क्या ज्यादा मीठा खाने की आदत बढ़ा सकती है आपका ब्लड प्रेशर? एक्सपर्ट से जानें खाने में ज्यादा शुगर के खतरे

अगर आप ज्यादा मीठा खाने वालों में हैं और आपको बहुत गुस्सा आता, तो आपको अपना बीपी चेक करवाना चाहिए। क्योंकि ये हाई शुगर बीपी बढ़ा कर गुस्सा दिलाता है।

Pallavi Kumari
Written by: Pallavi KumariPublished at: Jan 15, 2021
क्या ज्यादा मीठा खाने की आदत बढ़ा सकती है आपका ब्लड प्रेशर? एक्सपर्ट से जानें खाने में ज्यादा शुगर के खतरे

 मीठा खाना हम में ज्यादातर लोगों को पसंद है। पर कई बार हमारी इस पसंद का नुकसान, हमारे शरीर को चुकाना पड़ता है। दरअसल, मीठा खाने से या खाने में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से ये सिर्फ डायबिटीज का कारण बनता है बल्कि शरीर की अन्य गतिविधियों को भी ये प्रभावित करता है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि शुगर आपके ब्लड प्रेशर को कैसे प्रभावित कर सकता है (How sugar in your diet can effect your blood pressure)? जी हां, भले ही शुगर (sugar) और ब्लड प्रेशर (Blood Pressure), एक दूसरे से अलग हैं पर इन दोनों के बीच का संबंध आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इस बारे में  विस्तार से जानने के लिए हमने डायटिशियन शीला सहरावत, हेड डाइटिशन डाइट क्लिनिक से बात की।  

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शुगर आपके ब्लड प्रेशर को कैसे प्रभावित करता है (How sugar in your diet can affect your blood pressure)?

डायटिशियन शीला सहरावत की मानें,  तो शुगर आपके ब्लड प्रेशर (BP) को भी प्रभावित करता है। दरअसल, शुगर, विशेष रूप से  फ्रुक्टोज, शरीर में यूरिक एसिड को बढ़ाता है, जो ब्लड वेसेल्स में नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) को रोककर बल्ड प्रेशर को बढ़ाता है। नाइट्रिक ऑक्साइड को ब्लड वेसेल्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण वैसोडिलेटर (vasodilator) के रूप में माना जाता है, जो कि ब्लड वेसेल्स में एक लचकता (elasticity) बनाए रखने में मदद करता है और ब्लड सर्कुलेशन को सही रखता है। पर शुगर के कारण यूरिक एसिड का बढ़ना,  इस लचकता को प्रभावित करता है और तब ब्लड वेसेल्स सिकुड़ जाते हैं और व्यक्ति को हाई बीपी की परेशानी होती है। इसके अलावा कुछ अंतर्निहित कारणों की वजह से भी हाई शुगर आपके ब्लड प्रेशर को प्रभावित करता है। जैसे कि 

1. हाइपरिन्सुलिनमिया (Hyperinsulinemia)

दरअसल,  शरीर जब हाई कार्ब आहार के जवाब में बहुत अधिक इंसुलिन और लेप्टिन का उत्पादन करता है, तो इससे रक्तचाप में वृद्धि होती है। हाइपरइंसुलिनमिया गुर्दे में सोडियम और पानी के उत्सर्जन को कम करके और रक्त वाहिकाओं को सीधे वैसोकंट्रिस्टिंग करके रक्तचाप को बढ़ाता है। हाइपरिन्सुलिनमिया एथेरोजेनेसिस में एक प्रत्यक्ष भूमिका निभा सकता है और, एक्सटेंसियो द्वारा, एथेरोस्क्लेरोसिस ब्लड वेसेल्स की दीवार पर रिसेप्टर्स की बातचीत के माध्यम से होता है।  हाइपरिन्सुलिनमिया लिपिड चयापचय को प्रतिकूल रूप से बदलने के लिए भी जाना जाता है, जो सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव को बढ़ावा देता है।

2. इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) 

इंसुलिन का स्तर जब शरीर में बढ़ता है, तो शरीर में ये इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाता है। दरअसल, अधिक शुगर के कारण इंसुलिन रिसेप्टर्स खराब हो जाते हैं और कोशिकाएं इंसुलिन को पचा नहीं पता हैं। इसके कारण शरीर  मैग्नीशियम संग्रहीत नहीं कर पाती है और ये पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकल जाता है। जब मैग्नीशियम का स्तर बहुत कम होता है, तो रक्त वाहिकाएं पूरी तरह से आराम करने में असमर्थ होती हैं और यह अवरोध रक्तचाप को बढ़ाता है।

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3.ग्लाइकेशन (glycation)

ग्लाइकेशन एक प्रोटीन या लिपिड के लिए चीनी का सहसंयोजक है। ग्लाइकेशन में भाग लेने वाले विशिष्ट शर्करा ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और उनके डेरिवेटिव हैं, जो कि ब्लड वेसेल्स को प्रभावित करती है।  यह विभिन्न मधुमेह संबंधी जटिलताओं को बढ़ाता है। माना जाता है कि वे संवहनी जटिलताओं में एक भूमिका निभाते हैं ट्रिगरिंग प्रक्रियाएं जो रक्त वाहिकाओं के संकीर्ण करके ब्लड प्रेशर बढ़ाती हैं।

