कई बार लोगों को घुटनों में दर्द, अकड़न या चलने-फिरने में परेशानी होती है, लेकिन एक्स-रे कराने पर रिपोर्ट नॉर्मल आती है। ऐसे में लोग समझ नहीं पाते कि जब हड्डियों में कोई समस्या नहीं है, तो घुटनों में दर्द क्यों हो रहा है। कैलाश हॉस्पिटल, देहरादून के कंसल्टेंट ऑर्थोपेडिक्स डॉ. आकाश सिंघल के अनुसार, घुटनों में दर्द होने का कारण हमेशा हड्डियों से जुड़ी समस्या नहीं होता है। कई बार मसल्स की कमजोरी, लंबे समय तक बैठे रहने या घुटनों के अंदर मौजूद दूसरे टिश्यूज में परेशानी के कारण भी दर्द हो सकता है।
ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉक्टर आकाश सिंघल के मुताबिक, फिजिकल एक्टिविटीज कम करने के कारण भी घुटनों में अकड़न की समस्या हो सकती है। ऐसे में रोजाना वॉक और एक्सरसाइज करना जरूरी है। आइए जानते हैं कि एक्स-रे सामान्य होने के बावजूद घुटनों में दर्द क्यों हो सकता है?
एक्स-रे नॉर्मल फिर भी घुटनों में दर्द क्यों होता है?
ऑर्थोपेडिक डॉक्टर आकाश सिंघल बताते हैं कि एक्स-रे की मदद से हड्डियों की स्थिति और जोड़ों में होने वाले कुछ बदलावों का पता लगाया जाता है। हालांकि, घुटने के अंदर मौजूद लिगामेंट, मेनिस्कस और अन्य सॉफ्ट टिश्यूज की कई समस्याएं एक्स-रे में स्पष्ट नहीं दिखाई देती हैं। इसलिए, अगर किसी व्यक्ति को लगातार घुटनों में दर्द हो रहा है, तो नॉर्मल एक्स-रे रिपोर्ट के बावजूद इसकी दूसरी वजहों की जांच करना जरूरी हो सकता है।
डॉक्टर आकाश सिंघल के अनुसार, कई बार लोग शारीरिक रूप से एक्टिव नहीं रहते हैं। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने और चलने-फिरने की कमी के कारण घुटनों में अकड़न महसूस हो सकती है। हालांकि, दर्द लगातार बना रहे या बढ़ता जाए, तो इसे केवल कम एक्टिविटी का रिजल्ट मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
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1. लंबे समय तक बैठे रहने से जाम हो सकते हैं घुटने
डॉक्टर आकाश सिंघल बताते हैं कि आजकल कई लोग ऑफिस में लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं या घर पर भी फिजिकल एक्टिविटीज कम करते हैं। ऐसे डेली रूटीन के कारण घुटनों के आस-पास की मसल्स कमजोर हो सकती हैं। इससे जोड़ों को सहारा देने की क्षमता प्रभावित होती है और उठते-बैठते समय दर्द या अकड़न महसूस हो सकती है।
डॉक्टर आकाश सिंघल बताते हैं कि घुटनों को सही रखने के लिए रोजाना वॉक और एक्सरसाइज करना जरूरी है। नियमित रूप से चलने-फिरने से मसल्स की ताकत बनाए रखने और जोड़ों की मोबिलिटी बेहतर रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, अगर चलने से दर्द बढ़ता है, तो जबरदस्ती एक्सरसाइज करने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
2. लिगामेंट या मेनिस्कस में चोट भी हो सकती है वजह
घुटनों में दर्द का एक कारण लिगामेंट या मेनिस्कस में चोट लगना भी हो सकता है। लिगामेंट हड्डियों को आपस में जोड़ने और जोड़ को स्थिर रखने में मदद करते हैं, जबकि मेनिस्कस घुटने में गद्दी की तरह काम करता है। खेलते समय चोट लगने, अचानक मुड़ने या गलत तरीके से पैर रखने के कारण इनमें समस्या हो सकती है।
ऐसी स्थिति में घुटने में दर्द, सूजन, अकड़न या घुटने को पूरी तरह मोड़ने और सीधा करने में परेशानी हो सकती है। इन समस्याओं का पता सामान्य एक्स-रे से लगाना मुश्किल हो सकता है। डॉक्टर लक्षणों और शारीरिक जांच के आधार पर आगे की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।
Why Knee Pain Persists
साल 2023 में Osteoarthritis and Cartilage Open जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, घुटने के दर्द से पीड़ित लोग ज्यादातर इसे केवल शारीरिक और बायोमैकेनिकल कारणों (जैसे जोड़ों की बनावट या उम्र) से जोड़कर देखते हैं, जबकि मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कारणों को नजरअंदाज करते हैं। ज्यादातर मरीजों की समझ और डॉक्टरों के इलाज के तरीके में मेल नहीं होता। इसलिए, डॉक्टरों को चाहिए कि वे मरीजों को यह समझाएं कि घुटने का दर्द केवल शारीरिक नहीं, बल्कि बायोसाइकोसोशल (जैविक, मानसिक और सामाजिक) कारणों से जुड़ा होता है। इससे मरीज अपने इलाज को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और उनका इलाज ज्यादा असरदार साबित होगा।
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घुटनों में दर्द होने पर कब करानी पड़ सकती है MRI?
