क‍िस कंडीशन में न लगवाएं कोरोना का टीका? ICMR एक्सपर्ट से जानें कोरोना वैक्सीन से जुड़े ऐसे 14 सवालों के जवाब

कोरोना वैक्‍सीन को लेकर आपके मन में भी उठ रहे हैं सवाल तो एक्‍सपर्ट से जानें कि कौनसी हैं वैक्‍सीन से जुड़ी जरूरी बातें। 

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurPublished at: Jan 29, 2021Updated at: Jan 29, 2021
क‍िस कंडीशन में न लगवाएं कोरोना का टीका? ICMR एक्सपर्ट से जानें कोरोना वैक्सीन से जुड़े ऐसे 14 सवालों के जवाब

दुन‍िया में आज से 1 साल पहले कोरोना से दस्‍तक दी थी। तब से आज तक काफी कुछ बदल चुका है। ये आपदा माहमारी के रूप में आई और हमें नए स‍िरे से सोचने पर मजबूर क‍िया। हमने पहली बार लॉकडाउन और बड़े स्‍तर पर कर्फ्यू देखा। कसौटी का इम्‍त‍िहान आया तो बड़े से लेकर छोटे स्‍तर के लोगों को आपदा झेलनी पड़ी। तमाम देशों के साइंट‍िस्‍ट ने म‍िलकर वैक्‍सीन तैयार की। अपने देश की बात करें तो कोरोना से बचाव का टीकाकरण अभियान 16 जनवरी से शुरू हुआ और  2 लाख से ज्‍यादा लोगों को अब तक वैक्‍सीन लग चुकी है। हालांक‍ि कोरोना वैक्‍सीन से जुड़े अब भी ऐसे कई सवाल हैं ज‍िनके जवाब लोगों के पास नही हैं। इसको ध्‍यान में रखते हुए इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के संक्रामक विभाग के हेड डॉ. समीरन पांडा ने ट्वीट चैट के जरिए लोगों के सवालों के जवाब द‍िए। आइए जानते हैं वैक्‍सीन से जुड़े 14 जरूरी बातें। 

covid vaccine queries

1. क‍िन लोगों को नहीं लगेगी वैक्‍सीन? (Who will not get COVID vaccine)

जो लोग गंभीर मेड‍िकेशन पर हैं उन्‍हें वैक्‍सीन नहीं लेनी चाह‍िए। जो लोग खून पतला करने के लिए ब्‍लड थ‍िनर्स या इंटर मस्‍कुलर इंजेक्‍शन ले रहे हैं उन्‍हें वैक्‍सीन लगवाने से थोड़ी परेशानी हो सकती है इसल‍िए अगर आप अपनी दवाओं को लेकर कंफ्यूज़ हैं तो डॉक्‍टर से सलाह लें। जो लोग क्रॉन‍िक मेड‍िकेशन पर हैं वो भी अपने डॉक्‍टर से सलाह लें। प्रेगनेंट और लैक्‍टिंग मदर्स को भी वैक्‍सीन नहीं लगाई जाएगी। अभी तक इस पर ट्रॉयल नहीं क‍िया गया है। 

2. ब्‍लीडिंग ड‍िस्‍ऑर्डर है तो न लगवाएं वैक्‍सीन (Avoid vaccine in bleeding disorder)

ब्‍लीडिंग ड‍िस्‍ऑर्डर के मरीज़ों को वैक्‍सीन नहीं लगवानी है। जैसे अगर आपको हीमोफ‍िल‍ीया है तो आपको वैक्‍सीन नहीं लगवानी चाह‍िए। भारत में लगाई जा रही दोनों वैक्‍सीन इंटर मस्‍कुलर इंजेक्‍शन से दी जा रही है इसलि‍ए ब्‍लीडिंग ड‍िस्‍ऑर्डर के मरीज़ों को वैक्‍सीन से मसल्‍स में ब्‍लीड‍िंग हो सकती है। ऐसे मरीज़ वैक्‍सीन अवॉइड करें। अगर आपको एनीम‍िया है तो उसके ठीक होने पर वैक्‍सीन लगवाएं। 

3. कैंसर के मरीज़ वैक्‍सीन ले सकते हैं? (COVID vaccine can be taken by cancer patients)

अगर मरीज़ का कैंसर का इलाज चल रहा है और आप ठीक हैं तो आप वैक्‍सीन लगवा सकते हैं। 

4. क्‍या प्राइवेट हेल्‍थ वर्कस को वैक्‍सीन लगेगा?  (Vaccine for private health workers)

अलग-अलग राज्‍य या संस्‍थान के डॉक्‍टरों के बीच कोई फर्क नहीं क‍िया गया है।  अगर आप सरकारी या गैर सरकारी अस्‍पताल में हैं या हेल्‍थ वर्कर हैं तो आपको वैक्‍सीन लगेगी। उसके ल‍िए आपको सरकारी ल‍िस्‍ट में अपना नाम शाम‍िल करवाना होगा। 

5. क्‍या ब्रेस्‍टफ‍ीड करवाने वाली मां वैक्‍सीन लगवा सकती है?  (Lacting and pregnent women will not be vaccinated)

वैक्‍सीन के ल‍िए क‍िए गए क्‍लीन‍िकल ट्रॉयल में प्रेगनेंट मह‍िलाओं को शाम‍िल नहीं क‍िया गया था इसल‍िए हम प्रेगनेंट या ब्रेस्‍टफीड करवाने वाली मांओं को वैक्‍सीन लगवाने की सलाह नहीं देंगे। अगले ट्रॉयल तक प्रेगनेंट या लैक्‍ट‍िंग मदर्स को वैक्‍सीन नहीं दी जाएगी। 

