धूम्रपान छोड़ने से निखरता है आपका व्यक्तित्व, जानें कैसे

By  , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग
May 17, 2016
Quick Bites

  • एक शोध के अनुसार सिगरेट छोड़ने से व्यक्तित्व में भी सुधार होता है।
  • वे लोग जो धूम्रपान छोड़ देते हैं में प्रतिकूल लक्षण कम हो जाते हैं।  
  • धूम्रपान छोड़ने वाले लोगों के व्यववहार में कई सकारात्मक बदलाव आए।

धूम्रपान छोड़ने के स्वास्थ्य लाभों के बारे में हमेशा से ही जान पढ़ते और सुनते हुए आए हैं। लेकिन हाल में हुए एक शोध से पता चला है कि बाकी के स्वास्थ्य लाभ के अलावा सिगरेट छोड़ने से व्यक्तित्व में भी सुधार होता है। चलिये विस्तार से जानें कैसे सिगरेट छोड़कर बेहतर बनती है पर्सनैलिटी।

क्या कहता है शोध

मिसौरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि 35 साल की उम्र में वयस्कों के बीच धूम्रपान आवेग (सोचे बिना काम करने के लिए) तथा तंत्रिका रोग (अक्सर भावनात्मक रूप से नकारात्मक और उत्सुक होने) के लिए प्रेरित करता है। शोध के अनुसार, वे लोग जो धूम्रपान छोड़ देते हैं, में ये प्रतिकूल लक्षण कम हो जाते हैं और उनके व्यक्तित्व में सुधार आता है। 

इसे भी पढ़ें - कौन सा चॉकलेट है हेल्‍दी ? वाइट, मिल्‍क या डार्क !

personality

शोधकर्ताओं ने पाया कि 18 से 35 वर्ष तक की उम्र के धूम्रपान करने वाले लोग, धू्म्रपान छोड़ चुके लोग की तुलना में अधिक आवेगी और विक्षिप्त होते हैं। इसके साथ-साथ आवेगी और भावनात्मक रूप से नकारात्मक और उत्सुक युवाओं के हानिकारक व्यवहार, जैसे धू्रपान आदि में शामिल होने की आशंका अधिक होती है। शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला है कि धूम्रपान विरोधी अभियानों द्वारा आवेगी व्यवहार को कम करने की दिशा में काम करना धूम्रपान करने वाले युवा वयस्कों पर प्रभावी सबित हो सकता है।

इसे भी पढ़ें : चोट या खरोंच को चाटना है कितना सही? जानें

कला और विज्ञान कॉलेज में मनोविज्ञान विभाग के चिकित्स्कीय विद्यार्थी एंड्रयू लिटिलफील्ड ने मिसौरी विश्वविद्यालय में जारी खबर में व्याख्या कर बताया कि, "आंकड़ों से संकेत मिलता है कि कुछ युवा वयस्कों के लिए धूम्रपान आवेगी होता है"। इसका मतलब है कि 18 साल के बच्चों पूर्वविवेक के बिना काम कर रहे हैं और लंबी अवधि के नकारात्मक परिणामों की परवाह न करते हुए तात्कालिक फायदों के इच्छुक हैं। वे कहते हैं कि, "मुझे पता है कि धूम्रपान से मेरे लिए बुरा है, लेकिन मुझे धूम्रपान करना है"।  
यह देखा गया है कि धूम्रपान छोड़ने वाले लोगों के व्यववहार में कई सकारात्मक बदलाव आए, जिससे उनके व्यक्तित्व में कई सकारात्मक बदलाव आते हैं और उनमें एक बेहतर व्यक्तित्व का निर्माण होता है।

एंड्रयू लिटिलफील्ड के अनुसार हालांकि, मादक द्रव्यों के सेवन के अन्य रूपों की ही तरह, धूम्रपान के साथ भी आनुवांशिक और पर्यावरणीय कारकों का जटिल संबंधों होता है। इस विषय पर शोध को आगे बढ़ाते हुए लिटिलफील्ड व्यक्तित्व और शराब के सेवन के आनुवंशिक प्रभाव का अध्ययन करने  की योजना बना रहे हैं।
SOURCE: University of Missouri, news release, Sept. 12, 2011

Image Source - Getty
Read More Articles On Healthy Living In Hindi.

Loading...
Is it Helpful Article?YES2 Votes 4007 Views 0 Comment
संबंधित जानकारी
  • सभी
  • लेख
  • स्लाइडशो
  • वीडियो
  • प्रश्नोत्तर
I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK