Fri Sep 11, 2026 | 08:29 PM IST

चींटी काटने पर होने वाले जलन और सूजन से पाएं निजात, इस्तेमाल करें ये 9 घरेलू उपाय

चींटी के काटने पर होने वाली सूजन, जलन औ दर्द से राहत पाने के ल‍िये आप आसान घरेलू उपायों को अपना सकते हैं। 

क्‍या आपको पता है चींटी के काटने पर क्‍या करना चाह‍िये? अगर नहीं तो आज के लेख में आप जानेंगे क‍ि चींटी के काटने पर आप क‍िन घरेलू नुस्‍खों की मदद से शरीर पर दर्द और सूजन से छुटकारा पा सकते हैं। घर में चींटी क‍िसी भी मौसम में आ जाती है। ब‍िस्‍तर पर खाना खाने की आदत भी चींट‍ियों की दावत बन सकती है। चींटी के काटने से शरीर में जलन, सूजन या खुजली हो सकती है। इससे बचने के ल‍िये कुछ घरेलू उपाय हैं ज‍िसको इस्‍तेमाल करने से आपको दर्द और सूजन से जल्‍द राहत म‍िल सकती है। इस व‍िषय पर ज्‍यादा जानकारी के ल‍िये हमने ओम स्किन क्लीनिक, लखनऊ के वरिष्ठ कंसलटेंट डर्मेटोलॉज‍िस्‍ट डॉ देवेश मिश्रा से बात की।  

ant bite remedies

1. टूथपेस्ट (Toothpaste)

चींटी या मधुमक्‍खी काट ले तो आप घर में आसानी से पाए जाने वाले टूथपेस्‍ट को भी प्रभाव‍ित ह‍िस्‍से में लगा सकते हैं। दरअसल टूथपेस्‍ट में म‍िंट होता है। इसको जलन वाली ह‍िस्‍से में लगाने से आराम म‍िलता है। अगर प्रभाव‍ित इलाके में सूजन है तो भी आप टूथपेस्‍ट को लगा सकते हैं। 

2. शहद (Honey benefits for skin)

चींटी के काटने पर शहद का इस्‍तेमाल लंबे समय से क‍िया जाता रहा है। शहद में एंटीबैक्‍टेर‍ियल गुण होते हैं। शहद लगाने से इंफेक्‍शन का खतरा भी नहीं रहता। शहद लगाने से खुजली में भी राहत म‍िलती है। इसमें मौजूद एंजाइम जहर को काटते हैं तो अगर आपको कोई कीड़ा काट लेता है तो भी आप शहद का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। 

3. नार‍ियल तेल (Coconut oil)

नार‍ियल तेल के गुणों से तो हम सब वाक‍िफ हैं। अगर चींटी काटे तो आप नार‍ियल तेल लगा लें। इससे प्रभाव‍ित जगह पर ठंडक पहुंचेगी। चींटी के काटने के तुरंत बाद जलन वाली जगह पर तेल की कुछ बूंदें डालकर मसाज करें। थोड़ी देर में आराम‍ म‍िलेगा। 

4. बेकिंग सोडा (Benefits of baking soda)

baking soda for skin

अगर आपको चींटी या कीड़ा काट लेता है तो बेकिंग सोडा कारगर उपाय हो सकता है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं ज‍िससे सूजन, दर्द और खुजली में आराम म‍िलता है। आप 1 चम्‍मच बेक‍िंग सोडा को पानी में म‍िलाकर म‍िश्रण बना लें। इस पेस्‍ट को 15 म‍िनट के ल‍िये उस जगह लगा लें जहां चींटी ने काटा है। कुछ समय बाद दर्द अपने आप ठीक हो जायेगा। 

5. तुलसी (Tulsi)

चींटी के काटने पर आप तुलसी के पत्‍तों का पेस्‍ट भी लगा सकते हैं। कुछ पत्‍त‍ियों को लेकर म‍िक्‍सी में चलाकर उसका पेस्‍ट बना लें। पेस्‍ट को उस जगह लगा लें जहां चींटी ने काटा है। इससे शरीर में क‍िसी और जगह इंफेक्‍शन नहीं फैलेगा। तुलसी के पत्‍तों का पेस्‍ट आप मच्‍छर या मधुमक्‍खी के काटने पर भी लगा सकते हैं। 

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6. एलोवेरा (Alovera benefits)

एलोवेरा से स्‍किन की कई तरह की समस्‍या दूर होती है। चींटी के काटने पर आप एलोवेरा लगा सकते हैं। एलोवेरा का पत्‍ता लें और उसका जैल न‍िकालकर कटोरी में न‍िकाल लें। जलन और दर्द से छुटकारा पाने के ल‍िये आप एलोवेरा के जैल को प्रभाव‍ित हिस्‍से में लगायें इससे आपको दर्द में आराम म‍िलेगा।  

7. बर्फ (Ice therapy)

चींटी या कोई भी कीड़ा काट ले तो सबसे इफेक्‍ट‍िव तरीका है बर्फ की स‍िकाई। बर्फ को प्रभाव‍ित ह‍िस्‍से पर लगाने से सूजन कम होती है और दर्द में आराम‍ म‍िलता है। बर्फ को सीधे प्रभाव‍ित इलाके में न न‍िकालें। बर्फ को साफ सूती कपड़े में बांधकर लगा लें। इससे खुजली भी दूर होगी। 

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8. सिरका (Benefits of vinegar for skin)

स‍िरके को दवाई की तरह भी इस्‍तेमाल क‍िया जाता है। चींटी के काटने पर आप रूई में स‍िरका लगाकर प्रभाव‍ित ह‍िस्‍से में लगा लें। इससे जलन ठीक हो जायेगी। स‍िरके को रूई पर लगाकर प्रभाव‍ित इलाके पर कुछ देर के ल‍िये रख भी सकते हैं। 

9. सेंधा नमक (Rock salt)

सेंधा नमक दर्द दूर करने में इफेक्‍ट‍िव माना जाता है। चींटी ने काटा हो तो गरम पानी में सेंधा नमक डालें। गरम पानी से सेक करने के ल‍िये पानी को सूती कपड़े में डुबोकर स‍िकाई करें। इससे दर्द और सूजन धीरे-धीरे ठीक हो जायेगी। 

इस सब उपायों को अपनाने से आपको जल्‍द आराम म‍िलेगा। अगर चींटी काटने के बाद कई घंटों तक दर्द बना रहता है तो डॉक्‍टर को द‍िखायें। 

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Yashaswi Mathur

Yashaswi Mathur

Senior Sub Editor

यशस्वी माथुर पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 8 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। यहां वह स्वास्थ्य, महिला स्वास्थ्य, पोषण और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं। यशस्वी की खासियत है जटिल मेडिकल विषयों और रिसर्च को आसान भाषा में समझाना, ताकि आम पाठक भी उन्हें आसानी से समझ सके। लेख तैयार करते समय वह विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय, मेडिकल रिसर्च और भरोसेमंद स्रोतों का ध्यान रखती हैं। जिन विषयों में मेडिकल वैरिफिकेशन जरूरी होता है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हिंदुस्तान अखबार से की थी। उस दौरान स्वास्थ्य से जुड़ी उनकी एक खोजी रिपोर्ट के बाद लखनऊ के KGMU स्थित क्वीन मेरी अस्पताल के गायनेकोलॉजी विभाग में व्यवस्थाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग को सुधारात्मक कदम उठाने पड़े। Editorial Policy: यशस्वी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Jan 26, 2021 12:00 IST

    Published By : Yashaswi Mathur

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