डायटिशियन शीला सहरावत की मानें, तो डाइट में शुगर की मात्रा का ज्यादा  होना सिर्फ डायबिटीज (Diabetes) का कारण ही नहीं बनता बल्कि ये मोटापा (How does sugar contribute to obesity?) भी बढ़ाता है ।  दरअसल, शरीर में शुगर की मात्रा का ज्यादा होना हमारा मेटाबोलिज्म (bad metabolism weight gain) को खराब करता है और मेटाबोलिक रेट को कम करके तेजी से वजन बढ़ाता है। इस तरह वजन का बढ़ना और हाई बीपी मिलकर शरीर में अन्य परेशानियों का कारण बनते हैं।

हाई शुगर होने के खतरे -Risk Factors Of Having High Sugar 

डायटिशियन शीला सहरावत कहती हैं शुगर का मतलब ये नहीं है सिर्फ मीठे चीजें बल्कि इनमें वो भी चीजें शामिल हैं, जिनका स्वाद मीठा नहीं है पर इनमें शुगर की मात्रा हाई है। यानी कि अगर कोई चीज जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (glycemic index)हाई हो, वो भी शुगर बढ़ा सकता है। ये सभी चीजें आपके सर्कुलेटरी सिस्टम को बहुत ज्यादा प्रभावित करती हैं और ब्लड प्रेशर को बढ़ाती हैं। इसके अलावा भी हाई शुगर होने के कई सारे अन्य जोखिम भी हैं। जैसे कि 

  • -हाई शुगर नसों को बहुत नुकसान पहुंचाता है।
  • -रेगुलर शुगर का बढ़े रहना दिल की बीमारियों को बढ़ा सकता है।
  • -इसके अलावा ये दिल के अंदर टिशूज को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
  • - दांतों में सड़न
  • - मोटापा
  • - मधुमेह
  • -इंसुलिन सेंसिटिविटी
  • -ऊर्जा के स्तर में कमी
  • -लो मूड या मूड स्विंग्स
  • -ब्लोटिंग 
  • -स्किन से जुड़ी परेशानियां
  • - शुगर के बढ़ने से महिलाओं में यूटीआई इंफेक्शन
 

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शुगर कंट्रोल कैसे करे-How to Control Sugar in your Diet?

हम सभी जानते हैं कि बहुत अधिक चीनी खाना आपके शरीर के लिए सबसे खराब चीजों में से एक है। चीनी आपके स्वास्थ्य पर अधिक नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसलिए जरूरी है कि हम डाइट में शुगर की मात्रा को संतुलित रखें। इसके लिए आपको डाइट में इन तमाम बातों का ध्यान रखना होगा। जैसे कि 

  • - चीनी से भरे ड्रिंक्स जैसे सोडा, एनर्जी ड्रिंक, स्पोर्ट्स ड्रिंक और फ्रूट ड्रिंक के सेवन से बचें।
  • - शुगर लोडेड डेसर्ट से बचें।
  • - केचप, बारबेक्यू सॉस और मीठी चिली सॉस जैसे सॉस खाने से बचें।
  • - फुल फैट फूड्स से बचें,
  • - आपके पसंदीदा खाद्य पदार्थों के कम फैट वाली चीजों को चुनें और खाएं।
  • - संपूर्ण खाद्य पदार्थ खाएं, प्रोसेस्ड या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों से बचें, क्योंकि ये ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनमें नमक की मात्रा और फैट अधिक होती है।
  • -हेल्दी प्रोसेस्ड स्नैक फूड्स के साथ सावधान रहें और इन्हें खाने से बचें
  • - लेबल पढ़ने की आदत डालें।
  • - शुगर को नियंत्रित करने के लिए अधिक प्रोटीन और कम वसा युक्त भोजन करें।
  • -लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों को खाएं
  • - स्टेविया एरीथ्रिटोल और जाइलिटोल जैसे प्राकृतिक स्वीटनर पर विचार करें।

माना जाता है कि औसत भारतीय प्रति दिन लगभग 18-20 चम्मच (68 -70 ग्राम) अतिरिक्त चीनी का उपभोग कर रहता है। यह ऊपरी दैनिक सीमा से अधिक है इसलिए आहार विशेषज्ञों और डॉक्टर की सलाह होती है कि महिलाएं 6-8 चम्मच (25-28 ग्राम) शुगर और पुरुषों 10-12 चम्मच (6.6 ग्राम) से अधिक शुगर बिलकुल भी न लें।  साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि चीनी स्वाभाविक रूप से फलों और सब्जियों जैसे खाद्य पदार्थों में पाई जाती है जो कि शरीर के लिए हेल्दी हैं। इससे हमारे ब्लड वेसेल्स पर बहुत कम प्रभाव पड़ता है और ये अंदर से हमें स्वस्थ बनाता है।  इसलिए इन्हें अपने डाइट में शामिल करें और कोशिश करें कि प्रोसेस्ड फूड्स को खाने से बचें। 

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