दुनिया में शायद ही कोई व्यक्ति ऐसा होगा, जिसे गुस्सा नहीं आता होगा। गुस्सा आना एक स्वाभाविक भावना है, जो तनाव, निराशा, अन्याय या अन्य कई कारणों से आ सकता है। गुस्सा आना काफी आम बात है और यह हर किसी को कभी न कभी जरूर आता है। लेकिन गुस्सा अगर किसी व्यक्ति को बहुत ज्यादा आता हो तो इसका असर उसके स्वास्थ्य और हार्ट हेल्थ पर पड़ सकता है। वर्तमान में काम का प्रेशर, आपसी अनबन, तनाव आदि कारणों से लोग हमेशा गुस्से में रहते हैं। कई लोगों के लिए यह सामान्य हो सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा गुस्सा करने से आपके दिल की सेहत पर असर पड़ता है। इस लेख में हम Dr Deebanshu Gupta, Cardiologist at Sarvodaya Hospital, Jalandhar से जानते हैं कि गुस्सा करने से दिल पर क्या असर पड़ता है और यह कौन-कौन सी बीमारियों का कारण बन सकता है।
गुस्सा करने से दिल की सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है?
2022 में European Heart Journal Open में प्रकाशित स्टडी के अनुसार जो लोग बहुत ज्यादा और बार-बार गुस्सा करते हैं उनमें दिल की बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ जाता है। खासकर हेल्दी मध्यम उम्र और बुजुर्गों में गुस्सा करने के कारण हार्ट फेलियर, दिल की धड़कन का अनियमित होना और दिल की बीमारियों से मौत का जोखिम देखने को मिलता है। इतना ही नहीं यह खतरा उन पुरुषों में भी ज्यादा देखा गया है, जिन्हें डायबिटीज की समस्या है। डॉ. दीबांशु गुप्ता के अनुसार, गुस्सा करने का सीधा असर हमारे दिल की सेहत पर पड़ता है। इसलिए, जब हम गुस्सा करते हैं तो हमारा शरीर तनाव की स्थिति में आ जाता है, जिससे दिल पर कई तरह से असर पड़ता है। जैसे-
1. ब्लड प्रेशर बढ़ना
2014 में Pakistan Journal Of Psychological Research में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार गुस्से और हाई ब्लड प्रेशर के बीच एक गहरा कनेक्शन है। गुस्से के अलग-अलग रूप हाई ब्लड प्रेशर होने के मुख्य मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं। गुस्से के दौरान तनाव वाले हार्मोन एड्रेनालिन और कोर्टिसोल तेजी से बढ़ने लगते हैं, जिससे खून की नसें सिकुड़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ सकता है।
2. हार्ट रेट बढ़ना
गुस्से के कारण दिल की धड़कनें बहुत तेज हो जाती हैं। जब दिल बार-बार शॉक की स्थिति से गुजरता है तो उसकी मांसपेशियों के थकने और कमजोर होने का जोखिम बढ़ जाता है।
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3. हार्ट अटैक का जोखिम
ज्यादा गुस्से के दो घंटे बाद तक हार्ट अटैक आने की संभावना ज्यादा बनी रहती है। यह उन लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक होता है, जिन्हें पहले से दिल की कोई बीमारी हो।
4. खून का थक्का जमना
बार-बार गुस्सा करने से खून में गाढ़ापन आ सकता है, जिससे धमनियों में क्लॉट बनने की संभावना बढ़ जाती है। यह थक्के आगे चलकर व्यक्ति में स्ट्रोक या दिल के दौरे का कारण बन सकते हैं।
गुस्से से होने वाली दिल की बीमारियां
डॉ. दीबांशु गुप्ता के मुताबिक बार-बार गुस्सा करने या लंबे समय तक गुस्से में रहने के कारण दिल से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। 2013 में Progress in Cardiovascular Diseases में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, लंबे समय तक गुस्सा रहना दिल की बीमारी के जोखिम से जुड़े हैं। गुस्सा और तनाव झेलने की क्षमता नर्वस सिस्टम की कार्यप्रणाली के बिगड़ने, दिल की धड़कन में बदलाव, खून के थक्के जमने और शरीर में सूजन से जुड़ी समस्याएं हैं।
1. हाई ब्लड प्रेशर
बार-बार गुस्सा करने से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। धीरे-धीरे यह स्थिति परमानेंट हाई ब्लड प्रेशर में बदल सकती है, जो दिल की बीमारी का कारण बनती है।