6. कोवोवैक्‍स वैक्‍सीन कब तक तैयार होगी? (Covovax)

covavax vaccine

डीसीजीआई भारत में ज्‍यादा से ज्‍यादा वैक्‍सीन मैनूफैक्‍चर्स को बढ़ावा दे रहा है ताक‍ि कई वैक्‍सीन सीटीआरआई के तहत रज‍िस्‍टर हो सके। सफल ट्रॉयल और स्‍टडी के बाद ही हम क‍िसी भी वैक्‍सीन को मान्‍यता देंगे। 

7. एलोपैथ‍िक दवाई के साथ वैक्‍सीन ले सकता हूं? (Vaccine is safe with alopathic medicine)

अगर आपको क‍िसी बीमारी के चलते कोई एलर्जी नहीं है तो आप वैक्‍सीन लगवा सकते हैं। जब तक कोई गंभीर एलर्जी न हो तब तक वैक्‍सीन लेना सेफ है। एलर्जी होने पर अपने डॉक्‍टर से सलाह लें।  

8. स‍िप्‍लॉक्‍स से एलर्जी है तो वैक्‍सीन लगेगी? (Avoid vaccine in allergy)

vaccine allergy

ये अच्‍छी बात है क‍ि आपको वैक्‍सीन न लगवाने की सलाह दी गई क्‍योंकि गंभीर एलर्जी के चलते वैक्‍सीन से र‍िएक्‍शन हो सकता है। अपने डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही वैक्‍सीन लगवाएं। 

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9. डायब‍िटीज़, हाइपरटेंशन या एचआईवी मरीज़ भी वैक्‍सीन लगवा सकते हैं? (Pateints who can take covid vaccine)

जी हां। जो लोग फ‍िज‍िश‍ियन के अंडर अपना ट्रीटमेंट करवा रहे हैं और उन्‍हें बहुत गंभीर समस्‍या नहीं है तो वो ये वैक्‍सीन आराम से लगवा सकते हैं। वैक्‍सीन का कोई साइडइफेक्‍ट मरीज़ पर नहीं होगा। ब्‍लड प्रेशर या ब्‍लड शुगर कंट्रोल है तो कोई परेशानी नहीं होगी। 

10. डायल‍िस‍िस से क‍ितने द‍िन पहले वैक्‍सीन लगवानी चाह‍िए? (Dialysis and vaccine)

ये इस बात पर न‍िर्भर करता है क‍ि मरीज़ का डायल‍िस‍िस क‍िस समस्‍या के चलते क‍िया जा रहा है और उसका क्‍या इलाज चल रहा है। आपको अपने फ‍िजिश‍ियन से ये कंर्फम करना चाहिए क‍ि वैक्‍सीन और डायल‍िस‍िस में क‍ितने द‍िन का अंतर रखना होगा। 

11. दोनों वैक्‍सीन में से कौनसी ज्‍यादा सेफ है? (Which vaccine is safe)

अब तक भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सीन  को मंजूरी म‍िली है और दोनों ही सुरक्षित हैं। सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंड‍िया की कोव‍िशील्‍ड ऑक्‍सफोर्ड यून‍िव‍र्स‍िटी की मदद से बनाई गई है वहीं कोवैक्‍सीन को भारत बायोटैक ने बनाया है। दोनों ही बराबर हैं और सेफ है।

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12. क्‍या मेंटल मेड‍िकेशन के दौरान वैक्‍सीन लगवानी चाहिए? (Vaccine in medication)

ट्रीटमेंट के तहत चल रहे मेड‍िकेशन का कोई संबंध वैक्‍सीन से नहीं है। अगर आप कोई मेड‍िकेशन फॉलो कर रहे हैं तो आप अपने डॉक्‍टर से सलाह ले सकते हैं। जहां तक वैक्‍सीन की बात है तो उसका कोई असर ट्रीटमेंट या बॉडी पर नहीं होगा। 

13. वैक्‍सीन का रेट क्‍या है? (Cost of vaccine)

आप उसे लेकर चिंता न करें। इससे आपकी पॉकेट पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा। ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को वैक्‍सीन लग रहा है। इसल‍िए हमें ये चेन आगे लेकर जाना है। वैक्‍सीन लगने से इंफेक्‍टेड और नॉन इंफेक्‍टेड लोगों के बीच बैर‍ियर बन सकता है। इसल‍िए हमें मास वैक्‍सीनेशन की जगह स्‍मार्ट वैक्‍सीनेशन पर ध्‍यान देना है। हमें कोव‍िड को खत्‍म करने के ल‍िए आख‍िरी भारतीय को वैक्‍सीन लगने तक का इंतजार नहीं करना है बल्‍क‍ि बीमारी की चेन पहले ही तोड़नी होगी।  

14. हर्ड इम्‍यून‍िटी क्‍या होती है? (What is herd immunity)

हर्ड इम्‍यून‍िटी का मतलब है क‍ि अगर 70 प्रत‍िशत लोगों में रोग प्रत‍िरोधक क्षमता बन भी जाए तो बाक‍ि बच जाएंगे। इसके ल‍िए वैक्‍सीनेशन जरूरी है। हर्ड इम्‍यून‍िटी तभी डेवलप होती है जब 60 प्रत‍िशत से ज्‍यादा की जनसंख्‍या संक्रम‍ित हो चुकी हो। इसल‍िए हमें वैक्‍सीन न लगने तक सोशल ड‍िस्‍टेंस‍िंग का पालन करना है और मास्‍क को लगाए रखना है। 

कोरोना से संबंध‍ित क‍िसी भी अफवाह पर यकीन न करें। स्‍वास्‍थ्‍य संगठनों और अपने डॉक्‍टर से इसकी सही जानकारी लें। 

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