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सफेद दाग की समस्या में बावची या बाकुची का उपयोग कैसे करें? जानें डॉक्टर से

Bakuchi For White Spots in Hindi: सफेद दाग की समस्या के कारण व्यक्ति की स्किन का रंग बदल जाता है, जिससे शरीर के कई हिस्से पर सफेद दाग नजर आने लगते हैं। आयुर्वेद में इस समस्या को दूर करने के लिए बाकुची का उपयोग फायदेमंद माना गया है।

How To Use Bakuchi in White Spots in Hindi: आपने कई बार देखा होगा की कुछ लोगों की स्किन पर सफेद रंग का दाग होता है। ये बड़े सफेद पैच से लेकर छोटे-छोटे पैच के रूप में नजर आ सकता है। दरअसल यह एक स्किन डिजीज है, जिससे कई लोग प्रभावित होतो हैं। यह एक ऐसी स्किन समस्या है, जिसमें आपके शरीर के कुछ हिस्सों का रंग फिका पड़ जाता है, और स्किन सफेद हो जाती है। जिसे आम भाषा में स्किन पिग्मेंटेशन भी कहा जा सकता है। जब आपकी स्किन में पिग्मेंट बनाने वाले मेलानोसाइट्स एक्टिव नहीं रहते हैं तो यह समस्या बढ़ जाती है। लेकिन, आयुर्वेद में सफेद दाग की समस्या दूर करने के लिए एक बहुत ही खास जड़ी-बूटी है, जो न सिर्फ आपकी स्किन के रंग को पहले (vitiligo treatment)जैसे बनाने में मदद करते हैं बल्कि स्किन को हेल्दी भी रखते हैं। रामहंस चेरिटेबल हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार आपकी बाकुची, जिसे बावची (Which Ayurvedic herbs are good for vitiligo) के नाम से भी जाना जाता है, सफेद दाग की समस्या में काफी फायदेमंद होता है। तो आइए जानते हैं सफेद दाग की समस्या में बाकुची कैसे काम करता है और इसका इस्तेमाल कैसे करना चाहिए?

सफेद दाग की समस्या में बाकुची कैसे काम करता है? - How Does Bakuchi Work For Vitiligo in Hindi

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार सफेद दाग के लिए बाकुची एक बेहतरीन आयुर्वेदिक औषधि है, जो स्किन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है। सफेद दाग की समस्या में सोरेलिया करेली फोलिया बेहद फायदेमंद होता है, जिसे आयुर्वेद में बावची या बाकुची के रूप में जाना जाता है। दुनिया में यह एकलौता ऐसा हर्ब है, जिसका प्रभाव सफेद दाग की समस्या पर सीधेतौर पर पड़ता है। इसमें मिलनोसाइड्स होता है, जो आपकी स्किन के रंग को दोबारा बनाना शुरू कर देता है, क्योंकि ये जड़ी बूटी बहुत ज्यादा उष्णवीराय होती है। आयुर्वेद के अनुसार शरीर में कफ दोष बढ़ने के कारण व्यक्ति के स्किन का रंग उड़ जाता है, जिसे कम करने के लिए शरीर में पित्त बढ़ाने के लिए बाकुची का सेवन फायदेमंद होता है। दरअसल, बाकुची के बीज में एक एक्टिव तत्व बकोलिन (Bacoulin) पाया जाता है, जो मेलानोसाइट्स को फिर से एक्टिव करता है और पिग्मेंटेशन कम करने में मदद करता है, जिससे सफेद दाग की समस्या दूर होती है।

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सफेद दाग में बाकुची का उपयोग कैसे करें? - How To Use Bakuchi Powder For Vitiligo in Hindi?

आयुर्वेदिक डॉ. श्रेय शर्मा के अनुसार सफेद दाग में बाकुची का सेवन कई तरह से किया जाता है। बाकुची का सेवन टेबलेट, पाउडर, आदि रूपों में किया इस्तेमाल होता है। इसे हमेशा खाना खाने के बाद ही खाया जाता है ताकि यह शरीर में अंदर से काम करे और स्किन के रंग को वापस लाने में मदद करे। बकुची के बीजों का पाउडर खाना सबसे ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी माना जाता है। बकुची के बीजों को पीसकर इसका पाउडर बनाया जाता है। इस पाउडर का सेवन आयुर्वेदिक पद्धति से सफेद दाग के इलाज में किया जाता है। इसके सेवन से त्वचा में पिगमेंटेशन को दोबारा ठीक करने में मदद मिलती है।

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Bakuchi For Vitiligo

बाकुची का सेवन कितनी मात्रा में करना चाहिए? - How Much Bakuchi Should Be Consumed in Hindi?

स्किन पर सफेद दाग की समस्या में बाकुची पाउडर का सेवन फायदेमंद होता है। लेकिन, इसे सही मात्रा में लेना जरूरी है ताकि इसका असर आपके स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। इसलिए, अगर किसी व्यक्ति की तासीर गर्म है तो इसे अपनी डाइट में डेढ़ ग्राम बाकुची पाउडर दिन में दो बार शामिल करना चाहिए। वहीं, अगर किसी व्यक्ति की तासीर नॉर्मल है तो उसे दिन में 2 से 3 बार बाकुची पाउडर खा सकते हैं। लेकिन, बाकुची की मात्रा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर लेना चाहिए। बाकुची पाउडर को आप हमेशा सुबह और शाम, खाना खाने के बाद ही लेना चाहिए।

निष्कर्ष

बाकुची का सेवन सफेद दाग की समस्या में फायदेमंद होता है। यह पाउडर आमतौर पर किसी भी तरह की अन्य दवाइयों के साथ सुरक्षित होता है, लेकिन अगर आप कोई अन्य दवाइ ले रहे हैं तो इसको लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
Image Credit: Freepik

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Feb 21, 2025 09:09 IST

    Published By : Katyayani Tiwari

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