Thu Oct 15, 2026 | 10:19 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akhilesh Rathi , Orthopaedic and Joint Replacement Surgeon

मोटापा और घुटनों का दर्द: जानिए दोनों के बीच का गहरा कनेक्शन

मोटापा घुटनों के दर्द का एक बड़ा कारण है क्योंकि यह जोड़ों पर दबाव बढ़ाता है, जिससे कार्टिलेज को नुकसान हो सकता है और ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। हेल्दी वजन बनाए रखने से घुटनों के दर्द को कम किया जा सकता है।
मोटापा और घुटनों का दर्द: जानिए दोनों के बीच का गहरा कनेक्शनमोटापा और घुटनों का दर्द: जानिए दोनों के बीच का गहरा कनेक्शन

वजन बढ़ना सिर्फ आपके शरीर की बनावट पर असर नहीं डालता है, बल्कि यह आपकी सेहत पर भी बुरा असर डालता है। खासकर जोड़ों और घुटनों पर भी ज्यादा वजन होने का बुरा असर पड़ता है। घुटने शरीर का भार संभालने, चलने, दौड़ने सीढ़ियां चढ़ने और उठने-बैठने जैसी रोजमर्रा की गतिविधियों में अहम भूमिका निभाते हैं। ऐसे में जब शरीर का वजन बढ़ता है तो घुटनों के जोड़ों पर ज्यादा प्रेशर पड़ता है। लंबे समय तक यह प्रेशर बने रहने से घुटनों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। आइए इस लेख में Dr. Darsh Goyal Director, Robotic Joint Replacement, Orthopaedics & Sports Injuries और Dr. Akhilesh Rathi, Orthopaedic and Joint Replacement Surgeon, Sri Balaji Action Medical Institute से जानते हैं कि मोटापा और घुटनों के दर्द में क्या कनेक्शन है? 

मोटापा घुटनों को कैसे प्रभावित करता है?

Dr. Darsh Goyal बताते हैं कि वजन बढ़ना घुटनों के दर्द का एक बड़ा कारण हो सकता है, क्योंकि शरीर का ज्यादा वजन सीधे घुटनों के जोड़ पर पड़ने वाले दबाव को बढ़ाता है। हम जब चलते हैं, सीढ़ियां चढ़ते हैं, बैठते हैं या उठते हैं, तब घुटनों को शरीर का भार संभालना पड़ता है। ऐसे में वजन जितना ज्यादा होगा, घुटनों के जोड़ पर उतना ही ज्यादा प्रेशर पड़ सकता है। लंबे समय तक यह दबाव बना रहने से घुटने के कार्टिलेज पर असर पड़ सकता है और दर्द, अकड़न तथा चलने-फिरने में परेशानी बढ़ सकती है। 

साल 2013 में Arthritis Care & Research Journal में प्रकाशित एक स्टडी में 250 लोगों पर 2 साल तक किए गए रिसर्च से पता चलता है कि वजन बढ़ने का घुटनों पर बुरा असर पड़ता है। इस स्टडी में बताया गया कि जिन लोगों का वजन 5% या उससे ज्यादा बढ़ा, उनमें वजन स्थिर रखने वालों की तुलना में घुटनों का दर्द, अकड़न और काम करने की क्षमता में गिरावट ज्यादा देखने को मिली। यह समस्या खासकर उन लोगों में और गंभीर थी, जो पहले से ही मोटापे और घुटनों के गठिया यानी ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थे।

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Dr. Darsh Goyal का कहना है कि जिन लोगों का वजन लगातार बढ़ रहा है और वे पहले से घुटनों के दर्द की समस्या से परेशान हैं, उन्हें वजन को कंट्रोल करने पर खास ध्यान देना चाहिए। 

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ऑस्टियोआर्थराइटिस के खतरे को कैसे कम करें?

Dr. Akhilesh Rathi बताते हैं कि ऑस्टियोआर्थराइटिस जोड़ों से जुड़ी एक आम समस्या है, जिसमें समय के साथ कार्टिलेज और जोड़ों के अन्य टिश्यू में बदलाव होने लगते हैं। ऑस्टियोआर्थराइटिस के जोखिम को कम करने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें- 

  1. हेल्दी वजन बनाए रखें- अगर वजन ज्यादा है तो धीरे-धीरे वजन कम करने से घुटनों पर पड़ने वाला प्रेशर घटाने में मदद मिल सकती है। 
  2. रेगुलर एक्सरसाइज करें- पैदल चलना, स्विमिंग और साइकिल चलाना जैसी एक्सरसाइज घुटनों के लिए उपयोगी हो सकती हैं। 
  3. मांसपेशियों को मजबूत बनाएं- जांघों और हिप्स की मांसपेशियां घुटनों को सपोर्ट देती हैं। ऐसे में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने से जोड़ की स्थिरता बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। 
  4. चोट से बचाव करें- एक्सरसाइज से पहले वार्म-अप करें और अपनी क्षमता के हिसाब से ही शारीरिक गतिविधियां चुनें। 
  5. समय पर जांच कराएं- घुटनों में लगातार दर्द, सूजन या अकड़न होने पर डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है। 

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घुटनों के दर्द में डॉक्टर से कब मिलें?

कभी-कभी ज्यादा चलने-फिरने या शारीरिक गतिविधियां करने के कारण घुटनों में हल्के दर्द का कारण बन सकता है, जो आराम करने पर कुछ समय में ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर दर्द बार-बार हो रहा है, लंबे समय तक बना रहता है या रोजाना की गतिविधियों को प्रभावित करने लगता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में आपको तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। खासकर, अगर घुटने में अचानक तेज दर्द या बहुत ज्यादा सूजन हो, घुटना लाल और गर्म महसूस हो और घुटने का आकार एक-समान दिखाई दे तो डॉक्टर से मिलना जरूरी होता है। 

निष्कर्ष

वजन बढ़ने और घुटनों के दर्द के बीच सीधा कनेक्शन हो सकता है। ज्यादा वजन घुटनों पर प्रेशर बढ़ाता है और इसके साथ-साथ सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी प्रभावित कर सकता है। हेल्दी वजन बनाए रखना, संतुलित आहार लेना, कम असर वाले एक्सरसाइज करना और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने से घुटनों के दर्द को कम किया जा सकता है। 

Image Credit: Freepik

FAQ

  • घुटने में ग्रीस बढ़ाने के लिए क्या खाना चाहिए?

    घुटने में ग्रीस को बनाए रखने और जोड़ों को हेल्दी रखने के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर चीजें, हरी पत्तेदार सब्जियां और विटामिन सी से भरपूर फूड्स का सेवन फायदेमंद हो सकता है। 
  • कौन सी विटामिन की कमी से घुटनों में दर्द होता है?

    घुटनों में दर्द मुख्य रूप से विटामिन डी की कमी से होता है। इसके अलावा, विटामिन बी12, विटामिन सी और विटामिन के की कमी के कारण हो सकता है। 

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कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

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    Oct 15, 2026 20:39 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akhilesh Rathi