
International Tea Day 2021: पहाड़ी लोग इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए पीते हैं ये 5 तरह की चाय, जानें इनके फायदे

पहाड़ी लोगों की जिंदगी समतल जमीन पर रहने वाले लोगों से ज्यादा संघर्षों से भरी होती है। वहां उतनी सुविधाएं नहीं होतीं जितनी, मुंबई, दिल्ली, चेन्नई जैसे महानगरों में लोगों को मिलती हैं। ऐसे में पहाड़ी लोगों को अपने हर दिन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। कोरोना के इस समय में जहां लोग इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए तमाम तरह के उपाय अपना रहे हैं तो वहीं, इम्युनिटी बूस्टर के नाम पर उत्पाद बेचने वाली कंपनियां खूब मुनाफा कमा रही हैं। यह बात अलग है कि उन उत्पादों से लोगों की इम्युनिटी कितनी बूस्ट हो रही है। लेकिन पहाड़ के लोगों के पास अपना नेचुरल इम्युनिटी बूस्टर है, और वो है चाय। पहाड़ी लोग कई तरह की चाय पीते हैं। जिनमें से आज हम पांच तरह की चाय के बारे में जानेंगे। पहाड़ी लोग कैमोमाइल, जंगली तुलसी, तेजपत्ता, काली चाय और लेमनग्रास की चाय ज्यादा पीते हैं। नमामी लाइफ में न्युट्रीशनिस्ट डॉक्टर शैली तोमर से आज हम जानेंगे इन पांचों प्रकार की चाय के पीने के फायदे। दूसरा यह पांचों प्रकार की चाय कोविड के समय में पीने से क्या फायदा है। 

1.  कैमोमाइल और लेमन ग्रास की चाय पीने के फायदे

पहाड़ी लोग कैमोमाइल और लेमन ग्रास की चाय अक्सर रात को सोने से पहले लेते हैं। क्योंकि इसे पीने से नींद आती है। न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर ने इसे साथ पीने के निम्न फायदे बताए हैं। 

इम्युनिटी बूस्टर

लेमनग्रास एक शक्तिशाली औषधि है जिसमें कई एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जैसे क्लोरोजेनिक एसिड (chlorogenic acid) जो इम्युनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है। 

बैक्टीरिया और फंगस से लड़े

लेमनग्रास में एंटीमाइक्रोबियल प्रॉपर्टी होती हैं, जो बैक्टीरिया और फंगस के विरुद्ध लड़ती हैं। इससे आपको बैक्टीरिया से होने वाली परेशानियों से बचाव मिलता है। 

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इंफ्लेशन को कम करे

लेमनग्रास की चाय पीने से इंफ्लेशन कम होता है। लेमनग्रास में सिट्रल होता है। यह एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लामेंटरी कंपाउड है जो शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करता है। कोविड के समय इंफ्लेशन की समस्या ज्यादा देखने में आ रही है। इसलिए इस समय में लेमनग्रास की चाय पीना फायदामेंद है। 

कैंसर को रखे दूर

डॉक्टर शैली तोमर का कहना है कि लेमनग्रास में सिट्रल कंपाउंड होने की वजह से यह एंटी कैंसर प्रॉपर्टी से भी भरपूर है। इसकी चाय पीने से इम्युन सिस्टम मजबूत होता है। लेमनग्रास की चाय पीने से पाचनतंत्र भी मजबूत रहता है। लेमनग्रास की चाय पीने से कोलेस्ट्रोल लेवल ठीक रहता है, यह माहवारी के समय होने वाले दर्द में भी सहायक है। इसके अलावा अगर अफरा की समस्या हो जाए तो उसमें भी सहायक है। कैमोमाइल में एपीजेनिन कंपाउंड होने की वजह से यह चाय एंटी-कैंसर हो जाती है। यह कंपाउंड इम्युनिटी बूस्ट करने में मदद करता है। 

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ब्लड शुगर नियंत्रण करे

कैमोमाइल एक फूल होता है जिसको मसलकर चाय में डाला जाता है। यह प्राचीन समय से प्रयोग में लाया जा रहा है। इसकी चाय बहुत खुशबुदार होता है। कैमोमाइल की चाय पीने से ब्लड शुगर नियंत्रित रहता है और यह डायबिटीज से भी बचाता है। 

अनिद्रा की समस्या करे दूर

कोरोनाकाल में लोगों में एंग्जाइटी की परेशानी बढ़ी है। जिस वजह से अनिद्रा की समस्या भी बढ़ी है। हर तरफ दिखती असुविधाओं की वजह से लोग होपलेस हो गए हैं। ऐसे में उनकी नींद उड़ गई है। यही वजह है कि लोगों में मानसिक तनाव बढ़ने लगा है। लेकिन न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि लेमनग्रास और कैमोमाइल की चाय साथ पीने से दिमाग शांत होता है। पर ध्यान रहे कि यह चाय रात को सोने से पहले ली जाए। दिमाग और शरीर शांत होने की वजह से अनिद्रा की समस्या दूर होती है और नींद अच्छी आती है। डॉक्टर शैली का कहना है कि इसे पीने से 15 से 20 मिनट के भीतर नींद आ जाती है। कैमोमाइल में एपिजेनिन (apigenin) कंपाउंड होता है जो हेल्दी स्लीप को प्रमोट करता है। 

