Mon Sep 21, 2026 | 12:57 PM IST

World Alzheimer's Day 2026: क्या है अल्जाइमर रोग, जिसमें धीरे-धीरे चीजें भूलने लगता है इंसान?

आज World Alzheimer's Day 2026 है। इस बार इसकी थीम है “The Earlier You Know, The More You Can Do: A Dementia Diagnosis Matters”, आइए जानते हैं यह बीमारी क्यों होती है।
World Alzheimer's Day 2026: क्या है अल्जाइमर रोग, जिसमें धीरे-धीरे चीजें भूलने लगता है इंसान?World Alzheimer's Day 2026: क्या है अल्जाइमर रोग, जिसमें धीरे-धीरे चीजें भूलने लगता है इंसान?

World Alzheimer's Day 2026: विश्व अल्जाइमर दिवस आज है। दुनियाभर में इस बीमारी को लेकर जागरूकता बेहद जरूरी है और इसलिए इस साल इसका थीम (world alzheimer's day 2026 theme) रखा गया है ''जितनी जल्दी पता चलेगा, उतना ही ज्यादा आप कर पाएंगे: डिमेंशिया का पता चलना मायने रखता है।" दरअसल, ये भूलने की बीमारी है जिसकी शुरुआत उम्र बढ़ने के साथ होती है। हालांकि, जब भूलने की समस्या लगातार बढ़ने लगे और रोजमर्रा के काम पर भी इसका असर पड़ने लगता है। कैसे और इस बीमारी से खुद का बचाव कैसे करें? जानते हैं डॉ. सुषमा शर्मा, डायरेक्टर और एचओडी, न्यूरोलॉजी विभाग मैरेंगो एशिया हॉस्पिटल, फरीदाबाद से।

अल्जाइमर क्या है?

डॉ. सुषमा शर्मा कहती हैं कि जब भूलने की समस्या लगातार बढ़ने लगे और रोजमर्रा के काम, व्यवहार तथा निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित होने लगे तो इसे केवल उम्र का असर मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह अल्जाइमर रोग का शुरुआती संकेत हो सकता है। अल्जाइमर रोग दिमाग की एक ऐसी बीमारी है जो धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता को खत्म कर देती है। यह डिमेंशिया यानी याददाश्त कम होने का आम कारण है और डिमेंशिया के कुल मामलों में से 60% से 80% मामले इसी बीमारी के होते हैं।

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अल्जाइमर क्यों होता है?

डॉ. सुषमा शर्मा बताती हैं कि बढ़ती उम्र इसका सबसे महत्वपूर्ण जोखिम कारक है। इसके अलावा

  • आनुवंशिक प्रवृत्ति यानी परिवार में इस बीमारी का पहले से होना
  • हाई बीपी की समस्या
  • डायबिटीज
  •  मोटापा
  • इनएक्टिव लाइफस्टाइल
  • धूम्रपान
  • सामाजिक अलगाव और सुनने की समस्या जैसे कारक भी डिमेंशिया के जोखिम से जुड़े हैं।

अल्जाइमर से कैसे करें बचाव?

इस सवाल पर डॉ. सुषमा शर्मा कहती हैं कि अल्जाइमर को पूरी तरह रोकने की कोई निश्चित विधि नहीं है, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली मस्तिष्क को लंबे समय तक स्वस्थ रखने और डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है। ऐसे में अपनी लाइफस्टाइल में इन तमाम बातों का ध्यान रखें जैसे-

  • नियमित एक्सरसाइज करें जैसे ताकत, संतुलन और तालमेल बढ़ाने वाली गतिविधियां करें।
  • अगर आप बीपी के मरीज हैं तो अपना बीपी कंट्रोल करें और दवा सही समय पर लें और लाइफस्टाइल सही रखें।
  • डायबिटीज के मरीज हैं तो शुगर कंट्रोल रखें।
  • कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर खास ध्यान दें और इसे कम करने की कोशिश करें।
  • धूम्रपान से बचें और संतुलित आहार लें।
  • पर्याप्त नींद लें।
  • दोस्तों के साथ बैठें और अपने घर वालों से खूब बात करें।

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ब्रेन को एक्टिव रखने वाली चीजें करें जैसे किताबें पढ़ें, नई चीजें सीखें, संगीत सुनें, पहेलियां या ऐसी गतिविधियां जिनमें दिमाग एक्टिव रहेन और इन्हें अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। साथ ही सुनने की समस्या हो तो उसकी जांच और उपचार कराना भी जरूरी है। तंबाकू व शराब के सेवन बचें।

निष्कर्ष:

अंत में डॉ. सुषमा शर्मा कहती हैं कि इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाना बेहद जरूरी है क्योंकि भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों पर किए गए एक बड़े अध्ययन में लगभग 7.4 प्रतिशत लोगों में डिमेंशिया का अनुमान लगाया गया है। साथ ही बढ़ती जीवन प्रत्याशा और बुजुर्ग आबादी के कारण आने वाले वर्षों में इसका कुल बोझ बढ़ने की आशंका है इसलिए अपनी लाइफस्टाइल सुधारें और इस बीमारी से बचें या अपने घर के बड़े-बुजुर्गों को बचाएं।

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Pallavi Kumari

Pallavi Kumari

चीफ सब-एडिटर

पल्लवी,  हेल्थ और लाइफस्टाइल पत्रकारिता में करीब 8 साल का अनुभव रखती हैं। शुरुआती कई सालों तक All India Radio में सक्रिय रहीं, फिर विभिन्न वेब पोर्ट्ल्स जैसे TheHealthsite, Indiatv और Jansatta के लिए हेल्थ, लाइफस्टाइल, धर्म, स्त्री विमर्श और साहित्य से जुड़े विषयों पर खूब लिखा और संपादन किया। फिलहाल ओनलीमायहेल्थ में चीफ सब एडिटर के पद पर रहते हुए ये हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े गंभीर विषयों को आमजन की सरल-सहज भाषा में परोसने का काम कर रही हैं। इन लेखों को विश्वसनीय और तथ्यपरक बनाने के लिए ये न सिर्फ विषयों पर गहन शोध करती हैं बल्कि, एक्सपर्ट्स और डॉक्टर्स से बात भी करती हैं। Editorial Policy: पल्लवी द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 21, 2026 12:00 IST

    Modified By : Pallavi Kumari
  • Sep 21, 2026 12:00 IST

    Published By : Pallavi Kumari

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