Fri Sep 11, 2026 | 06:55 PM IST

Medically Reviewed by Dr Annu Aggarwal , Consultant – Neurologist | Cognitive & Behavioural Neurology

पुरुषों में भूलने की बीमारी डिमेंशिया का जोखिम कैसे कम करें? डॉक्टर से जानें

पुरुषों में भूलने की बीमारी और डिमेंशिया का जोखिम कम करने के लिए डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। इन बदलावों में नियमित शारीरिक गतिविधियां, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर कंट्रोल करना आदि शामिल हैं। 

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में भूलने की बीमारी और डिमेंशिया का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। हालांकि, डिमेंशिया को पूरी तरह बुढ़ापे से जुड़ी समस्या नहीं माना जा सकता है, क्योंकि सही लाइफस्टाइल और डाइट को अपनाकर इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डिमेंशिया पुरुषों की याददाश्त, सोचने की क्षमता और रोजाना के कामकाज को प्रभावित करता है। ऐसे में मानसिक रूप से एक्टिव रहकर, हेल्दी डाइट और नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करके आप दिमाग के सेल्स को हेल्दी और एक्टिव रख सकते हैं। इसके अलावा कुछ स्वास्थ्य समस्याओं की नियमित निगरानी और उन्हें मैनेज करने से भी डिमेंशिया का जोखिम कम हो सकता है। आइए इस बारे में विस्तार से Dr. Annu Aggarwal, Consultant, Neurology, Specialist Cognitive and Behavioural Neurology, Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital Mumbai से जानते हैं।

पुरुषों में भूलने की बीमारी और डिमेंशिया का जोखिम कैसे कम करें?

Dr. Annu Aggarwal का कहना है कि उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त में कुछ बदलाव आना नॉर्मल बात है, लेकिन गंभीर भूलने की बीमारी और डिमेंशिया लाइफ क्वालिटी को प्रभावित कर सकती है। इसलिए आप डिमेंशिया या भूलने की बीमारी का जोखिम कम करने के लिए इन बातों का ध्यान रखें।

1. शारीरिक गतिविधियां करें

उम्र बढ़ने के साथ नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रहता है। एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे दिमाग को सही तरह से ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं। तेज चलना, साइकिल चलाना, स्विमिंग या योग जैसी शारीरिक गतिविधियां करने से याददाश्त तेज होती है और सोचने-समझने की क्षमता में सुधार होता है।

साल 2004 में Annals of General Hospital Psychiatry में प्रकाशित रिसर्च से पता चलता है कि जो लोग शारीरिक गतिविधियां करते हैं, उनका दिमाग ज्यादा मजबूत रहता है। यह दिमाग को अल्जाइमर से लड़ने और उसके असर को कम करने में मदद करता है, जिससे बीमारी बढ़ने की रफ्तार धीमी हो जाती है।

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2. डायबिटीज को मैनेज करें

साल 2016 American Diabetes Association के Diabetes Spectrum में प्रकाशित रिसर्च में बताया गया है कि टाइप 2 डायबिटीज और डिमेंशिया के बीच गहरा कनेक्शन है। टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित मरीजों में किसी भी कारण से होने वाले डिमेंशिया का जोखिम 60 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसलिए, डायबिटीज के मरीजों के लिए ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल रखना मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है।

Dr. Annu Aggarwal के अनुसार, डायबिटीज को मैनेज करने के लिए आप संतुलित डाइट, मीठे से परहेज, नियमित शारीरिक गतिविधियां और डॉक्टर द्वारा बताई गई गाइडलाइन्स को फॉलो करके हाई ब्लड शुगर लेवल को मैनेज कर सकते हैं।

3. ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखें

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम भी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जो डिमेंशिया के जोखिम को बढ़ा सकता है। साल 2020 में Frontiers in Cardiovascular Medicine में प्रकाशित एक रिव्यू में बताया गया है कि हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने और डिमेंशिया के जोखिम के बीच का कनेक्शन आपकी उम्र पर निर्भर करता है। 40 से 64 साल की उम्र के बीच हाई ब्लड प्रेशर और संज्ञानात्मक गिरावट के बीच कनेक्शन होता है, जो दिखाता है कि कम उम्र में भी हाई ब्लड प्रेशर डिमेंशिया के खतरे को बढ़ा सकता है।

इसलिए, जरूरी है कि अगर आपको ब्लड प्रेशर की समस्या है या आप बहुत ज्यादा टेंशन लेते हैं तो अपने दिमाग को शांत रखने की कोशिश करें। हाई ब्लड प्रेशर दिमाग के ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचा सकता है और याददाश्त से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखने के लिए आप नियमित रूप से जांच करवाएं, नमक सीमित या कम मात्रा में लें, तनाव कम करें और एक्सरसाइज या योग करें।

4. सुनने की क्षमता का ध्यान रखें

साल 2024 में JAMA Otolaryngology Head & Neck Surgery जर्नल में प्रकाशित स्टडी में बताया गया है कि सुनने की क्षमता कम होने का संबंध डिमेंशिया के बढ़ते जोखिम से होता है। खासकर उन लोगों में जो हियरिंग एड का उपयोग नहीं करते हैं। डॉ. कहते हैं कि अगर किसी व्यक्ति को सुनने में मुश्किल होती है तो वह सामाजिक गतिविधियों से दूर हो सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। समय पर सुनने की समस्या की जांच कराने और जरूरत पड़ने पर हियरिंग एड का इस्तेमाल करने से दिमाग को एक्टिव रखने और डिमेंशिया के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

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5. शराब और स्मोकिंग छोड़ें

ज्यादा मात्रा में शराब पीने और स्मोकिंग करने से दिमाग के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है। ये आदतें हमारे शरीर के ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाती हैं और संज्ञानात्मक क्षमताओं में गिरावट का भी कारण बन सकती हैं। साल 2014 में Current Alzheimer Research में बताया गया है कि स्मोकिंग और शराब का सेवन न करना डिमेंशिया के खतरे को कम करने में बहुत असरदार होता है। इन आदतों को छोड़ने या इनसे बचने से अल्जाइमर और डिमेंशिया दोनों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

निष्कर्ष

Dr. Annu Aggarwal का कहना है कि डिमेंशिया और भूलने की बीमारी को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इसके जोखिम को काफी कम किया जा सकता है। नियमित व्यायाम, मधुमेह और रक्तचाप का नियंत्रण, सुनने की क्षमता की देखभाल तथा शराब और धूम्रपान से दूरी पुरुषों के मस्तिष्क को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • डिमेंशिया होने का क्या कारण है?

    डिमेंशिया दिमाग के सेल्स को डैमेज होने या नष्ट होने के कारण होता है, जिसके मुख्य कारण अल्जाइमर डिजीज, वैस्कुलर डिमेंशिया और लेवी बॉडी डिमेंशिया हैं।
  • डिमेंशिया में क्या करना चाहिए?

    डिमेंशिया के लक्षणों को संभालने और मरीज की लाइफस्टाइल को बेहतर बनाने के लिए तुरंत डॉक्टर से सलाह लें, नियमित शारीरिक और मानसिक गतिविधियां करें और संतुलित डाइट अपनाएं।

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Disclaimer

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Modified By : Katyayani Tiwari
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