गले के दर्द में सहायक

कोरोना के समय में लोगों को गले में दर्द और जकड़न महसूस हो रही है। अगर आपको यह लक्षण दिखाई दे रहे हैं और साथ में बुखार और खांसी भी है तो एक बार कोविड का टेस्ट करा लें। लेकिन अगर यह मौसमी परेशानी है तो यह चाय से ही खत्म हो जाएगी। हालांकि कैमोमाइल और लेमनग्रास कोरोना के लक्षणों को भी कम करने में सहायक है। 

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कैमोमाइल और लेमनग्रास की चाय बनाने की विधि (Recipe of Chamomile and Lemon Grass Tea)

कैमोमाइल और लेमनग्रास की चाय आप चाहें तो अलग-अलग भी बना सकते हैं और साथ में भी। पर यहां हम आपको दोनों को साथ मिलाकर चाय बनाने की विधि बता रहे हैं। 

अगर एक व्यक्ति के लिए चाय बनाई जा रही हो तो-

  • दो कप पानी को उबाल लें।
  • दो फूल कैमोमाइल के और 2 दूब लेमनग्रास की उबले हुए पानी में डालें। 
  • स्वादनुसार चीनी मिलाएं।
  • जब तक पानी में केमोमाइल और लेमनग्रास का रंग न आ जाए तब तक उबालते रहें। 
  • अब छानकर चाय पी लें। 

2.  जंगली तुलसी की चाय पीने के फायदे

जंगली तुलसी को बर्बरी तुलसी भी कहा जाता है। इसकी चाय पीने के कई औषधीय गुण हैं। 

सिरदर्द और गले के दर्द में सहायक

जंगली तुलसी में दर्द निवारक गुण होते हैं। इसकी चाय पीने से गले का दर्द और सिर का दर्द दूर होता है। कोरोना के समय में बहुत से लोगों को गले में दर्द और खराश की दिक्कत हो रही है, अगर आप पॉजिटिव हैं, तो यह चाय आपके दर्द को कम करेगी। 

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बुखार ठीक करे

जंगली तुलसी की चाय बुखार को भी ठीक करती है। न्यूट्रीशनिस्ट शैली तोमर का कहना है कि रोजना बिना दूध की जंगली तुलसी की चाय पीने से बुखार की परेशानी जल्दी ठीक हो जाती है। 

जंगली तुलसी की चाय बनाने की विधि

अगर एक व्यक्ति के लिए चाय बन रही है तो यह विधि है।

  • दो कप पानी को उबालें
  • उबलते पानी में चार से पांच जंगली तुलसी के पत्ते डालें।
  • स्वादनुसार चीनी, गुण या शहद डालें। 
  • गुनगुना होने पर छानकर पी लें।

3.  काली चाय पीने के फायदे

दिल की बीमारियों को करे दूर

काली चाय एक तरह का काढ़ा है। जिसमें दूध नहीं डाला जाता है। इसे पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल ठीक रहता है। जिससे हृदय से जुड़ी परेशानियां कम होती हैं। 

इम्युनिटी बूस्टर

काली चाय इम्युनिटी बूस्ट करती है। सुबह-सुबह इसे पीने से शरीर में ताजगी आती है। साथ ही कोविड के समय में काली चाय पीना बहुत लाभदायक है। इस चाय को पीने से कफ की समस्या भी दूर रहती है।

काली चाय बनाने की विधि

एक व्यक्ति के लिए काली चाय बनाने की विधि

  • दो कप पानी में अदरक, चाय पत्ती और चीना डालें। 
  • इस चाय में दूध नहीं डाला जाता है। 
  • छान कर पी लें। 

4.  तेजपत्ता की चाय पीने के फायदे

पाचन में मददगार

अभी तो कोरोना की वजह से लोगों का खानपान बेहतर हुआ है, लेकिन उससे पहले जंक फूड ज्यादा खाते थे, जिसकी वजह से उन्हें पाचन संबंधी परेशानियां अधिक होती थीं। तेजपत्ता में एक एंजाइम होता है जो प्रोटीन को ब्रेकडाउन करता है जिससे पाचन संबंधी परेशानियां दूर होती हैं। 

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घाव ठीक करे

तेजपत्ता की चाय घाव को ठीक करने में,  एंटीऑक्सीडेंट एक्टिविटी में, एंटी-बैक्टीरियल एक्टीविटी, एंटीवायरल एक्टीविटी, एंटीफंगल एक्टिविटी आदि में मदद करता है। 

तेजपत्ता की चाय बनाने की विधि

तेजपत्ता की चाय बनाने के लिए दो कप पानी में काली मिर्च, चार तेजपत्ता, अदरक और चीनी डालकर उबाल लें। पानी में रंग आने तक उबलने दें। अब इसे छानकर पी लें। इससे नींद अच्छी आती है। 

5. अदरक और लहसुन की चाय पीने के फायदे

अदरक और लहसुन की चाय पीने से जुकाम, खांसी और साइनस जैसी परेशानियां दूर होती हैं। साथ ही इम्युनिटी भी मजबूती होती है।

ऊपर बताई गई पांचों प्रकार की चाय पीने से इम्युनिटी बूस्ट होती है। कोरोना से लड़ने के लिए मजबूती इम्युनिटी की आवश्यकता है। ये पांचों चाय शरीर को कई अन्य फायदे देती हैं। 

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