Sun Oct 25, 2026 | 06:33 PM IST

Medically Reviewed by Dr Padmaja , Senior Consultant – Dermatology

क्रीम लगाने पर भी बार-बार फटती हैं एड़ियां? इन वजहों पर ध्यान दें

क्रीम लगाने के बाद भी एड़ियां फटने की वजह स्किन का बहुत ज्यादा ड्राई होना, लगातार दबाव या स्किन संबंधी समस्या हो सकती है। यहां डॉक्टर से जानिए, फटी एड़ियां ठीक क्यों नहीं होतीं।
क्रीम लगाने पर भी बार-बार फटती हैं एड़ियां? इन वजहों पर ध्यान देंक्रीम लगाने पर भी बार-बार फटती हैं एड़ियां? इन वजहों पर ध्यान दें

क्या आपकी एड़ियां भी बार-बार फट जाती हैं? आप रोजाना मॉइश्चराइजिंग क्रीम या लोशन लगाते हैं, फिर भी कुछ दिनों बाद एड़ियों पर दरारें नजर आने लगती हैं? अगर हां, तो इसकी वजह सिर्फ स्किन की ड्राईनेस नहीं हो सकती। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद की सीनियर कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा के अनुसार, कई बार स्किन से जुड़ी कुछ बीमारियां और डायबिटीज जैसी हेल्थ कंडीशन भी एड़ियों के बार-बार फटने का कारण बन सकती हैं। ऐसे में केवल क्रीम लगाकर राहत पाने की कोशिश करने के बजाय समस्या की असली वजह समझना जरूरी है। डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा के अनुसार, एड़ियों की स्किन में होने वाले बदलावों पर ध्यान देना जरूरी है। अगर स्किन में लगातार खुजली, पपड़ी या गहरी दरारें दिखाई देती हैं, तो इन्हें नॉर्मल ड्राईनेस समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

क्रीम लगाने पर भी एड़ियां क्यों फटती हैं?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा के अनुसार, एड़ियों की स्किन में ड्राईनेस और मोटापन बढ़ने पर उसमें दरारें पड़ सकती हैं। अगर ये दरारें बार-बार हो रही हैं, तो स्किन की स्थिति के साथ-साथ अपनी सेहत पर भी ध्यान देना चाहिए।

1. ड्राई स्किन के कारण फटी एड़ियां

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. पद्मजा बताती हैं कि एड़ियां फटने की सबसे आम वजह स्किन की ड्राईनेस है। एड़ियों पर शरीर का पूरा वजन पड़ता है, इसलिए यहां की ड्राई और मोटी स्किन दबाव पड़ने पर फट सकती है। सर्दियों में, गर्म पानी से बार-बार नहाने या हार्श साबुन इस्तेमाल करने से भी स्किन की ड्राईनेस बढ़ सकती है। ऐसे में हल्के लोशन के बजाय गाढ़ी मॉइश्चराइजिंग क्रीम या पेट्रोलियम जेली का इस्तेमाल फायदेमंद हो सकता है। नहाने के बाद और रात में सोने से पहले एड़ियों पर मॉइश्चराइजर लगाएं। अगर इसके बावजूद दरारें ठीक नहीं हो रही हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें।

2. एक्जिमा के कारण फटी एड़ियां

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा के अनुसार, एक्जिमा स्किन से जुड़ी ऐसी समस्या है, जिसमें स्किन ड्राई, लाल और पपड़ीदार हो सकती है। पैरों की स्किन प्रभावित होने पर एड़ियों में ड्राईनेस बढ़ सकती है और गहरी दरारें पड़ सकती हैं। ऐसे में केवल नॉर्मल मॉइश्चराइजर लगाने से पर्याप्त राहत नहीं मिलती, खासकर जब स्किन में सूजन और खुजली भी हो। अगर एड़ियां फटने के साथ खुजली, लालिमा या जलन होती है, तो इसे सिर्फ ड्राई स्किन समझकर नजरअंदाज न करें। डॉक्टर की सलाह से सही इलाज कराना जरूरी है।

इसे भी पढ़ें: फटी एड़ियों की गहरी दरारों को भरने के लिए मलाई और घी क्यों सबसे बेस्ट हैं? डॉक्टर से जानें

3. सोरायसिस का पैरों पर असर

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा बताती हैं कि सोरायसिस स्किन की एक गंभीर समस्या है, जिसमें स्किन सेल्स तेजी से बनने लगती हैं। इससे स्किन पर मोटी, पपड़ीदार परतें बन सकती हैं। अगर यह समस्या पैरों के तलवों और एड़ियों को प्रभावित करती है, तो स्किन में गहरी दरारें पड़ सकती हैं और चलने के दौरान दर्द भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में केवल मॉइश्चराइजर लगाना पर्याप्त नहीं हो सकता। डर्मेटोलॉजिस्ट जांच के बाद जरूरत के अनुसार इलाज बता सकते हैं। बिना सलाह के तेज स्क्रब या स्किन की मोटी परत को काटने से बचें।