डॉक्टर आकाश सिंघल बताते हैं कि अगर घुटनों में लगातार दर्द बना रहता है और एक्स-रे में कोई साफ समस्या नहीं दिखाई देती, तो डॉक्टर एमआरआई कराने की सलाह दे सकते हैं। एमआरआई की मदद से लिगामेंट, मेनिस्कस, टेंडन और दूसरे सॉफ्ट टिश्यूज की स्थिति को ज्यादा विस्तार से देखा जा सकता है।
हालांकि, हर व्यक्ति को घुटनों में दर्द होने पर एमआरआई कराने की जरूरत नहीं होती। डॉक्टर पहले लक्षणों, शारीरिक जांच और चोट की हिस्ट्री को देखते हैं। इसके बाद जरूरत पड़ने पर ही आगे की जांच की सलाह दी जाती है। अगर घुटने में अचानक बहुत ज्यादा सूजन आ जाए, पैर पर वजन रखना मुश्किल हो या जोड़ लाल और गर्म हो जाए, खासकर बुखार के साथ, तो इमरजेंसी मेडिकल हेल्प लेनी चाहिए।
Why Knee Pain Persists
घुटनों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
- डॉक्टर आकाश सिंघल सलाह देते हैं कि घुटनों को हेल्दी रखने के लिए रोजाना अपनी क्षमता के अनुसार वॉक करें और नियमित रूप से हल्की एक्सरसाइज करें।
- लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठने से बचें और बीच-बीच में उठकर कुछ कदम चलें। घुटनों के आस-पास की मसल्स को मजबूत बनाने वाली एक्सरसाइज फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह से की जा सकती हैं।
- इसके अलावा, शरीर का वजन बैलेंस रखना और किसी चोट के बाद घुटनों पर जरूरत से ज्यादा दबाव नहीं डालना भी जरूरी है।
- दर्द को कम करने के लिए बार-बार अपनी मर्जी से पेनकिलर लेना भी सही नहीं है।
निष्कर्ष
घुटनों में दर्द होने के बावजूद एक्स-रे सामान्य आना संभव है, क्योंकि दर्द का कारण हमेशा हड्डियों से जुड़ी समस्या नहीं होता। कम फिजिकल एक्टिविटी, मसल्स की कमजोरी और लिगामेंट या मेनिस्कस से जुड़ी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं। डॉक्टर आकाश सिंघल के अनुसार, रोजाना वॉक और एक्सरसाइज करना घुटनों की सेहत के लिए जरूरी है। हालांकि, लगातार दर्द या अकड़न होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। जरूरत पड़ने पर एमआरआई से दर्द की असली वजह का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
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FAQ
घुटनों से कट-कट की आवाज आने का क्या मतलब है?
अगर घुटनों से आवाज आती है, लेकिन दर्द या सूजन नहीं है, तो यह हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होती। हालांकि, आवाज के साथ दर्द, सूजन या घुटना अटकने की समस्या हो, तो जांच कराना जरूरी है।क्या घुटनों में दर्द होने पर सीढ़ियां चढ़ना बंद कर देना चाहिए?
हर मामले में सीढ़ियां चढ़ना बंद करना जरूरी नहीं है लेकिन अगर इससे दर्द बढ़ता है, तो एक्टिविटी कम करें और दर्द के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर से सलाह लें।घुटनों में दर्द होने पर गर्म सिकाई करनी चाहिए या ठंडी?
नई चोट या सूजन होने पर कपड़े में लपेटकर ठंडी सिकाई करने से राहत मिल सकती है। पुरानी अकड़न में गर्म सिकाई आराम दे सकती है।
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Oct 20, 2026 18:21 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Akash Singhal
