साइलेंट किलर है हाई ब्लड प्रेशर, एक्सपर्ट से जानें ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण, लक्षण और डाइट टिप्स

हाई ब्लड प्रेशर आपके दिल और शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है। ऐसे में जरूरी ये है कि आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करें।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Dec 03, 2020
साइलेंट किलर है हाई ब्लड प्रेशर, एक्सपर्ट से जानें ब्लड प्रेशर बढ़ने का कारण, लक्षण और डाइट टिप्स

हाई ब्लड प्रेशर  (high blood pressure) से दुनिया भर की एक बड़ी आबादी पीड़ित है।  ये एक साइलेंट किलर की तरह (is high blood pressure silent killer)काम कर रहा है, जो लाखों की लोगों की जान ले रहा है। 2017 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (National Family Health Survey)की मानें,  तो हर आठ में से एक भारतीय हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित है। भारत में हाई ब्लड प्रेशर समय से पहले होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से भी एक है। पर आज कल खराब लाइफस्टाइल और स्ट्रेस भरे जीवन के कारण ये परेशानी कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रही है। इसलिए हमने ब्लड प्रेशर के बारे में विस्तार से जानने के लिए  डॉ. निहार मेहता (Dr.Nihar Mehta), कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट, जसलोक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर से बात की।

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क्या होता है हाई ब्लड प्रेशर?

डॉ. निहार मेहता की मानें, तो हाई ब्लड प्रेशर का मतलब, ब्लड के उस प्रेशर से है, जो कि मूल रूप से हमारी धमनियों (arteries)से गुजर रही होती है। जब ये प्रेशर किसी तय स्तर से ऊपर चला जाता है, इसे हम हाई ब्लड प्रेशर कहते हैं। डॉ. निहार मेहता बताते हैं कि बचपन से लेकर बड़े होने तक ब्लड प्रेशर में काफी बदलाव आता है। पर व्यस्क लोगों में ये स्थिति तब पैदा होती है, जब उनका ब्लड प्रेशर 90/140 mmHg पर या इसके ऊपर लगातार बना रहता है, तो ब्लड प्रेशर का हाई हो जाना कहते हैं।

हाई ब्लड प्रेशर का कारण क्या है?- What is the main cause of hypertension?

प्राथमिक कारण (essential hypertension)

डॉ. निहार मेहता कहते हैं कि 95 प्रतिशत लोगों में  हाई ब्लड प्रेशर का कोई विशेष कारण नजर नहीं आता है, जिसे हम एशेंशियल हाइपरटेंशन   (Essential hypertension) भी कह सकते हैं। इस तरह का उच्च रक्तचाप समय के साथ बिना किसी कारण के विकसित होता है। शोधकर्ता अभी भी स्पष्ट नहीं हैं कि किस कारण रक्तचाप धीरे-धीरे बढ़ता है। पर कुछ दूसरे कारण जिनकी वजह से हाई ब्लड प्रेशर या हाइपटेंशन (hypertension) होता है। जैसे कि 

जेनेटिक्स

कुछ लोग आनुवंशिक रूप से उच्च रक्तचाप के शिकार होते हैं। यह आपके माता-पिता से विरासत में मिली जीन उत्परिवर्तन या आनुवंशिक असामान्यताओं के कारण हो सकता है।

शारीरिक परिवर्तन

अगर आपके शरीर में कुछ बदलता है, तो आप अपने पूरे शरीर में कुछ समस्याओं जैसे कि ब्लड प्रेशर का बढ़ना महसूस कर सकते हैं। जैसे कि

  • - उम्र बढ़ने के कारण 
  • -आपके गुर्दे के कार्य में परिवर्तन के कारण
  • - तरल पदार्थ का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ा आदि। इन तमाम परिवर्तनों के कारण आपके शरीर का रक्तचाप बढ़ सकता है।

एक खराब लाइफ स्टाइल

हाई ब्लड प्रेशर का एक बड़ा कारण हमारी खराब लाइफ स्टाइल है। दरअसल, समय के साथ, शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कि एक्सरसाइज में कमी और अनहेल्दी डाइट इस स्थिति को और खराब करती है। साथ ही खाने में सोडियम यानी कि नमक की मात्रा (Salt Intake) का ज्यादा होना भी इस स्थिति को और खराब करता है।

सेकेंडरी हाइपरटेंशन (Secondary Hypertension)

डॉ. निहार बताते हैं कि एशेंशियल हाइपरटेंशन   (Essential hypertension) को छोड़ दें, तो हाई ब्लड प्रेशर के कुछ अन्य कारण भी हैं। डॉ. निहार कहते हैं कि 5 प्रतिशत लोगों में हाई ब्लड प्रेशर के दूसरे और गंभीर कारणों  में कुछ विशेष स्थितियां शामिल हैं। जैसे कि

  • -किडनी की धमनियों में  ब्लॉकेज के कारण हाई ब्लड प्रेशर का बढ़ जाना।
  • - बॉडी में किसी ट्यूमर के द्वारा हार्मोन सीक्रेट करना
  • -स्टेरॉयड का ज्यादा सेवन करना
  • -कुछ विशेष दवाइयों के कारण

ब्लड प्रेशर बढ़ने के क्या लक्षण होते हैं -How do you feel when you have high blood pressure?