4. डायबिटीज में एड़ियां फटने को न करें नजरअंदाज

डायबिटीज से पीड़ित लोगों में एड़ियों का फटना ध्यान देने वाली समस्या है। ब्लड शुगर लंबे समय तक बढ़ा रहने से नसों और ब्लड वैसेल्स को नुकसान पहुंच सकता है। इसके कारण पैरों में सेंसिटिविटी कम हो सकती है और घाव भरने में ज्यादा समय लग सकता है। ऐसे में एड़ियों की छोटी-सी दरार भी इंफेक्शन का कारण बन सकती है। अगर आपको डायबिटीज है, तो रोजाना अपने पैरों और एड़ियों की जांच करें। दरारों, घावों, लालिमा या सूजन को नजरअंदाज न करें। पैरों में घाव होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।

Why Cracked Heels PersistWhy Cracked Heels Persist

एड़ियां फटने पर कब लें डॉक्टर की सलाह?

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉक्टर पद्मजा सलाह देती हैं कि अगर नियमित मॉइश्चराइजर लगाने के बाद भी एड़ियां बार-बार फटती हैं, तो इसके पीछे के कारण की जांच कराना जरूरी है। खासकर जब दरारें गहरी हों, चलने में दर्द हो, खून निकले या स्किन पर खुजली और पपड़ी जमने जैसे लक्षण दिखाई दें। दरारों के आस-पास लालिमा, सूजन या पस इंफेक्शन के संकेत हो सकते हैं, ऐसी समस्याओं में देरी न करें और तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।

इसे भी पढ़ें: एप्सम सॉल्ट और फिटकरी: फटी एड़ियों से लेकर मांसपेशियों में दर्द तक, इन 4 घरेलू उपचार में करें इस्तेमाल

साल 2026 में International Journal of Aesthetic Plastic Surgery में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, एड़ी का फटना (Cracked heels) एक आम समस्या है जो महिलाओं और ज्यादा काम करने वाले लोगों में ज्यादा होती है। लापरवाही बरतने पर इसमें दर्द, खून आना और इंफेक्शन हो सकता है। इसके मुख्य कारणों में नंगे पैर चलना, गलत जूते पहनना, मोटापा और डायबिटीज शामिल हैं।

भले ही इसका बाजार तेजी से बढ़ रहा है और इसके इलाज के लिए कई उत्पाद आ रहे हैं, लेकिन इस पर साइंटिफिक रिसर्च बहुत कम उपलब्ध है। इसलिए, सही समय पर नमी बनाए रखना, उचित देखभाल करना और डॉक्टर की सलाह लेना इस समस्या से बचने और हेल्दी रहने के लिए बेहद जरूरी है।

निष्कर्ष

क्रीम और लोशन लगाने के बावजूद एड़ियां बार-बार फट रही हैं, तो इसकी वजह ड्राई स्किन के अलावा एक्जिमा, सोरायसिस या डायबिटीज से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में केवल त्वचा को मॉइश्चराइज करना ही नहीं, बल्कि सही कारण का पता लगाना भी जरूरी है। अगर समस्या लगातार बनी हुई है या दरारें गहरी और दर्दनाक हैं, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह लें। सही कारण की पहचान और समय पर इलाज से एड़ियों को हेल्दी रखने और आगे होने वाली परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

All Image Credit- magnific

FAQ

  • क्या नंगे पैर चलने से एड़ियां फटती हैं?

    हां, खासकर कठोर या खुरदरी सतह पर नंगे पैर चलने से एड़ियों की स्किन पर दबाव और रगड़ बढ़ सकती है। इससे पहले से मौजूद दरारें बढ़ सकती हैं। 
  • क्या एड़ियों पर नारियल तेल लगाना फायदेमंद है?

    नारियल तेल स्किन को सॉफ्ट बनाने और नमी बनाए रखने में मदद कर सकता है।
  • फटी एड़ियों को ठीक होने में कितना समय लगता है?

    हल्की ड्राईनेस में नियमित देखभाल से कुछ दिनों में सुधार दिख सकता है, जबकि गहरी दरारों को ठीक होने में कई सप्ताह लग सकते हैं। ठीक होने का समय समस्या की गंभीरता और उसके कारण पर निर्भर करता है।

Read Next

→ शेविंग के बाद इनग्रोन हेयर से परेशान हैं? डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें बचाव के आसान उपाय

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Oct 25, 2026 16:28 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Padmaja