पैसों से कैसे प्रभावित होता है आपका रिश्ता? एक्सपर्ट से जानें कैसे बनाएं दोनों में संतुलन

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
Oct 29, 2018
Quick Bites

  • जीवन में पैसे और रिश्ते दोनों अपनी-अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं।
  • प्यार और पैसे के बीच संतुलन बनाना बहुत जरूरी है।
  • स्ट्रेस हार्मोन्स आपके निजी पलों को भी कर देते हैं खराब।

इंसान की जिंदगी कई भागों में बंटी होती है। जरूरतों-जिम्मेदारियों के बीच सही संतुलन बिठाने के लिए स्वयं को मजबूत और परिपक्व बनाना पड़ता है। हाल में हुए कुछ शोध बताते हैं कि पैसे से जुड़े मसले लोगों की सेक्स लाइफ को प्रभावित कर रहे हैं। इस दबाव से कैसे बचा जाए, जानें इस लेख में।

अगर हम आपसे पूछें कि आपके जीवन में पैसा ज्यादा महत्वपूर्ण है या प्यार, तो आप शायद जवाब नहीं दे पाएंगे। जीवन में दोनों की ही जरूरत है। पैसे के बिना प्यार असमय मुरझा सकता है तो ज्यादा पैसा कमाने की ललक भी रिश्तों से दूर ले जा सकती है। यूएस में हाल में ही नॉर्थवेस्टर्न म्यूचुअल ने अपने एक अध्ययन में पाया कि यहां के वयस्कों में तनाव और दबाव का आम कारण पैसा है। इसका सबसे नकारात्मक प्रभाव उनके रिश्तों में देखने को मिल रहा है। इस शोध में शामिल 10 दंपतियों में से चार ने माना कि पैसा रिश्तों में दरार डाल रहा है और इससे उनका रिश्ता खराब हो रहा है।

चुप्पी है खतरनाक

इस स्टडी के प्रमुख शोधकर्ता और क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट कैलिफोर्निया के पालो ऑल्टो ने निष्कर्ष निकाला कि लोग आर्थिक चिंताओं या भविष्य के बारे में इतना ज्यादा सोचते हैं कि अपने सामने मौजूद अच्छी चीजों का भी आनंद नहीं ले पाते हैं। कई बार कमाने की ललक उन्हें ऑफिस में देर तक बैठने को बाध्य करती है और जब वे घर पहुंचते हैं तो मन और शरीर से थक चुके होते हैं। उनकी सारी ऊर्जा फ्यूचर प्लानिंग और ओवरटाइम में चली जाती है और इसके बाद अपने पार्टनर से प्यार और बात-चीत का उन्हें समय ही नहीं मिलता है।

चूंकि काम, पैसा और सेक्स तीनों ही जीवन के बेहद संवेदनशील पहलू हैं, जिन पर बात करना आसान नहीं होता, लिहाजा कई दंपत्ति इस बारे में बात करना भी पसंद नहीं करते। उन्हें लगता है कि इस पर बात करने से आपसी कटुता पैदा होगी। वे अपनी भावनाओं को दबाने लगते हैं मगर भीतर ही भीतर चिंताएं उन्हें खाने लगती हैं और इसका सीधा असर बेडरूम पर पड़ता है। वे पैसिव-अग्रेसिव हो जाते हैं और सेक्स संबंधों को टालने लगते हैं। इस बात के काफी प्रमाण मौजूद हैं कि पार्टनर के प्रति किसी भी नाराजगी का असर सेक्स संबंधों में सबसे ज्यादा दिखता है।

इसे भी पढ़ें:- पार्टनर के बदले हुए व्यवहार से कैसे करें डील और कैसे बचाएं रिश्ता

हार्मोन्स का होता है बुरा प्रभाव

एक्सपर्ट्स का मानना है कि तनाव की स्थिति में शरीर का नर्वस सिस्टम 'फाइट या फ्लाइट (लडऩे या भाग जाने) जैसी प्रतिक्रिया देता है। इसमें कार्टिसोल और एपिनेफ्रेन जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन्स का स्राव बढ़ता है। हालांकि ये बुरे हॉर्मोन नहीं हैं लेकिन जब ये लगातार रिलीज होने लगते हैं तो सेहत पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। मसलन, कार्टिसोल सेक्स हॉर्मोन्स को दबाने लगता है, जिससे लो लिबिडो जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

