पार्टनर के साथ पजेसिव होने से खुद को रोकें, जानें इसके 6 तरीके

रिश्‍ते को मधुर बनाने के लिए उसमें जलन और शक को न आने दें। पार्टनर के साथ ओवर पजेसिव होने की वजह से रिश्‍तों में दरार पड़ सकती है। 

Monika Agarwal
Written by: Monika AgarwalUpdated at: Nov 12, 2022 17:00 IST
पार्टनर के साथ पजेसिव होने से खुद को रोकें, जानें इसके 6 तरीके

पजेसिव होना अच्‍छी बात है लेकिन जब आप ओवर पजेसिव हो जाते हैं, तो कोई भी रिश्‍ता खराब हो सकता है। ऐसे रिश्तों में कई बार पार्टनर का दम भी घुटने लगता है और अलगाव हो सकता है। पजेसिव होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे जलन, ट्रॉमा और असुर‍क्षा की भावना। कई मामलों में देखा गया है कि बचपन में मां-बाप की उपेक्षा के कारण भी व्‍यक्ति ओवर पजेसिव हो जाता है। लेकिन पजेसिव होने से आपके रिश्‍ते और पार्टनर दोनों को नुकसान पहुंच सकता है। पार्टनर पर शक करना, जलन महसूस करना या अधिक प्रश्‍न पूछना पजेसिवनेस के लक्षण हो सकते हैं। पार्टनर के साथ रिश्‍ता प्‍यार और सम्‍मान का होता है इसमें आसानी से दरार आ सकती है, इसलिए रिश्‍ता खराब होने से पहले खुद को ओवर पजेसिव होने से रोक लें। एक नई शुरुआत करें। 

क्‍या है पजेसिवनेस?

नॉर्मल पार्टनर के साथ रहना और एक कंट्रोलिंग और पजेसिव पार्टनर के साथ रहना दोनों में काफी अंतर हो सकता है। जब रिश्‍ते में असुरक्षा और जलन की बात आ जाती है, तो कपल्‍स अक्‍सर प्‍यार से लेकर पजेसिवनेस की सीमा को पार कर जाते हैं। ऐसे में कपल्‍स एक-दूसरे की आंतरिक स्‍वतंत्रता का अनादर करते हैं और एक-दूसरे की जिंदगी में दखल देने लगते हैं। पजेसिवनेस के चलते कपल्‍स एक-दूसरे के फोन और दोस्‍तों के माध्‍यम से सीक्रेट पता लगाते हैं और अविश्‍वास मिलने पर गुस्‍सा हो जाते हैं। कई बार ऐसी चीजों से निपटना काफी मुश्किल हो जाता है। 

अतीत के बारे में बात करना करें बंद

कई बार अतीत में मिला धोखा या झूठ नए रिश्‍तों को बरबाद कर सकता है। नए पार्टनर को शुरुआत में ही अपने पुराने रिश्‍तों के बारे में सब कुछ बता दें ताकि रिश्‍ता गहरा होने के बाद किसी तरह का संदेह न रह जाए। जितना हो सके अतीत के बारे में कम सोचें और कम बात करें। नए रिश्‍ते को इंजॉय करें। 

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अपनी लाइफ जिएं

हर किसी का अपना शौक, नौकरी और सामाजिक जीवन होता है। पार्टनर के साथ समय बिताना अच्‍छी बात है लेकिन कुछ समय अपनी पर्सनल लाइफ को भी देना चाहिए। इससे रिश्‍ते में नयापन होगा और बात करने के लिए भी कई नए टॉपिक्‍स मिल सकते हैं। 

अपनी मर्जी न थोपें

यदि आप ये महसूस करते हैं कि आपका पार्टनर आपसे प्‍यार नहीं करता या ईमानदार नहीं है तो उतना ही आप उसे डराने का प्रयास करेंगे। कोई भी व्‍यक्ति रिश्‍ते में बंधकर नहीं रहना चाहता इसलिए स्‍वयं के मन में उपजी चिंताओं और आशंकाओं को अपने पार्टनर पर न थोपें। विश्‍वास करें और समझाने का प्रयास करें।

possessive partner

जलन को हावी न होने दें

जलन न केवल एक रिश्‍ते को मार देती है बल्कि आपको अपने दैनिक जीवन में घृणा और कड़वाहट का एहसास भी कराती है। इसलिए स्‍वयं के नेगेटिव बिहेवियर को पॉजिटिव फीलिंग में बदल दें। यदि आपका पार्टनर आपके साथ खुश है तो जलन को मन से निकाल दें। 

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एंग्‍जाइटी को करें शांत

एंग्‍जाइटी के चक्‍कर में पार्टनर को परेशान न करें। चिंता को शांत करने के लिए माइंडफुलनेस और प्राणायाम का अभ्‍यास करें। एंग्‍जाइटी कई बार रिश्‍ते में दरार पैदा कर सकती है इसलिए कुछ देर अकेले बिताएं और खुद पर फोकस करें। 

एक-दूसरे के दोस्‍तों को जानें

अनावश्‍यक रूप से जलन को रोकने का एक शानदार तरीका है कि पार्टनर्स एक-दूसरे के दोस्‍तों को जानें और मेलजोल बढ़ाएं। इससे रिश्‍तों में शक की गुंजाइश नहीं होगी और पार्टनर के साथ रिश्‍ता हेल्‍दी बन सकेगा।

 
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