Wed Sep 30, 2026 | 09:22 PM IST

Medically Reviewed by Dr M V Jyothsna , Consultant Obstetrician & Gynaecologist

40 की उम्र के बाद IVF सक्सेस रेट क्यों घट जाता है? डॉक्टर से समझें उम्र का असर

महिलाओं में 40 की उम्र के बाद आईवीएफ की सफलता पर उम्र का असर पड़ सकता है। यहां डॉक्टर से जानिए, अंडों की क्वालिटी और अन्य कौन-से कारण इसमें भूमिका निभाते हैं।
40 की उम्र के बाद IVF सक्सेस रेट क्यों घट जाता है? डॉक्टर से समझें उम्र का असर40 की उम्र के बाद IVF सक्सेस रेट क्यों घट जाता है? डॉक्टर से समझें उम्र का असर

आज के समय में कई महिलाएं करियर, शादी या दूसरी पर्सनल वजहों से मां बनने की प्लानिंग आगे बढ़ाती हैं। ऐसे में आईवीएफ यानी इन विट्रो फर्टिलाइजेशन उन कपल्स के लिए एक अच्छा विकल्प है, जिन्हें कंसीव करने में परेशानी हो रही है लेकिन आईवीएफ को लेकर एक सवाल अक्सर सामने आता है कि क्या 40 की उम्र के बाद इसकी सफलता भी कम हो जाती है? यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, IVF की प्लानिंग करते समय महिला की उम्र को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, लेकिन केवल उम्र के आधार पर सफलता या असफलता का अनुमान भी नहीं लगाया जा सकता।

40 की उम्र के बाद IVF सक्सेस रेट घटने के मुख्य कारण क्या हैं?

गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, महिला की उम्र बढ़ने के साथ ओवरी में मौजूद अंडों की संख्या धीरे-धीरे कम होती है। इसके साथ अंडों की क्वालिटी में भी बदलाव आने लगता है। 40 की उम्र के बाद यह बदलाव ज्यादा तेजी से हो सकता है। IVF में महिला के अंडे को लैब में स्पर्म के साथ फर्टिलाइज करके भ्रूण तैयार किया जाता है और फिर उसे गर्भाशय में ट्रांसफर किया जाता है लेकिन अच्छी क्वालिटी वाला भ्रूण बनने के लिए अंडे की क्वालिटी जरूरी होती है।

  • महिला की उम्र बढ़ने पर अंडों में क्रोमोसोम से जुड़ी असामान्यताओं की संभावना भी बढ़ सकती है, जिससे भ्रूण के इंप्लांट होने या प्रेग्नेंसी आगे बढ़ने की संभावना प्रभावित हो सकती है।
  • कई महिलाओं को लगता है कि अगर ओवरी में पर्याप्त अंडे मौजूद हैं तो IVF की सफलता भी अच्छी रहेगी लेकिन फर्टिलिटी में केवल अंडों की संख्या ही जरूरी नहीं होती है।
  • ओवेरियन रिजर्व उम्र के साथ कम हो सकता है, लेकिन अंडों की क्वालिटी का संबंध भी उम्र से होता है। 40 के बाद IVF के दौरान कम संख्या में परिपक्व अंडे मिलना या ऐसे भ्रूण बनना जिनमें क्रोमोसोम संबंधी समस्या हो, सफलता को प्रभावित कर सकता है।
  • उम्र के साथ भ्रूण में क्रोमोसोम संबंधी असामान्यताओं की संभावना बढ़ने के कारण गर्भपात का जोखिम भी बढ़ सकता है।
  • इसका मतलब यह नहीं है कि 40 के बाद हेल्दी प्रेग्नेंसी संभव नहीं है। बहुत सी महिलाएं इस उम्र में भी IVF या नेचुरल रूप से कंसीव करती हैं।
  • हालांकि, कंसीव करने की संभावना और प्रेग्नेंसी के सुरक्षित रूप से आगे बढ़ने की संभावना व्यक्ति की उम्र के साथ-साथ अन्य स्वास्थ्य और फर्टिलिटी कारकों पर भी निर्भर करती है।