भूमिका मनी मैटर्स की

ग्लोबल सर्वे और अध्ययन बताते हैं कि दुनिया के तमाम देशों के लोग ऐसी स्थितियों से जूझ रहे हैं। कई ऑनलाइन सर्वे में भी कपल्स ने स्वीकार किया है कि अगर उनके पास ज्यादा पैसा होता या वे आर्थिक रूप से सक्षम होते तो उनकी पर्सनल लाइफ भी अच्छी होती।

पुस्तक 'द बैंक ऑन योरसेल्फ रिवॉल्युशन...' में आर्थिक स्तर और आपसी संबंधों के बीच तालमेल को समझने के लिए लेखक ने कई कपल्स से बातचीत की। लगभग 30 प्रतिशत कपल्स ने कहा कि पैसे के मामले में वे पार्टनर को पूरा सच नहीं बताते हैं क्योंकि उन्हें नहीं मालूम कि पार्टनर की प्रतिक्रिया क्या होगी। कई बार वे पार्टनर से खरीदारी छिपाते हैं, सामान की कीमत के बारे में झूठ बोलते हैं या उसे बताए बिना उसके वॉलेट से पैसे भी लेते हैं। लगभग आधे दंपतियों ने यह भी स्वीकार किया कि शादी से पहले इस पहलू पर उन्होंने आपस में कोई बातचीत नहीं की थी। लगभग 70 प्रतिशत मामलों में आर्थिक स्थितियों के कारण रिश्तों में दरार पड़ी या वाद-विवाद की स्थितियां आईं। लोगों ने साफ कहा कि उनके पास पैसा होता तो शायद उनकी सेक्स लाइफ बेहतर होती।

सेक्सुअल एनर्जी

रिलेशनशिप कोच किम अनामी अपने ब्लॉग पर लिखती हैं, 'अमीर होने का सबसे आसान तरीका है, सेक्स संबंधों को बेहतर बनाएं। ऐसा लिखने के पीछे उनका तर्क यह है कि  सेक्सुअल एनर्जी व्यक्ति की क्रिएटिव एनर्जी है। इसी से नए जीवन की रचना होती है। सेक्सुअल अभिव्यक्ति और आर्थिक स्थिति का आपसी संबंध बहुत गहरा है। अपनी सेक्सुअल एनर्जी के साथ जितना कंफर्टेबल रहेंगे, उतना ही जीवन के अन्य पहलुओं के प्रति सकारात्मक बनेंगे। किम अपनी कोचिंग के दौरान लोगों को सलाह देती हैं कि अगर वे आर्थिक निराशा से जूझ रहे हैं तो उन्हें अपनी सेक्स लाइफ पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। मतलब यह कि सेविंग अकाउंट काफी हद तक बेडरूम के माहौल को तय करता है। कुछ इन्वेस्टमेंट एजेंसियों और बैंकों के अध्ययनों में नतीजे निकले हैं कि वैवाहिक रिश्ते में झगड़े की बड़ी वजह पैसा है। इसे लेकर चिकचिक होती रहेगी तो संबंध अच्छे कैसे होंगे?

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थोड़ा बोल्ड बन जाएं

सेक्स और पैसा...समाज के दो जटिल मुद्दे हैं। इन पर बात करना जितना जरूरी है, यह व्यवहार में उतना ही मुश्किल है। इसलिए इन दोनों स्तरों पर सबसे ज्यादा समस्याएं और कुंठाएं दिखती हैं। दंपति सहजता से बातचीत कर सकें तो कई समस्याओं से बचा जा सकता है। शादी में दुराव-छिपाव या झूठ की गुंजाइश नहीं है, ऐसा होने लगे तो समझ लें कि समस्याओं का आगाज हो चुका है। जो व्यक्ति निजी जिंदगी में अपनी जरूरतों और इच्छाओं के बारे में बोल पाता है, वह प्रोफेशनल लाइफ में भी अपनी बात स्पष्ट ढंग से रखने में सक्षम होता है। यानी प्यार और पैसा...दोनों स्तरों पर थोड़ बोल्डनेस तो चाहिए...।

-इंदिरा राठौर

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