डॉ. निहार बताते हैं कि इसके कारणों की तरह ही इसके हाई ब्लड के कुछ विशेष लक्षण नहीं है। ये चुपके से आता है और धीमे-धीमे ही शरीर को नुकसान पहुंचाता है। हालांकि आप हाई ब्लड प्रेशर के लक्षणों को ऐसे पहचान कर सकते हैं कि

  • -सिर में दर्द रहना
  • -सिर भारी सा रहना
  • -हार्ट बीट का फास्ट हो जाना
  • -सिर चकराना
  • -छाती में दर्द

हाई ब्लड प्रेशर के कारण होने वाली बीमारियां

डॉ. निहार बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर यानी कि हाइपरटेंशन बहुत खतरनाक है औक कई मामलों में ये जानलेवा भी हो सकता है।  इसके कारण पूरे शरीर पर असर पड़ता है। जैसे कि

    • - हाई ब्लड प्रेशर के कारण कोरोनरी धमियों में ब्लॉकेज (coronary artery blockage) की परेशानी हो सकती है।
    • -  हाई ब्लड प्रेशर हार्ट अटैक,  हृदय रोग और स्ट्रोक का कारण बनता है।
    • -  हाई ब्लड प्रेशर के कारण किडली से जुड़ी समस्याएं आ सकती हैं। 
    • -पैरों की आर्टीज में ब्लॉकेज की परेशानी हो सकती है।
    • -यहां तक कि आंखों और रेटिना पर भी इसका असर दिख सकता है।

ब्लड प्रेशर बढ़ने पर क्या करे?- What should we do when BP is high?

नमक की मात्रा को कम करें

डॉ. निहार बताते हैं कि नमक हमारे ब्लड प्रेशर को सीधे प्रभावित करता है। इसका मतलब ये नहीं है कि आप पूरी तरह से नमक खाना ही बंद कर दें, बस आपको अपने खान-पान में इसकी मात्रा को सीमित और संतुलित करना है। अगर हम बात भारतीय भोजन की करें, तो हमारे यहां एक दिन में हम लोग 10 से 12 ग्राम नमक लेते हैं, जहां हमें इसे 4 से 6 ग्राम तक सीमित करना चाहिए। इसके अलावा आपको उन चीजों को खाने से बचना चाहिए जिनमें कि बहुत ज्यादा नमक हो। जैसे कि

  • -अचार
  • -पापड़
  • -चिप्स
  • -मसाला
  • -नमकीन
  • -प्रोसेस्ड फूड्स
  • -सोया सोस
  • -कैचअप
  • -एमएसजी
  • -बजर चीज ब्रैड
  • -सोडा
  • -बिस्किट

खूब पानी पिएं

डॉ. निहार बताते हैं कि हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के लिए आपको जितना हो सके उतना पानी पीना चाहिए। ये शरीर के लिए तो अच्छा है ही, बल्कि ये आपके बढ़े हुए ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।

हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाएं?- Diet tips for high blood pressure

उच्च रक्तचाप को कम करने के लिए हमें एक हेल्दी डाइट लेनी की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए हमें अपनी डाइट में इन चीजों को शामिल करना चाहिए। जैसे कि

  • -फल
  • -सब्जियां
  • -साबुत अनाज
  • -सलाद आदि खाएं।
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कार्डियो एक्सरसाइज करें

हाई ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में कार्डियो एक्सरसाइज आपकी काफी मदद कर सकते हैं। ये आपको शारीरिक रूप से अधिक सक्रिय बना कर रक्तचाप को कम करने और आपके हृदय प्रणाली को मजबूत करने में मदद कर सकता है। इसलिए रोज कोई न कोई कार्डियो एक्सरसाइज जैसे कि 

  • -मोडरेट वॉकिंग
  • -साइकिल चलाना
  • -सीढियां चढ़ना
  • -वेट ट्रेनिंग
  • -स्विमिंग आदि करना चाहिए।

इसके अलावा आप स्ट्रेस कम करने के लिए योगा, ध्यान और तमाम प्रकारों की मेडिटेशन की  मदद ले सकते हैं। कुल मिलाकर यही कि आप एक एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करें।

गर्भावस्था के दौरान हाई ब्लड प्रेशर

डॉ. निहार बताते हैं कि गर्भवति महिलाओं के लिए हाई ब्लड प्रेशर अच्छा नहीं है। अगर गर्भावस्था के दौरान महिलाएं अपने ब्लड प्रेशर का रेगुलर चेक नहीं करवाती हैं, तो यह मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है। दरअसल, प्रेग्नेंसी के 20 हफ्ते के बाद ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। ये बच्चे के विकास को बाधित कर सकता है। इतना ही नहीं ये  Preeclampsia का कारण  भी बन सकता है। इसमें मां को किडनी और गुर्दे से संबंधित परेशानियां होती है। इसके अलावा ये स्थिति ब्लीडिंग और डिलवरी में भी परेशानी पैदा कर सकती है। इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को अपने ब्लड प्रेशर का खास ख्याल रखना चाहिए।

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तो, अपने खान-पान को सही रखें और एक एक्टिव लाइफस्टाइल फॉलो करें। साथ ही ज्यादा स्ट्रेस न लें। जितना हो सके उतना फिजकल रूप से एक्टिव रहने की कोशिश करें और मानसिक रूप से खुश रहना वाला लाइफस्टाइल फॉलो करें। इससे आप खुद को हाई ब्लड प्रेशर और इसके कारण होने वाली बीमारियों से बचा कर रख पाएंगे।

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