साल 2011 में Iranian Journal of Reproductive Medicine में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, 40 वर्ष या उससे ज्यादा उम्र की महिलाओं में एआरटी (ART/फर्टिलिटी ट्रीटमेंट) की सफलता दर बहुत कम होती है, जिसमें जीवित जन्म दर मात्र 3.2 प्रतिशत ही पाई गई और गर्भपात का जोखिम काफी ज्यादा रहा।

चूंकि 42 वर्ष की आयु के बाद सफलता की संभावना और भी कम हो जाती है, इसलिए रिसर्चर्स का सुझाव है कि इस उम्र की महिलाओं को केवल अपने अंडों के सहारे इलाज कराने के बजाय oocyte donation (अंडे दान में लेना) या गोद लेने जैसे वैकल्पिक तरीकों पर विचार करना चाहिए।

Why IVF Success Drop After Age 40Why IVF Success Drop After Age 40

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क्या 40 के बाद IVF करवाना सही नहीं है?

गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना का कहना है कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। 40 की उम्र के बाद भी आईवीएफ एक विकल्प हो सकता है। सफलता की संभावना हर महिला में अलग होती है और यह ओवेरियन रिजर्व, अंडों की क्वालिटी, यूट्रस की स्थिति, स्पर्म की क्वालिटी और अन्य स्वास्थ्य कारकों पर निर्भर करती है। इसलिए केवल उम्र के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी महिला का आईवीएफ सफल होगा या नहीं। डॉक्टर जरूरी जांचों के आधार पर स्थिति का आकलन करते हैं।

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IVF से पहले क्या चेक किया जाता है?

IVF की प्लानिंग करते समय डॉक्टर महिला की मेडिकल और फर्टिलिटी हिस्ट्री के साथ कई अन्य चीजों का चेक कर सकते हैं। इनमें ओवेरियन रिजर्व, हार्मोनल प्रोफाइल, यूट्रस की स्थिति और पुरुष पार्टनर की स्पर्म क्वालिटी शामिल हो सकती है। कुछ मामलों में पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं का भी ध्यान रखना जरूरी होता है। इसलिए 40 की उम्र के बाद आईवीएफ कराने की योजना बना रही महिलाओं के लिए फर्टिलिटी एक्सपर्ट से समय पर परामर्श लेना फायदेमंद हो सकता है।

निष्कर्ष

40 की उम्र के बाद IVF की सफलता में कमी का मुख्य संबंध उम्र के साथ अंडों की संख्या और क्वालिटी में होने वाले बदलाव से है। उम्र बढ़ने पर भ्रूण में क्रोमोसोम संबंधी असामान्यताओं की संभावना भी बढ़ सकती है, जिसका असर इंप्लांटेशन और प्रेग्नेंसी पर पड़ सकता है। हालांकि, 40 के बाद IVF असंभव नहीं है और हर महिला की स्थिति अलग होती है। इसलिए उम्र को अकेला फैसला करने वाला कारक मानने के बजाय ओवेरियन रिजर्व और अन्य जरूरी जांचों के आधार पर डॉक्टर से सलाह लेनी जरूरी है।

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FAQ

  • क्या 40 के बाद अंडे फ्रीज करवाने का कोई फायदा होता है?

    एग फ्रीजिंग में उम्र एक जरूरी फैक्टर है, भविष्य में इस्तेमाल के लिए अंडे फ्रीज कराने का निर्णय व्यक्ति की उम्र और फर्टिलिटी प्लानिंग के अनुसार डॉक्टर से सलाह करके लेना चाहिए।
  • क्या 40 के बाद IVF में ज्यादा साइकिल की जरूरत पड़ती है?

    यह हर व्यक्ति में अलग होता है। IVF साइकिल की संख्या डॉक्टर की सलाह, पिछले रिजल्ट और फर्टिलिटी संबंधी स्थितियों पर निर्भर करती है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 30, 2026 20:12 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
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