Tue Oct 27, 2026 | 09:06 PM IST

Medically Reviewed by Dr Lavanya Kiran , Gynaecologogist & Fertility Exper

पहली IVF साइकिल फेल होने के बाद क्या दूसरी भी वही तरीका फॉलो किया जाता है? डॉक्टर से जानें

पहली आईवीएफ साइकिल फेल होने का मतलब यह नहीं कि अगली बार भी सफलता नहीं मिलेगी। यहां डॉक्टर से जानिए, दूसरी IVF साइकिल की संभावना किन बातों पर निर्भर करती है और दोबारा इलाज से पहले डॉक्टर किन चीजों की जांच करते हैं?
पहली IVF साइकिल फेल होने के बाद क्या दूसरी भी वही तरीका फॉलो किया जाता है? डॉक्टर से जानेंपहली IVF साइकिल फेल होने के बाद क्या दूसरी भी वही तरीका फॉलो किया जाता है? डॉक्टर से जानें

आईवीएफ की पहली साइकिल फेल होने पर कपल्स के मन में सबसे बड़ा सवाल यही आता है कि क्या अगली बार भी वही इलाज किया जाएगा या डॉक्टर कुछ बदलाव करेंगे? कई लोग सोचने लगते हैं कि जब पहली बार अपनाई गई प्रोसेस से प्रेग्नेंसी नहीं हुई, तो दूसरी बार सफलता कैसे मिलेगी। इस दौरान निराशा, चिंता और दोबारा इलाज शुरू करने को लेकर असमंजस होना स्वाभाविक है। KIMS अस्पताल, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, बेंगलुरु के प्रसूति, स्त्री रोग विभाग की निदेशक और कंसल्टेंट, डॉ. लावण्या किरण के मुताबिक, एक बार आईवीएफ फेल होने पर डॉक्टर संभावित कारणों की जांच करते हैं और जरूरत के अनुसार अगली साइकिल में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर बार दवाएं या इलाज का तरीका बदलना ही जरूरी है।

क्या दूसरी आईवीएफ साइकिल में प्रोटोकॉल बदला जाता है?

डॉ. लावण्या किरण बताती हैं कि कई कपल्स को लगता है कि अगर पहली आईवीएफ साइकिल में सफलता नहीं मिली, तो दूसरी बार भी वही दवाएं, प्रोसेस और इलाज अपनाया जाएगा। हालांकि, ऐसा जरूरी नहीं है। डॉक्टर अगली साइकिल शुरू करने से पहले पिछली साइकिल के रिजल्ट का आकलन करते हैं। इस दौरान यह समझने की कोशिश की जाती है कि इलाज की किस स्टेज में परेशानी आई थी और क्या किसी बदलाव की जरूरत है।

उदाहरण के लिए, अगर पहली साइकिल में अंडाशय से पर्याप्त अंडे नहीं बन पाए, अंडों की क्वालिटी से जुड़ी समस्या रही या भ्रूण उम्मीद के मुताबिक क्वालिटी के नहीं बने, तो डॉक्टर इन पहलुओं पर दोबारा विचार कर सकते हैं। इसी तरह, अगर भ्रूण ट्रांसफर के बाद भी प्रेग्नेंसी नहीं हुई, तो उपलब्ध मेडिकल जानकारी के आधार पर आगे की रणनीति तय की जा सकती है।

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  • पहली साइकिल असफल होने के बाद सबसे जरूरी कदम यह समझना है कि क्या कोई ऐसा कारण था, जिसमें सुधार किया जा सकता है।
  • आईवीएफ की सफलता कई कारकों पर निर्भर करती है, इसलिए हर कपल में असफलता की वजह एक जैसी नहीं होती।
  • डॉक्टर पिछली साइकिल की रिपोर्ट, अंडों की संख्या, निषेचन यानी फर्टिलाइजेशन और भ्रूण के विकास से जुड़ी जानकारी का रिव्यू कर सकते हैं।
  • महिला की उम्र, अंडाशय का रिएक्शन और फर्टिलिटी हेल्थ से संबंधित स्थितियों को भी ध्यान में रखा जाता है। इसके अलावा, यूट्रस की स्थिति और भ्रूण ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी भी अहम हो सकती है।
  • हालांकि, हर बार आईवीएफ फेल होने का कोई स्पष्ट कारण मिल जाए, यह जरूरी नहीं है। इसलिए जांच और आगे के इलाज का फैसला व्यक्ति की मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर किया जाता है।

