कई लोगों को ऑफिस में कंप्यूटर पर काम करते हुए, पढ़ाई करते समय या लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान पैर हिलाने की आदत होती है। कई बार सामने वाला व्यक्ति इस आदत की ओर ध्यान दिलाता है, लेकिन खुद पैर हिलाने वाले व्यक्ति को इसका पता तक नहीं चलता है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, पैर हिलाने की आदत को समझने के लिए केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि व्यक्ति कितनी बार पैर हिला रहा है। इसके साथ होने वाले दूसरे लक्षण और यह समस्या कब ज्यादा होती है, यह जानना भी जरूरी है। आइए जानते हैं पैर हिलाने की इस आम आदत के पीछे छिपे कारण क्या है और कब यह चिंता की बात है?
काम करते समय या बैठे-बैठे पैर हिलाना क्यों शुरू हो जाता है?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, बैठे-बैठे पैर हिलाने की आदत कई बार शरीर की एक नॉर्मल एक्टिविटी हो सकती है। लंबे समय तक एक ही जगह बैठे रहने पर व्यक्ति अनजाने में पैरों को हिलाने लगता है। कुछ लोगों में यह आदत काम करते समय ध्यान लगाने या तनाव कम महसूस करने से भी जुड़ी हो सकती है। अगर कोई व्यक्ति बिना किसी परेशानी के कभी-कभार पैर हिलाता है और इसे रोकने पर उसे कोई दिक्कत नहीं होती, तो आमतौर पर इसे सिर्फ एक आदत माना जा सकता है।
- डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि काम का दबाव, चिंता, घबराहट या लंबे समय तक एक ही काम पर फोकस करने के दौरान शरीर में बेचैनी महसूस हो सकती है। ऐसे में कुछ लोग पैर हिलाने, उंगलियां चटकाने या बार-बार अपनी स्थिति बदलने लगते हैं।
- कई बार व्यक्ति को खुद भी पता नहीं चलता कि वह लगातार पैर हिला रहा है। खासकर जब यह काम करते समय या किसी मीटिंग में लंबे समय तक बैठे रहने के दौरान होता है, तो यह एक तरह की अनजानी आदत बन सकती है।
- अगर पैर हिलाने के साथ पैरों में बेचैनी, खिंचाव, चुभन या अजीब तरह की संवेदना महसूस होती है और पैर हिलाने पर राहत मिलती है, तो यह रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम से जुड़ा हो सकता है।
- इस स्थिति में लक्षण अक्सर आराम करने या लंबे समय तक बैठे रहने पर बढ़ सकते हैं। कई लोगों में शाम या रात के समय समस्या ज्यादा महसूस होती है और इसके कारण नींद भी प्रभावित हो सकती है।
क्या यह किसी बीमारी का संकेत है?
National Institute of Neurological Disorders and Stroke में प्रकाशित जानकारी के अनुसार-
- रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम (RLS), जिसे विलिस-एक्बोम बीमारी भी कहते हैं, एक न्यूरोलॉजिकल और नींद से जुड़ी स्थिति है। इसमें पैरों को हिलाने की तेज इच्छा होती है।
- इसके मुख्य लक्षणों में पैरों में दर्द, खिंचाव, खुजली या कीड़े रेंगने जैसा महसूस होना शामिल है। ये समस्याएं आमतौर पर आराम करने, शाम या रात के समय और सोने की कोशिश करते समय बढ़ जाती हैं, जबकि पैर हिलाने से थोड़ी राहत मिलती है।
- इस बीमारी के कारण रात में नींद पूरी नहीं होती, जिससे दिन में थकान, मूड में बदलाव, फोकस करने में परेशानी, और डिप्रेशन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। समय के साथ यह स्थिति गंभीर रूप ले सकती है।
legs shake while working causes
कब पैर हिलाना चिंता की बात हो सकती है?
डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, सिर्फ पैर हिलाने की आदत को देखकर किसी बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता लेकिन अगर इसके साथ लगातार पैरों में दर्द, सुन्नपन, झुनझुनी, कमजोरी या असामान्य संवेदनाएं (Unusual sensations) हों, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसी तरह अगर पैर हिलाने की वजह से रात में सोने में परेशानी होती है, बार-बार नींद खुलती है या आराम करते समय पैरों को स्थिर रखना मुश्किल लगता है, तो न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना सही होता है।
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न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह
डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी सलाह देते हैं कि अगर पैर हिलाना केवल आदत है और इससे कोई परेशानी नहीं हो रही, तो आमतौर पर किसी खास इलाज की जरूरत नहीं होती है। लंबे समय तक लगातार बैठने के बजाय बीच-बीच में उठकर चलना, शरीर को स्ट्रेच करना और अपनी बैठने की स्थिति बदलना मददगार हो सकता है। वहीं, अगर इसके पीछे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम या कोई दूसरी न्यूरोलॉजिकल समस्या है, तो डॉक्टर लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर कारण का पता लगाते हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ जांच भी कराई जा सकती हैं।
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निष्कर्ष
काम करते समय लगातार पैर हिलाना हमेशा किसी बीमारी का संकेत नहीं होता। यह सामान्य आदत, लंबे समय तक बैठे रहने, तनाव या बेचैनी से जुड़ा हो सकता है लेकिन अगर पैर हिलाने के साथ दर्द, झुनझुनी, सुन्नपन, कमजोरी या रात में नींद प्रभावित होने जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर जब पैर हिलाने से राहत मिलती हो और आराम के समय बेचैनी बढ़ती हो, तब इसके पीछे रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी स्थिति की जांच की जरूरत पड़ सकती है।
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FAQ
क्या पैर हिलाने की आदत से पैरों की नसें कमजोर होती हैं?
सिर्फ पैर हिलाने की आदत से नसें कमजोर होने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। अगर सुन्नपन या कमजोरी जैसे लक्षण हों तो कारण की जांच जरूरी है।पैर हिलाने की समस्या में किस डॉक्टर से मिलें?
अगर समस्या बार-बार होती है, नींद प्रभावित करती है या इसके साथ अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण हैं, तो न्यूरोलॉजिस्ट से सलाह ली जा सकती है।
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Sep 30, 2026 16:04 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti
