Fri Sep 11, 2026 | 08:18 PM IST

Medically Reviewed by Dr Chetan Sharma , Consultant - Ayurveda

सफेद पानी की समस्या से परेशान? इन 5 आयुर्वेदिक उपायों से मिलेगी राहत

ल्यूकोरिया यानी सफेद पानी में वजाइना से बहुत सफेद या दूधिया रंग का डिस्चार्ज निकलता है, जो महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। इस लेख में आयुर्वेदाचार्य ने सफेद पानी से बचाव के उपाय बताए हैं।

महिलाओं में वजाइनल डिस्चार्ज होना नॉर्मल है , क्योंकि यह वजाइना को साफ रखने में मदद करता है। आमतौर पर यह सफेद या हल्का मटमैला तरल पदार्थ होता है, लेकिन ल्यूकोरिया यानी सफेद पानी (White Discharge) परेशानी का सबब बन सकता है, क्योंकि यह इंफेक्शन, हार्मोनल बदलाव और साफ-सफाई न रखने के कारण हो सकता है। सफेद पानी का समय पर इलाज होना जरूरी है ताकि इंफेक्शन शरीर के बाकी अंगों में न फैले। इसलिए हमने Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital से इसके आयुर्वेदिक इलाज के बारे में जाना। उन्होंने बताया कि ल्यूकोरिया को आयुर्वेद में श्वेत प्रदर कहा जाता है और इसे प्रभावी तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है।

सफेद पानी की समस्या कब परेशान करने लगती है?

डॉ. चेतन कहते हैं, “जब सफेद पानी बहुत ज्यादा मात्रा में आने लगे और साथ ही इसका रंग और गंध बदल जाए, तो यह शरीर में हार्मोनल असंतुलन का लक्षण हो सकता है। इससे महिलाओं को वजाइना में खुजली और जलन होने लगती है। डिस्चार्ज में से बदबू आने लगती है और कई महिलाओं को कमजोरी और कमर में दर्द होने लगता है। इसलिए इसके लक्षणों को इग्नोर नहीं करना चाहिए।”

सफेद पानी से राहत पाने के तरीके

डॉ. चेतन ने सफेद पानी को कंट्रोल करने के आयुर्वेदिक टिप्स बताए हैं।

डाइट में बदलाव

डॉ. चेतन ने बताया कि आयुर्वेद में गलत खाना पीना शरीर में कफ को बढ़ाता है, जिससे सफेद पानी बढ़ सकता है। इसलिए महिलाओं को ज्यादा मीठा, मैदा, ठंडी चीजों जैसे रात में दही खाना, जंक और प्रोसेस्ड फूड से परहेज करना चाहिए। खाना हमेशा हल्का और गर्म होना चाहिए। महिलाओं को अपनी डाइट में मूंग दाल, लौकी, तोरी
और हल्दी वाला दूध शामिल करना चाहिए।

white discharge in hindi by dr chetan

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आयुर्वेदिक हर्ब्स से सफेद पानी को कंट्रोल करना

डॉ. चेतन के मुताबिक, “आमतौर पर मैं महिलाओं को आयुर्वेदिक हर्ब्स लेने की सलाह भी देता हूं। इसमें यूटरस को मजबूत करने के लिए अशोक छाल, बहुत ज्यादा डिस्चार्ज को कंट्रोल करने के लिए लोधरा और हार्मोन बैलेंस के लिए शतावरी शामिल है। ये जड़ी-बूटियां मरीज की मेडिकल कंडीशन को देखते हुए दी जाती है। इसलिए खुद से इन्हें लेना नुकसानदायक हो सकता है, क्योंकि इन जड़ी-बूटियों का असर डोज और समय पर निर्भर करता है।”

पंचकर्म थेरेपी

डॉ. चेतन के अनुसार, “जिन महिलाओं को गंभीर या क्रोनिक सफेद पानी की दिक्कत होती है, उनके लिए पंचकर्म बहुत फायदेमंद है। इसमें उत्तर बस्ती रिप्रोडक्टिव सिस्टम को सीधे मदद करती है। योनि प्रक्षालन थेरेपी में वजाइना की सफाई की जाती है। पंचकर्म थेरेपी शरीर से आम यानी टॉक्सिनन्स बाहर निकालने में मदद करती है।”

घरेलू उपचार

डॉ. चेतन कहते हैं, “सफेद पानी को कंट्रोल करने के लिए मैं महिलाओं को कुछ घरेलू उपाय करने की भी सलाह देता हूं, क्योंकि इससे महिलाओं को काफी फायदा मिलता है। अगर किसी महिला को वजाइना में जलन और इंफेक्शन है, तो त्रिफला के पानी से योनि को धोया जा सकता है। इसके अलावा, सुबह खाली पेट धनिया पानी या मेथी दाना उबालकर लिया जा सकता है। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि घरेलू उपचार सिर्फ राहत पाने का जरिया है। यह सफेद पानी को कंट्रोल करने का इलाज नहीं है।”

लाइफस्टाइल में सुधार

डॉ. चेतन ने बताया कि महिलाों को अपने लाइफस्टाइल में भी बदलाव करना जरूरी है। इसमें योगा, प्राणायाम और रेगुलर एक्सरसाइज करना जरूरी है। सफेद पानी को कंट्रोल करने के लिए महिलाएं भुजंगासन, सेतुबंधासन और कपालभाति कर सकती है।

निष्कर्ष

अगर महिलाओं को वजाइना से हरा या भूरे रंग का डिस्चार्ज हो, तो एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए। इसके साथ ही उन्हें पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। अगर प्रेग्नेंसी में ये लक्षण दिखें, तो डॉक्टर को जरूर बताएं, क्योंकि इंफेक्शन बढ़ने पर भ्रूण के लिए खतरा हो सकता है। डॉ. चेतन कहते हैं कि सफेद पानी की बीमारी के लक्षणों को इग्नोर न करें, बल्कि समय पर इसका इलाज कराएं।

FAQ

  • क्या ल्यूकोरिया केवल शादीशुदा महिलाओं को होता है?

    यह किसी भी उम्र की महिलाओं को हो सकता है। यह अक्सर प्यूबर्टी के दौरान हॉर्मोनल बदलावों के कारण शुरू हो जाता है।
  • सफेद पानी की समस्या में डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

    यदि डिस्चार्ज से दुर्गंध आ रही हो, उसका रंग पीला या हरा हो रहा हो या आपको प्राइवेट पार्ट में जलन और खुजली हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

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Aneesh Rawat

Aneesh Rawat

Chief Sub Editor

अनीश रावत को हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 16+ साल का अनुभव है। फिलहाल जागरण न्यू मीडिया के Onlymyhealth में चीफ सब एडिटर हैं। महिला स्वास्थ्य, बच्चों की सेहत, कैंसर, मेडिटेशन और योग पर Research based, doctor verified और SEO फ्रेंडली लेख लिखने में विशेषज्ञ हैं। न्यूज 24, ऑल इंडिया रेडियो और ThinkRight मेडिटेशन ऐप जैसे भरोसेमंद platforms पर काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: अनीश द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Apr 29, 2026 16:41 IST

    Modified By : Aneesh Rawat
  • Apr 29, 2026 16:41 IST

    Published By : Aneesh Rawat
    Reviewed By : Dr Chetan Sharma

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