Tue Sep 15, 2026 | 01:48 PM IST

कान गर्म होने का क्या हैं कारण? जानें कानों की गर्माहट दूर करने के उपाय

अगर आपको भी कानों में गरमाहट महसूस होती है तो उसका कारण और इलाज जानने के ल‍िए पढ़ें पूरा लेख

कान गरम होने का क्‍या कारण है? कान गरम होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे- तापमान में बदलाव, एंग्‍जाइटी, गुस्‍सा, हार्मोनल चेंज आद‍ि। कई बार कानों में इंफेक्‍शन या सनबर्न के कारण भी कानों में गरमाहट महसूस होती है। कान में होने वाली परेशानी का समय रहते पता लगा लेना चाह‍िए नहीं तो अंदरूनी तकलीफ बढ़ सकती है। कान लाल होने के साथ आपको कान में दर्द या सूजन भी महसूस हो सकती है। इसका इलाज आपको डॉक्‍टर से ही करवाना चाह‍िए। इस लेख में हम कानों के गरम होने का कारण, लक्षण और इलाज पर बात करेंगे। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िए हमने लखनऊ के केयर इंस्‍टिट्यूट ऑफ लाइफ साइंसेज की एमडी फ‍िजिश‍ियन डॉ सीमा यादव से बात की। 

hot ears symptoms

कैसे पता चलता है कान गरम हो गए हैं? (Symptoms of hot ears)

अगर कानों में इंफेक्‍शन के कारण आपके कान गरम हो रहे हैं तो कानों में गरमाहट के साथ दर्द, कान से र‍िसाव होना, सुनने में परेशानी होने जैसी समस्‍या हो सकती है वहीं बच्‍चों में कान गरम होने पर कानों में गरमाहट के अलावा बुखार, स‍िरदर्द, भूख न लगने जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। अगर धूप के कारण आपके कान गरम हुए हैं तो कानों में गरमाहट के साथ कान लाल हो जाएंगे। 

क्‍यों गरम होते हैं कान? (Causes of hot ears)

कई कारण हैं ज‍िसके चलते कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है जैसे- 

  • गर्मियों के द‍िनों में धूप की तेज क‍िरणों के असर से कानों में गरमी पैदा हो सकती है। 
  • जब आप गरम से ठंडे या ठंडे से गरम वातावरण में जाते हैं तो भी आपके कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है। 
  • मानस‍िक स्‍थ‍ित‍ि का असर भी कानों पर पड़ता है। अगर आप बहुत ज्‍यादा गुस्‍से में हैं या आपको एंग्‍जाइटी महसूस हो रही है तो भी कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है। 
  • वायरस या बैक्‍टीर‍िया के इंफेक्‍शन से भी कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है। 
  • हार्मोन्‍स में बदलाव के कारण कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है।
  • कान गरम होने की समस्‍या मेनोपोज या कीमोथैरेपी के दौरान भी हो सकती है। 

इसे भी पढ़ें- बच्चे ही नहीं बड़ों को भी हो सकता है कान में गंभीर इंफेक्शन, जानें इयर इंफेक्शन के 7 प्रकार और उनके लक्षण

कान गरम होने की समस्‍या कैसे दूर करें? (How to treat hot ears)

hot ears treatment

अगर आपको कानों में गरमाहट महसूस हो रही है तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, अगर आप कारण समझ लेंगे तो इलाज उस मुताब‍िक कर सकेंगे। इस समस्‍या को कुछ कॉमन उपायों से भी दूर क‍िया जा सकता है- 

