आईवीएफ कराने वाले कपल्स के मन में सबसे ज्यादा चिंता अक्सर एक ही सवाल को लेकर होती है कि क्या ज्यादा तनाव लेने से आईवीएफ की सफलता कम हो सकती है? यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद की कंसल्टेंट ऑब्स्टेट्रिशियन और गायनेकोलॉजिस्ट, डॉ. एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, आईवीएफ को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैली हैं। आईवीएफ की सफलता को केवल तनाव के आधार पर तय नहीं किया जा सकता। इस प्रोसेस का रिजल्ट महिला की उम्र, अंडों की क्वालिटी, भ्रूण की क्वालिटी, यूट्रस की स्थिति, स्पर्म की क्वालिटी और कई अन्य मेडिकल कारणों पर निर्भर करता है।
तनाव का IVF की सफलता पर असर
डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना के अनुसार, लंबे समय तक रहने वाले गंभीर तनाव और फर्टिलिटी प्रोसेस के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन यह साबित नहीं हुआ है कि सामान्य रोजमर्रा का तनाव सीधे IVF फेल कर देता है। IVF की सफलता कई दूसरे जरूरी कारकों पर भी निर्भर करती है।
- महिला की उम्र, ओवेरियन रिजर्व, अंडों और एंब्रियो की क्वालिटी और कुछ अन्य हेल्थ कंडीशन रिजल्ट को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए केवल तनाव को जिम्मेदार मानना सही नहीं होगा।
- डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना बताती हैं कि तनाव के दौरान शरीर में कॉर्टिसोल और अन्य तनाव से जुड़े हार्मोन का लेवल बदल सकता है। अगर कोई महिला लंबे समय तक गंभीर तनाव में रहती है, तो उसकी नींद, भूख, फिजिकल एक्टिविटी और नॉर्मल हेल्थ प्रभावित हो सकती है।
- इन प्रभावों की वजह से महिला के लिए आईवीएफ की पूरी प्रोसेस को संभालना मुश्किल हो सकता है। इसलिए तनाव कम करना IVF सक्सेस की गारंटी नहीं है, लेकिन यह महिला के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी हो सकता है।
साल 2024 में International Journal of Molecular Sciences में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, तनाव का आईवीएफ (IVF) प्रोसेस पर नेगेटिव प्रभाव पड़ता है। अंडे निकालने (egg retrieval) की स्टेज पर पुराने और लंबे समय से रहे तनाव का सबसे ज्यादा असर पड़ता है। रिसर्च के अनुसार, लंबे समय के तनाव का संबंध फर्टिलाइजेशन और भ्रूण ट्रांसफर की स्टेज से भी जुड़ा पाया गया। हालांकि, प्रेग्नेंसी दर पर तनाव का असर बहुत कम देखा गया।
Can Stress Affect IVF Success
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डॉक्टर की सलाह
डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना सलाह देती हैं कि अगर आईवीएफ के दौरान चिंता इतनी बढ़ जाए कि नींद, काम, रिश्तों या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, तो मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट या काउंसलर से मदद लेनी चाहिए। पार्टनर, परिवार या भरोसेमंद व्यक्ति से अपनी भावनाओं के बारे में बात करना भी भावनात्मक दबाव कम करने में मदद कर सकता है। सबसे जरूरी बात यह है कि IVF के रिजल्ट को लेकर खुद को दोष न दें। अगर किसी साइकिल में सफलता नहीं मिलती है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आपने तनाव लिया इसलिए IVF सफल नहीं हुआ।
- बार-बार इंटरनेट पर लक्षणों को खोजना या हर एक्टिविटी को भ्रूण के इंप्लांटेशन से जोड़कर देखना भी चिंता बढ़ा सकता है, ऐसे में इससे बचें।
- डॉक्टर की बताई दवाएं समय पर लेना, पर्याप्त नींद लेना, बैलेंस भोजन करना और अपने नॉर्मल डेली रूटीन को बनाए रखना जरूरी है।
- हल्की फिजिकल एक्टिविटी भी डॉक्टर की सलाह के अनुसार की जा सकती है।
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निष्कर्ष
आईवीएफ के दौरान तनाव होना नॉर्मल है और इसे पूरी तरह खत्म करना जरूरी भी नहीं है। सिर्फ तनाव को IVF की असफलता का कारण मानना सही नहीं है। आईवीएफ की सफलता उम्र, अंडे और एंब्रियो की क्वालिटी, यूट्रस की स्थिति, स्पर्म क्वालिटी और कई अन्य मेडिकल कारणों पर निर्भर करती है। डॉक्टर एम. वी. ज्योत्सना की सलाह के अनुसार, आईवीएफ के दौरान तनाव को मैनेज करना अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, लेकिन अगर रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक न आए तो इसके लिए खुद को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।
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FAQ
क्या IVF के दौरान रोने से भ्रूण पर असर पड़ता है?
कभी-कभार भावुक होना या रोना IVF की सफलता को प्रभावित नहीं करता है लेकिन लगातार रोने से तनाव बढ़ सकता है जो कि सेहत पर बुरा असर डालता है।क्या IVF के दौरान काम करना बंद कर देना चाहिए?
हर मरीज की स्थिति अलग होती है और डॉक्टर भी एक्टिव रहने की सलाह देते हैं लेकिन किस तरह की एक्टिविटी करनी हैं, यह अपने डॉक्टर से पूछें।क्या IVF के दौरान योग किया जा सकता है?
IVF की अलग-अलग स्टेज में फिजिकल एक्टिविटी की लिमिट डॉक्टर से पूछकर तय करनी चाहिए।
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Oct 06, 2026 16:26 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr M V Jyothsna
