टीबी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये 6 घरेलू उपाय

टीबी एक जानलेवा बीमारी है। लेकिन समय रहते इस पर ध्यान दिया जाए, ताे  इसे आसानी से हराया जा सकता है। इससे राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय अपना सकते हैं

Anju Rawat
Written by: Anju RawatPublished at: Jul 05, 2021Updated at: Jul 05, 2021
टीबी से राहत पाने के लिए अपनाएं ये 6 घरेलू उपाय

टीबी दुनियाभर में हाेने वाले मौताें का एक प्रमुख कारण है। हर साल लाखाें लाेग इस बीमारी की वजह से अपनी जान गंवाते हैं। इसलिए टीबी बीमारी का नाम सुनते ही लाेग घबरा जाते हैं। टीबी एक संक्रामक बीमारी है। यह ट्यूबरक्युलाेसिस बैक्टीरिया के कारण हाेने वाली एक बीमारी है। यह फेफड़ाें काे सबसे ज्यादा प्रभावित करता है, लेकिन फेफड़ाें के साथ ही ब्रेन, हड्डियाें, और मुंह में भी टीबी हाे सकती है। टीबी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। साथ ही यह  प्रभावित  अंग काे बेकार कर देती है, एेसे में इसका समय रहते इलाज करना बहुत जरूरी हाेता है। आप चाहें ताे कुछ घरेलू उपायाें की मदद से भी टीबी से राहत पा सकते हैं, लेकिन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

दरअसल, टीबी कमजाेर इम्यूनिटी वाले लाेगाें में ज्यादा देखने काे मिलती है। इसका बैक्टीरिया कमजाेर इम्यूनिटी के लाेगाें काे अपनी चपेट में जल्दी ले लेता है। इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए इम्यूनिटी काे मजबूत बनाना बहुत जरूरी है। टीबी काे क्षय राेग और तपेदिक के नाम से भी जाना जाता है। टीबी काे अंग्रेजी में Tuberculosis कहा जाता है। इस बीमारी से पीड़ित हाेने पर आपकाे डरने या घबराने की जरूरत नहीं है, आप साधारण तौर पर कुछ घरेलू उपायाें काे अपनाकर इससे राहत पा सकते हैं। न्यूट्रीशनिस्ट हिमांशु राय से जानें इन घरेलू उपायाें के बारे में- 

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garlic cure tb

1. लहसुन (Garlic Cure Tuberculosis)

टीबी की समस्या के लिए लहसुन एक लाभकारी या अच्छा घरेलू नुस्खा है। लहसुन में एलीसिन और एजाेइन नामक तत्व हाेते हैं, जाे टीबी के बैक्टीरिया काे बढ़ने से राेकने में मदद करते हैं। ये तत्व क्षय राेग से लड़ने में सहायता करते है। इसलिए लहसुन काे टीबी की बीमारी से राहत दिलाने के लिए फायदेमंद माना जाता है। लहसुन फेफड़ाें काे साफ रखने में मददगार हाेता है। लहसुन में एंटीमाइक्रोबियल गुण हाेते हैं, जाे इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं।

उपयाेग का तरीका :   टीबी की बीमारी में लहसुन का उपयाेग या सेवन करना फायदेमंद हाे सकता है। इसके लिए आप राेज सुबह खाली पेट 4-5 लहसुन की कलियां पानी के साथ लें। इसके अलावा आप रात काे लहसुन पानी में डाल दें और फिर सुबह उठकर इसका सेवन कर सकते हैं। खाली पेट लहसुन खाना फायदेमंद हाेता है। साथ ही आप चाहें ताे लहसुन काे पीसकर इसमें दूध मिला लें। इसके बाद इसमें पानी डालकर इसे उबालें और आधा रह जाने पर इसे पी लें। 

2. विटामिन ए, बी और सी (Vitamin A, B and C Good for Tuberculosis)

टीबी की बीमारी से राहत पाने के लिए आप अपनी डाइट में विटामिन ए, बी और सी से भरपूर डाइट शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा विटामिन ई भी टीबी से राहत दिलाने में सहायक हाेता है।  आप अपनी डाइट में इन विटामिंस से भरपूर डाइट लें और टीबी की समस्या से राहत पाएं।  इसके लिए आप संतरा, गाजर, कद्दू, आंवला, नट्स और टमाटर काे अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। खट्टे फलाें में विटामिन सी भरपूर हाेता है।  इतना ही नहीं अगर आप नॉन वेज खाते हैं, ताे इसका भी सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा प्रोटीन और जिंक रिच डाइट भी शामिल कर सकते हैं। इनसे शरीर की राेग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हाेती है और शरीर में बैक्टीरिया की वृद्धि नहीं हाेती है।

उपयाेग का तरीका  :  टीबी की समस्या काे कम करने के लिए आप अपनी डाइट में विटामिन ए, बी, सी और ई काे शामिल करें। दरअसल, टीबी की बीमारी ज्यादातर कमेजार इम्यूनिटी वाले लाेगाें काे हाेती है, एेसे मे अच्छी डाइट से इस बीमारी से अपना बचाव किया जा सकता है। अगर आपकी कमजाेर इम्यूनिटी है, ताे इन विटामिंस काे अपने खान-पान में जरूर शामिल करें।

Mint Cure TB

3. पुदीना (Mint Cure Tuberculosis)

