आज के समय में ज्यादातर लोग वजन बढ़ने की समस्या से परेशान रहते हैं। ऐसे में मोटापे से पीड़ित बहुत से लोग कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होने की समस्या से भी परेशान रहते हैं। ऐसे में अच्छे स्वास्थ्य के लिए अक्सर लोगों को वजन कम करने की सलाह दी जाती है, लेकिन क्या वजन कम करने से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम हो सकता है? ऐसे में आइए इस बारे में Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida से जानें।
वजन कम करने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है?
डॉ. अक्षय के अनुसार, वजन कम करने से कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर में सुधार होता है, जिससे कुछ हद तक इसके स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, खासकर अगर व्यक्ति का वजन बहुत ज्यादा हो, लेकिन इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता है।
ज्यादा वजन होने के कारण व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में वजन और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए सही खान-पान, फिजिकल एक्टिविटीज, स्ट्रेस कम करना और अच्छी नींद लेना जरूरी है।
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क्या कहती है स्टडी?
साल 2015 में Translational Behavioral Medicine में प्रकाशित रिसर्च के अनुसार, जिन मरीजों ने अपने शुरुआती वजन का औसतन लगभग 10 प्रतिशत वजन कम किया, उनमें जांच किए गए सभी खतरे के फैक्टर्स (जैसे फास्टिंग ब्लड शुगर, ट्राइग्लिसराइड्स, कुल कोलेस्ट्रॉल और एलडीएल कोलेस्ट्रॉल) में अहम सुधार देखा गया है। हालांकि, जिन लोगों ने सिर्फ 5 से 10 प्रतिशत तक वजन कम किया, उनमें कुछ ही खतरे से जुड़े फैक्टर्स में सुधार हुआ।
सबसे जरूरी बात यह है कि जिन मरीजों ने 10 प्रतिशत से ज्यादा वजन कम करने, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा हुआ।
वजन कम करने और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध
डॉ. अक्षय का कहना है, ज्यादा वजन और बैड कोलेस्ट्रॉल एक दूसरे से जुड़े हो सकते हैं। शरीर में एक्स्ट्रा फैट होने से शरीर के कोलेस्ट्रॉल का इस्तेमाल करने और खून में बैड कोलेस्ट्रॉल को हटाने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, लेकिन ध्यान रहे, हर व्यक्ति में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का कारण सिर्फ वजन नहीं होता है। जेनेटिक्स, खान-पान, फिजिकल एक्टिविटी की कमी और कुछ स्वास्थ्य स्थितियां भी कोलेस्ट्रॉल के स्तर को प्रभावित कर सकती हैं।
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कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए कौन से बदलाव जरूरी है?
डॉ. अक्षय आगे कहते हैं, सिर्फ वजन कम करने पर निर्भर न रहें। वजन कम करने के साथ बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए कुछ बातों का खास ध्यान रखना और लाइफस्टाइल में जरूरी बदलावों को करना जरूरी है। जैसे-
- पोषक तत्वों से युक्त हेल्दी डाइट लें। (सब्जियों, फलों, साबुत अनाज और फाइबर युक्त फूड्स)
- दालें और बीन्स लें।
- नट्स और सीड्स लें।
- अनहेल्दी फैट और जंक फूड्स का सेवन करने से बचें।
- नियमित रूप से एक्सरसाइज करें और वॉक करें।
- पर्याप्त नींद लें।
- स्ट्रेस को मैनेज करें।
डॉक्टर से सलाह कब लेनी चाहिए?
कई बार हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण साफ नहीं दिखते हैं, लेकिन कई बार इसके कारण व्यक्ति को सांस फूलने, हाथों-पैरों में सुन्नपन, ज्यादा थकान, सीने में भारीपन या दिल से जुड़ी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। इसके अलाव, अधिक वजन की स्थिति में भी डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
निष्कर्ष
वजन और कोलेस्ट्रॉल के बीच संबंध है। लाइफस्टाइल में सुधार करने और वजन कम करने से कोलेस्ट्रॉल के स्तर में सुधार किया जा सकता है। इसके अलावा, ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और दिल से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम किया जा सकता है।
वजन और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने के लिए बैलेंस डाइट, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद, स्ट्रेस को मैनेज करने, पर्याप्त नींद और जंक फूड से दूरी बनाना जरूरी है। ध्यान रहे, स्वास्थ्य से जुड़ी कोई भी परेशानी महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। ताकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या का समय रहते पता लगाया जा सके और समस्या का इलाज किया जा सके।
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FAQ
हाई कोलेस्ट्रॉल के क्या लक्षण हैं?
शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक होने पर व्यक्ति को सीने में दर्द, जलन, सांस फूलने, हाथों-पैरों में सुन्नपन, चलने पर पैरों में दर्द, आंखों के आसपास पीले धब्बे दिखने, ज्यादा थकान होने और सीने में भारीपन महसूस होने की समस्या हो सकती है।वजन कम करने से क्या होता है?
वजन कम करने से शरीर को एनर्जी देने, हार्ट को हेल्दी रखने, टाइप-2 डायबिटीज और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के खतरे को कम करने, जोड़ों के दर्द को कुछ हद तक कम करने और हार्ट को हेल्दी रखने में मदद मिलती है।
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Oct 04, 2026 23:02 IST
Published By : Priyanka Sharma
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