  • तापमान बढ़ने के कारण गर्मी से कान गरम होना सबसे आम कारण है। इस समस्‍या से बचने के ल‍िए आप ऐसी टोपी खरीदें ज‍िससे आप कानों को ढक पाएं।
  • सर्दी के मौसम की तरह गर्मियों में भी कान ढकना जरूरी है। इससे हीट सीधे आपके कानों को तकलीफ नहीं पहुंचाएगी। आप कैप की जगह सूती कपड़े से भी कानों को ढक सकते हैं। 
  • अगर धूप में न‍िकलने से पहले आप कानों के बाहरी सतह पर एलोवेरा जेल लगा लें तो गर्मी में आपके कान ज्‍यादा गरम होने से बच जाएंगे। लेक‍िन जेल लगाते समय सावधान रहें, जेल आपके कानों में नहीं जाना चाह‍िए।
  • हार्मोनल बदलाव के कारण भी कान में गरमाहट महसूस हो सकती है इसलिए ऐसा होने पर आप हल्‍के कपड़े पहन लें। बॉडी ज्‍यादा हीट होने के कारण भी कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है। 
  • गरम कान की समस्‍या दूर करने के ल‍िए आपको कैफीन, एल्‍कोहॉल को छोड़ना है। इन चीजों के सेवन से भी कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है।
  • अगर आपको इंफेक्‍शन के कारण कानों में गरमाहट महसूस हो रही है तो डॉक्‍टर आपको एंटी-बैक्‍टीर‍ियल या एंटी-फंगल क्रीम, दवा या ड्रॉप भी दे सकते हैं। 
  • अगर आप बहुत ज्‍यादा तला-भुना खाना खाते हैं तो बॉडी हीट करती है ज‍िसके कारण आपको कानों में गरमाहट महसूस हो सकती है इसल‍िए गरम कानों को ठीक करने का आसान तरीका है स्‍पाइसी फूड से दूर रहें। 

कान गरम होने पर इस्‍तेमाल करें ठंडा कपड़ा 

अगर आपके कान बहुत ज्‍यादा गरम महसूस हो रहे हैं तो आप ठंडे पानी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

  • लेक‍िन डॉक्‍टर कानों पर बर्फ लगाने से मना करते हैं। आपको कान में गरमाहट और दर्द दूर करने के ल‍िए साफ रूमाल या कपड़ा लेना है और उसे ठंडे पानी में डुबो देना है।
  • सारा पानी न‍िचोड़कर कपड़े को कान के बाहरी ह‍िस्‍से पर कुछ सेकेंड के ल‍िए रखें और हटा लें।
  • 8 से 10 बार आप इसे र‍िपीट कर सकते हैं।
  • आप इस इलाज को ध्‍यान से करें, कपड़े का पानी आपके कान के अंदर नहीं जाना चाह‍िए और न ही आपको कान के अंदर कपड़ा लगाना है, केवल बाहरी सतह पर कपड़ा रखें। 

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कान गरम होने की समस्‍या से कैसे बचें? (Tips to prevent hot ears)

tips to prevent hot ears

  • कान गरम होने की समस्‍या से बचना चाहते हैं तो साफ-सफाई पर ध्‍यान दें, कानों में गंदगी के कारण ईयर इंफेक्‍शन होता है ज‍िसके कारण कानों में गरमाहट महसूस होती है। इसल‍िए कानों की सफाई के ल‍िए हर दो महीनों में एक बार डॉक्‍टर के पास जरूर जाएं। 
  • अगर आपके कानों में खुजली होती है तो तेल डालने की गलती न करें, बल्‍क‍ि डॉक्‍टर द्वारा बताए गए ईयरड्रॉप का इस्‍तेमाल करें। 
  • कान को साफ करने के ल‍िए नुकीली चीज डालने से बचें, इससे कानों के अंदर की नसें डैमेज हो सकती हैं। 
  • कान की गरमाहट से बचने के ल‍िए आपको कानों को संक्रम‍ित मुक्‍त रखना है, इसके ल‍िए आप खास ख्‍याल रखें क‍ि कानों में पानी न जाए।
  • कानों को गरम होने से बचाने के ल‍िए आप बाहर न‍िकलने से पहले कानों को अच्‍छी तरह ढककर जाएं। 
  • मोबाइल फोन और हेडफोन से भी आजकल कानों में संक्रमण फैल रहा है, अपनी स्‍क्रीन और हेडफोन को साफ रखें। 
  • ज्‍यादा देर गाने सुनने या फोन पर बात करने से बचें और फोन को बाथरूम में इस्‍तेमाल न करें, नहीं तो आपके कान तक इंफेक्‍शन पहुंच सकता है।
  • गंदे हाथों से कानों को न छुएं, अगर आपको कान या आसपास संक्रमण या पस जमा होता नजर आ रहा है तो ईएनटी डॉक्‍टर के पास तुरंत जाकर इलाज करवाएं।  

जब भी आप कान गरम होने की समस्‍या लेकर डॉक्‍टर के पास जाएं तो उन्‍हें सारे लक्षणों के बारे में बताएं। आप अपनी कंडीशन के बारे में जि‍तना अच्‍छे से डॉक्‍टर को बता पाएंगे उतना जल्‍दी आपको सही इलाज म‍िल सकेगा। 

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jun 17, 2021 00:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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