बिगड़ गया है बच्चा? जानें व्‍यवहार में बदलाव लाने के 5 आसान तरीके

बच्‍चा ज‍िद्दी बन गया है और ब‍िगड़ने के लक्षण नजर आ रहे हैं, तो 5 आसान तरीकों से बच्‍चों का व्‍यवहार बदल सकते हैं। जानें इनके बारे में।  

Yashaswi Mathur
Written by: Yashaswi MathurUpdated at: Dec 25, 2022 16:00 IST
बिगड़ गया है बच्चा? जानें व्‍यवहार में बदलाव लाने के 5 आसान तरीके

बच्‍चे जब स्‍वभाव से ब‍िगड़ जाते हैं, तो माता-प‍िता से पूछे बगैर ही अपनी ज‍िंदगी के फैसले लेने शुरू कर देते हैं। यहींं से समस्‍या की शुरुआत होती है। ऐसे बच्‍चे माता-प‍िता से दूर हो जाते हैं। उन्‍हें या तो अपने दोस्‍तों के साथ समय ब‍िताना पसंद होता या वो ज्‍यादातर अकेले रहते हैं। ऐसे बच्‍चे ड‍िप्रेशन का श‍िकार भी हो सकते हैं। ब‍िगड़े हुए बच्‍चों का संबंध माता-प‍िता के साथ खराब होने  लगता है। बचपन में अनबन के साथ जब बच्‍चे बड़े होते हैं, तो वो सही और गलत में फर्क नहीं समझ पाते। बच्‍चों के व्‍यवहार में बदलाव लाना चाहते हैं, तो कुछ आसान तरीकों के बारे में जान लें।   

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1. बच्‍चे को डांटने से बचें

बच्‍चे को डांटने से बचना चाह‍िए। गुस्‍सैल या ज‍िद्दी स्‍वभाव वाले बच्‍चे डांटने या मारने से काबू से बाहर हो जाते हैं। ऐसे बच्‍चों के व्‍यवहार को बदलने के ल‍िए सबसे पहले अपना व्‍यवहार बदलें और इन्‍हें डांटने से बचें। माता-प‍िता होने के नाते अगर आप बच्‍चों को डांटेंगे या मारेंगे, तो वो आपके साथ मन की बात साझा करने में ह‍िचक‍िचाएंगे। बच्‍चों के साथ दोस्‍ताना व्‍यवहार रखें। ज‍िद्दी बच्‍चों को समझाने के ल‍िए उन्‍हें सही तर्क दें और सही-गलत के बीच फर्क समझाने के ल‍िए दो व‍िकल्‍पों के फायदे और नुकसान पर चर्चा करें।

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2. बच्‍चे के गुस्‍सैल व्‍यवहार का कारण जानें  

ज‍िन बच्‍चों का स्‍वभाव च‍िड़च‍िड़ा है उन्‍हें अकेला न छोड़ें। कई बार बच्‍चों के ब‍िगड़ जाने का कारण उनका अकेलापन होता है। माता-प‍िता व्यस्‍त द‍िनचर्या में अगर बच्‍चों को भूल जाएंगे, तो वे अपने मन मुताब‍िक अपनी राय बनाएंगे और स्‍वभाव में गुस्‍सा और ज‍िद्द बढ़ जाएगी। ऐसे बच्‍चे गलत लत का श‍िकार हो जाते हैं।     

3. प्‍यार से बनेगी बात 

अगर आपका बच्‍चा ब‍िगड़ गया है, तो उससे प्‍यार से बात करें। गांधीजी के दर्शनशास्‍त्र की बात करें, तो प्‍यार से हम कोई भी काम करवा सकते हैं। इसी तरह ब‍िगड़े हुए बच्‍चे को समझाने के ल‍िए बच्‍चे के प्रत‍ि मन में प्‍यार और इज्‍जत रखते हुए उससे बदलते व्‍यवहार के बारे में बात करें। बच्‍चों को इस बात का एहसास नहीं होता क‍ि उनके व्‍यवहार में बदलाव कैसे आ रहा है। आप प्‍यार के साथ उन्‍हें गलत और सही व्‍यवहार की जानकारी दें।    

4. बच्‍चे की गलत ज‍ि‍द्द न मानें  

ब‍िगड़े हुए बच्‍चे, अपने माता-प‍िता की कमजोरी का फायदा उठाकर उनसे अपनी ज‍िद्द पूरी करने के ल‍िए कहते रहते हैं। ऐसी स्‍थ‍ित‍ि में अगर आप हर बार बच्‍चे की ज‍िद्द पूरी कर देंगे, तो ये आदत समय के साथ पुख्‍ता होती जाएगी। बच्‍चे की हर बात जरूर सुनें, लेक‍िन उसकी हर ज‍िद्द या मांगी हुई हर चीज को तुरंत दे देने की गलती न करें। माना की बच्‍चों के स्‍वभाव में भोलापन होता है लेक‍िन उनकी ज‍िद्द मान लेने से बच्‍चों के व्‍यवहार में अंतर आता है।           

5. बच्‍चे के साथ समय ब‍िताएं 

बच्‍चे के साथ समय न ब‍िताने के कारण बच्‍चे च‍िड़च‍िड़े और गुस्‍सैल बन जाते हैं। आपका बच्‍चा भी ब‍िगड़ गया है, तो उसे समय दें। बच्‍चे से आपकी दोस्‍ती क‍ितनी गहरी है, इस पर आपके बच्‍चे का व्‍यवहार ट‍िका होता है। वर्कि‍ंग पैरेंट्स के साथ अक्‍सर ये समस्‍या होती है। बच्‍चों को हफ्ते में एक बार बाहर घूमने के ल‍िए जरूर लेकर जाएं। इससे उनका मूड भी अच्‍छा रहेगा और आपके साथ बांड भी बेहतर होगा।          

ऊपर बताई गई ट‍िप्‍स की मदद से आप बच्‍चे के खराब व्‍यवहार को ठीक कर सकते हैं। लेख पसंद आया हो, तो शेयर करना न भूलें। 

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