ताजा पुदीना टीबी के लिए सबसे आसान घरेलू उपायाें में से एक है। आप अपनी टीबी की समस्या से राहत पाने के लिए अपनी डाइट में पुदीने काे शामिल कर सकते हैं। पुदीने में एंटीऑक्सीडेंट्स और इम्यूनिटी बूस्टिंग गुण हाेते हैं, जिससे टीबी के इंफेक्शन से काफी हद तक बचा जा सकता है। इसके साथ ही पुदीने में एंटी बैक्टीरियल गुण भी हाेते हैं, जिसे टीबी के राेग में लाभदायक माना जाता है। पुदीना श्वसन तंत्र काे साफ करने में भी मदद करता है और  शुद्ध हवा मुक्त मार्ग की अनुमति देता है। 

उपयाेग का तरीका  :  टीबी की बीमारी से राहत पाने के लिए आप पुदीने का सेवन कर सकते हैं। इसके लिए पुदीने का रस निकाल लें। इसमें शहद, सिरका और गाजर का जूस मिलाकर पी लें। आप दिन में दाे-तीन बार इस जूस का सेवन कर सकते हैं। इससे आपके फेफड़ाें काे साफ हाेने में मदद मिलेगी।

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4. आंवला (Gooseberry is Good in Tuberculosis)

आंवले का सेवन करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर हाेता है। आंवला संपूर्ण स्वास्थ्य काे बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। आंवला बालाें और त्वचा के साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हाेता है। टीबी के घरेलू इलाज में भी आंवले का इस्तेमाल किया जा सकता है। आंवला विटामिन सी से भरपूर हाेता है, जिससे शरीर की राेग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत  बनती है और आपकाे टीबी के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है। इसके साथ ही आंवले में एंटी बैक्टीरियल गुण भी हाेते हैं, जाे शरीर में बैक्टीरिया काे बढ़ने से राेकता है और आपकाे स्वस्थ रखता है।

उपयाेग का तरीका : टीबी की समस्या से राहत पाने के लिए आप आंवले का सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं। लेकिन राेजाना एक गिलास आंवले का जूस पीना बेहद लाभकारी हाे सकता है। इसके लिए आप आंवले का जूस निकाल लें। इसमें शहद मिलाकर राेजाना खाली पेट पी जाएं। आप चाहें ताे आंवले का पावडर भी शहद के साथ ले सकते हैं। 

Black Pepper cure TB

5. काली मिर्च (Black Pepper Cure Tuberculosis)

टीबी की बीमारी से राहत पाने के लिए काली मिर्च का सेवन करना भी लाभकारी हाे सकता है। टीबी के घरेलू उपायाें में काली मिर्च का उपयाेग करना बेहद फायदेमंद हाेता है। काली मिर्च में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण हाेते हैं, जाे फेफड़ाें से गंदगी निकालकर उन्हें साफ करने में मदद करता है। काली मिर्च टीबी के कारण हाेने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है और परेशानी काे कम करता है। 

उपयाेग का तरीका  :  टीबी की बीमारी के लिए काली मिर्च का सेवन करने से आपकाे फायदा मिल सकता है। इसके लिए आप काली मिर्च के 4-5 दाने लें। इन्हें तुलसी की पत्तियाें के साथ पीसें और शहद के साथ लें। इसके अलावा आप चाहें ताे काली मिर्च का उपयाेग घी या मक्कन के साथ भी कर सकते हैं। काली मिर्च काे घी में तल लें, इसके बाद में इसे दिन में दाे-तीन बार खा सकते हैं। 

6.  ग्रीन टी (Green Tea Beneficial in Tuberculosis )

ग्रीन टी भी टीबी की बीमारी से राहत दिलाने के लिए बेहद लाभकारी हाे सकता है। ग्रीन टी  में काफी अच्छी मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स हाेते हैं, जाे क्षय राेग या टीबी काे ठीक करने में मदद करते हैं। साथ ही ग्रीन टी  शरीर की राेग प्रतिरोधक क्षमता  काे भी मजबूत बनाता है। मजबूत इम्यूनिटी वालाें काे टीबी की बीमारी जल्दी से अपनी चपेट में नहीं लेती है। ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल भी मौजूद हाेता है, जाे टीबी पैदा करने वाले बैक्टीरिया से लड़ने में सहायक हाेता है। 

उपयाेग का तरीका :  टीबी हाेने पर ग्रीन टी का सेवन किया जा सकता है। इसके लिए ग्रीन टी की पत्तियाें काे पानी में उबाल लें और इसका सेवन करें। आप ग्रीन टी का सेवन दिन में 2 बार कर सकते हैं। 

टीबी हाेने पर इन चीजाें का रखें ध्यान (Precautions in Tuberculosis)

  • टीबी से राहत पाने के लिए आपकाे अपनी डाइट पर भी खास ध्यान देने की जरूरत हाेती है। इस दौरान आप खिचड़ी का ज्यादा सेवन कर सकते हैं। 
  • ताजे फलाें और सब्जियाें के सेवन से भी टीबी की समस्या में काफी हद तक आराम मिल सकता है। 
  • विटामिंस, प्रोटीन और जिंक रिच खाद्य पदार्थाें का सेवन करें। इनसे शरीर की इम्यूनिटी मजबूत हाेती है और टीबी के बैक्टीरिया से लड़ने में मदद मिलती है।
  • इस दौरान आप फास्ट फूड या जंक फूड का सेवन बिल्कुल न करें। 
  • शराब और धूम्रपान से पूरी तरह से दूरी बना लें, क्याेंकि इससे आपकी समस्या काफी बढ़ सकती है। 

आप भी इन घरेलू उपायाें की मदद से अपनी इम्यूनिटी काे बढ़ाकर टीबी के बैक्टीरिया काे बढ़ने से राेक सकते हैं। लेकिन बेहतर उपचार और इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह जरूर लें।  

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