साल 2009 में Fertility and Sterility जर्नल में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, पहले IVF चक्र यानी साइकिल में केमिकल प्रेग्नेंसी या गर्भपात का सामना करने वाली महिलाएं अक्सर निराश होकर आगे का इलाज बंद कर देती हैं। हालांकि, जो महिलाएं दूसरा प्रयास करती हैं, उन्हें पहले चक्र में केवल असफल रहने वाली महिलाओं की तुलना में दूसरे प्रयास में मां बनने की ज्यादा सफलता मिलती है (34% बनाम 21%)। इससे पता चलता है कि शुरुआती असफलता के बावजूद आगे का इलाज फायदेमंद हो सकता है।

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अगली आईवीएफ साइकिल में डॉक्टर क्या बदलाव कर सकते हैं?

डॉ. लावण्या किरण के अनुसार, पहली IVF साइकिल के रिजल्ट को देखने के बाद डॉक्टर जरूरत के अनुसार इलाज की प्लानिंग में कुछ बदलाव कर सकते हैं। इसमें अंडाशय को उत्तेजित करने वाली दवाओं की खुराक या उनके इस्तेमाल के तरीके में बदलाव करना शामिल हो सकता है।

  • अगर भ्रूण के विकास या यूट्रस से जुड़ी किसी समस्या का संदेह हो, तो डॉक्टर उससे संबंधित जांच या इलाज की सलाह दे सकते हैं।
  • कुछ मामलों में एम्ब्रियो ट्रांसफर करने के समय या तरीके पर भी विचार किया जा सकता है।
  • यह समझना जरूरी है कि हर मरीज के लिए सभी बदलाव जरूरी नहीं होते।
  • यदि पहली साइकिल में कोई स्पष्ट समस्या नहीं मिली और इलाज की प्लानिंग उपयुक्त थी, तो डॉक्टर उसी तरीके को जारी रखने का निर्णय भी ले सकते हैं।
  • केवल पहली साइकिल असफल होने के कारण हर चीज बदलना जरूरी नहीं है।

आईवीएफ फेल होने के बाद क्या करना चाहिए?

डॉ. लावण्या किरण सलाह देती हैं कि पहली IVF साइकिल असफल होने पर निराशा होना स्वाभाविक है, लेकिन जल्दबाजी में अगली साइकिल शुरू करने या खुद से दवाओं में बदलाव करने से बचना चाहिए। डॉक्टर से पिछली साइकिल की रिपोर्ट समझें और पूछें कि क्या किसी जांच या इलाज में बदलाव की जरूरत है। अगली साइकिल शुरू करने का समय भी डॉक्टर महिला की शारीरिक स्थिति, पिछली दवाओं के प्रभाव और जांच के रिजल्ट के आधार पर तय कर सकते हैं।

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निष्कर्ष

IVF की पहली साइकिल फेल होने का मतलब यह नहीं है कि आगे भी प्रेग्नेंसी नहीं हो सकती। डॉ. लावण्या किरण के अनुसार, पहली साइकिल के असफल होने के बाद डॉक्टर कारणों को रिव्यू करते हैं और जरूरत पड़ने पर अगली साइकिल की रणनीति में बदलाव कर सकते हैं। कुछ मामलों में वही तरीका जारी रखना भी सही हो सकता है।

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FAQ

  • आईवीएफ की पहली साइकिल फेल होने के कितने समय बाद दोबारा कोशिश कर सकते हैं?

    दोबारा आईवीएफ शुरू करने का समय महिला की शारीरिक स्थिति, पिछली साइकिल में इस्तेमाल की गई दवाओं और जांच के रिजल्ट पर निर्भर करता है।
  • आईवीएफ के लिए कितना वजन होना चाहिए?

    आईवीएफ के लिए वजन हेल्दी लिमिट में रखना सही होता है। ज्यादा वजन इलाज के रिजल्ट को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार वजन और हेल्थ में सुधार की सलाह दे सकते हैं।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 27, 2026 19:05 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Lavanya Kiran