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2. हार्ट अटैक का खतरा
गुस्से के दौरान व्यक्ति के दिल की धड़कने तेज हो जाती हैं, जिससे हार्ट पर ज्यादा दबाव पड़ता है। इससे हार्ट अटैक का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है, खासकर उन लोगों में जिन्हें पहले से दिल की समस्या हो।
3. कोरोनरी आर्टरी डिजीज
बहुत ज्यादा गुस्सा करने और तनाव लेने के कारण धमनियों में प्लाक यानी चर्बी जमा होने लगती है, जिससे हार्ट ब्लॉकेज की समस्या बढ़ सकती है और दिल तक ब्लड फ्लो कम हो जाता है।
4. स्ट्रोक का खतरा
ज्यादा गुस्से के कारण ब्लड प्रेशर और ब्लड क्लॉटिंग की समस्या बढ़ जाती है, जो हार्ट स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
5. हार्ट फेलियर
लंबे समय तक दिल पर प्रेशर रहने से हार्ट के काम करने की क्षमता कम हो सकती है, जिससे हार्ट फेलियर की स्थिति पैदा हो सकती है।

गुस्सा करने पर दिल की बीमारी का ज्यादा खतरा किसे होता है?
डॉ. दीबांशु गुप्ता का कहना है कि गुस्सा करना हर व्यक्ति की सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। हालांकि, कुछ लोगों में इसका असर ज्यादा नजर आता है।
- जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी की समस्या होती है, उनके लिए गुस्सा करना खतरनाक हो सकता है।
- अगर किसी को पहले से ही ब्लड प्रेशर की समस्या होती है तो गुस्सा करने से ये समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।
- डायबिटीज के मरीजों के लिए भी गुस्सा करना हानिकारक माना जाता है। हाई ब्लड शुगर और गुस्सा मिलकर दिल की बीमारी के जोखिम को और बढ़ा सकते हैं।
- ज्यादा तनाव में रहने वाले लोगों के लिए भी गुस्सा करना हानिकारक माना जाता है।
- स्मोकिंग और शराब का ज्यादा सेवन करने वाले लोगों के लिए भी गुस्सा करना नुकसानदायक माना जाता है, क्योंकि इससे उनके दिल पर ज्यादा प्रेशर पड़ सकता है।
- शारीरिक गतिविधियां न करने वाले लोगों के दिल के लिए भी गुस्सा करना सही नहीं माना जाता है।
- नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ने लगता है। इसलिए अनिद्रा की समस्या में भी गुस्सा करना दिल के लिए हानिकारक होता है।
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गुस्से को कंट्रोल करने के तरीके
NHS के अनुसार, गुस्सा एक नॉर्मल और हेल्दी फीलिंग है, लेकिन अगर आपको अपने गुस्से पर काबू पाना मुश्किल लगता है तो यह एक समस्या बन सकता है। इसलिए आप इन टिप्स की मदद से अपने गुस्से को कंट्रोल करना सीख सकते हैं-
- गहरी सांस लेने का नियमित रूप से अभ्यास करें। जब भी गुस्सा महसूस हो तो लंबी और गहरी सांस लें। इससे आपके दिमाग को शांति मिलती है और दिल की धड़कन नॉर्मल रहती है।
- नकारात्मक सोच और कड़वी बातों को मन में न रखें। उन बातों को सोचना बंद करने से मन का बोझ हल्का होता है और तनाव को कम करने में मदद मिलती है।
- गुस्सा आने के दौरान अपनी भावनाओं को पहचानने की कोशिश करें। अपनी भावनाओं को समझकर आप इन पर बेहतर तरीके से कंट्रोल कर सकते हैं।
- नियमित रूप से एक्सरसाइज जैसे पैदल चलना, तैरना या दौड़ना जैसी गतिविधियां करें। इन्हें करने से तनाव को कम करने में बहुत मदद मिलती है। यह न सिर्फ मूड में सुधार करने का काम करते हैं, बल्कि दिल को भी हेल्दी रखते हैं।
- रोजाना योग या मेडिटेशन करने से चिड़चिड़ापन कम होता है और मानसिक शांति बनी रहती है।
- पर्याप्त और अच्छी नींद लेने से तनाव को कम करने में मदद मिल सकती है। यह आपके शरीर और दिमाग को आराम देने में मदद करता है, इसलिए आप रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेने की कोशिश करें।
डॉक्टर से कब सलाह लें?
कई बार गुस्से के कारण शरीर में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं, जो दिल पर पड़ने वाले नुकसान के संकेत होते हैं। बहुत ज्यादा गुस्सा करने वाले लोगों को शरीर में नजर आने वाले लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। इसलिए अगर आपके शरीर में भी ये लक्षण नजर आएं तो अनदेखा किए बिना डॉक्टर से सलाह लें-
- सीने में तेज दर्द और दबाव महसूस होना
- सांस लेने में समस्या होना
- दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित होना
- बार-बार बिना किसी कारण चक्कर आना या बेहोशी होना
- बिना ज्यादा शारीरिक गतिविधि किए थकान महसूस होना।
निष्कर्ष
गुस्से के दौरान शरीर में होने वाले बदलाव दिल पर ज्यादा दबाव डालते हैं, जिससे हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और अन्य गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ जाता है। गुस्से को सही तरीके से कंट्रोल करके आप इन बीमारियों के जोखिमों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। इसलिए, गुस्से को कंट्रोल करने के लिए नियमित रूप से मेडिटेशन, योग, एक्सरसाइज, हेल्दी लाइफस्टाइल और पॉजिटिव सोच अपना सकते हैं।
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FAQ
ज्यादा गुस्सा करने से कौन सी बीमारी होती है?
ज्यादा गुस्सा करने से मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी कई बीमारियां जैसे दिल की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, डिप्रेशन और कार्डियक अरेस्ट का जोखिम बढ़ सकता है।ज्यादा गुस्सा आता है तो क्या करना चाहिए?
ज्यादा गुस्सा आने पर तुरंत गहरी सांस लेनी चाहिए और ठंडा पानी पीना चाहिए। ऐसा करने से दिमाग शांत होता है।क्रोध से कौन सा अंग खराब हो जाता है?
गुस्सा करने का असर आपके दिल और लिवर की सेहत पर पड़ता है। बार-बार गुस्सा करने से ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है, जो दिल की बीमारियों, हार्ट अटैक और लिवर में अपशिष्ट पदार्थों की मात्रा बढ़ने का कारण बन सकता है।कौन से विटामिन की कमी से गुस्सा आता है?
गुस्सा आमतौर पर शरीर में विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी के कारण हो सकता है। इसके अलावा शरीर में विटामिन बी6, मैग्नीशियम और जिंक की कमी भी इसका कारण बन सकती है।दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
दिल की बीमारी के शुरुआती लक्षणों में सीने में दर्द, बेचैनी, सांस फूलना, बिना कारण थकान और पसीना आना आदि शामिल हैं।
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Apr 26, 2026 22:30 IST
Modified By : Katyayani Tiwari Apr 26, 2026 22:30 IST
Modified By : Katyayani TiwariApr 26, 2026 22:30 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Deebanshu Gupta