Thu Oct 1, 2026 | 07:54 PM IST

Medically Reviewed by Dr Murali Krishna , Consultant Psychiatrist

गैस, दरवाजा या लॉक बार-बार चेक करते हैं? डॉक्टर से जानें ये सिर्फ आदत है या एंग्जायटी

चीजों को बार-बार चेक करना कभी सामान्य आदत हो सकती है, लेकिन अगर इसे रोक पाना मुश्किल हो, बेचैनी बढ़े या रोजाना का काम प्रभावित हो तो यह एंग्जायटी से जुड़ा हो सकता है।
गैस, दरवाजा या लॉक बार-बार चेक करते हैं? डॉक्टर से जानें ये सिर्फ आदत है या एंग्जायटीगैस, दरवाजा या लॉक बार-बार चेक करते हैं? डॉक्टर से जानें ये सिर्फ आदत है या एंग्जायटी

घर से निकल चुके हैं, लेकिन अचानक मन में आया गैस बंद की थी या नहीं? दरवाजा लॉक किया था या नहीं? फिर आप वापस घर जाकर चेक करते हैं। सब ठीक मिलता है, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा वही शक होने लगता है। कई लोगों के साथ ऐसा कभी-कभार होता है लेकिन कुछ के साथ ऐसा हर दिन होता है। Aster RV Hospital, बेंगलुरु के साइकियाट्री और काउंसलिंग सर्विसेज के विजिटिंग कंसल्टेंट मनोचिकित्सक डॉ. मुरली कृष्णा के अनुसार, इस तरह के व्यवहार को समझते समय केवल यह देखना पर्याप्त नहीं है कि व्यक्ति कितनी बार चेक करता है। यह भी देखना जरूरी है कि चेक करने की इच्छा के पीछे किस तरह के विचार हैं, चेक करने के बाद कितनी देर तक राहत मिलती है और क्या यह आदत व्यक्ति के काम, समय या रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रही है।

बार-बार चीजें चेक करने की आदत क्यों होती है?

मनोचिकित्सक डॉ. मुरली कृष्णा के अनुसार, गैस बंद करना, दरवाजा लॉक करना या घर से निकलते समय बिजली के स्विच को देख लेना नॉर्मल व्यवहार है। इन कामों को दोबारा देख लेना भी कभी-कभार हो सकता है, खासकर जब व्यक्ति तनाव में हो या उसे किसी बात को लेकर जल्दी हो।

समस्या तब समझी जा सकती है जब बार-बार जांच करने की जरूरत महसूस होने लगे। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति दरवाजा लॉक करने के बाद कुछ कदम आगे बढ़कर वापस आए, फिर लॉक चेक करे और ऐसा कई बार दोहराए। यहां सवाल केवल चेक करने की संख्या का नहीं, बल्कि उस व्यवहार के पीछे मौजूद बेचैनी और डर का भी है। कई बार इसके पीछे चिंता, बार-बार आने वाले संदेह या ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) जैसे मेंटल हेल्थ से जुड़े कारण हो सकते हैं।

तुलना एंग्जायटी ओसीडी
मुख्य लक्षण भविष्य की अनिश्चितताओं, संभावित खतरों या किसी घटना को लेकर लगातार और ज्यादा चिंता होना। बार-बार परेशान करने वाले विचार और उन्हें शांत करने के लिए बार-बार एक ही काम दोहराना।
विचार चिंताएं आमतौर पर सामान्य जीवन की परिस्थितियों से जुड़ी होती हैं। विचार अक्सर ज्यादा, अजीब या बार-बार आने वाले संदेह होते हैं।
व्यवहार व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रहता है, लेकिन जरूरी नहीं कि वह कोई खास फिजिकल क्रिया बार-बार दोहराए। व्यक्ति बेचैनी कम करने के लिए बार-बार खास कार्य करता है, जैसे हाथ धोना या ताला बार-बार चेक करना।
जीवन पर प्रभाव चिंता के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं, मन अशांत रहता है। दोहराए जाने वाले व्यवहार के कारण व्यक्ति का काफी समय बर्बाद होता है और रोजमर्रा के काम बाधित होते हैं।
जांच और आकलन केवल गैस या दरवाजा एक बार चेक करना सामान्य है, इसके आधार पर एंग्जायटी या ओसीडी तय नहीं होता। निदान केवल मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट द्वारा विचारों, व्यवहार, उनके बार-बार होने और जीवन पर प्रभाव को देखकर किया जाता है।
  • बार-बार चेक करने की आदत के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ लोगों में यह नॉर्मल चिंता या तनाव से जुड़ा हो सकता है।
  • व्यक्ति के मन में बार-बार यह विचार आ सकता है कि अगर उसने गैस बंद नहीं की तो दुर्घटना हो जाएगी या दरवाजा ठीक से लॉक नहीं हुआ तो घर में चोरी हो सकती है।
  • कुछ मामलों में व्यक्ति को पता होता है कि उसने गैस बंद की है या दरवाजा लॉक किया है, लेकिन मन में संदेह बना रहता है। इस संदेह को दूर करने के लिए वह दोबारा चेक करता है।
  • चेक करने के बाद कुछ समय के लिए राहत मिलती है, लेकिन फिर वही विचार वापस आ सकता है।

साल 2025 में Psychology Research and Behavior Management में प्रकाशित रिव्यू के अनुसार, ओसीडी (OCD) में बार-बार चीजों को चेक करना सबसे आम लक्षण है, जो चिंता और ज्यादा जिम्मेदारी की भावना के कारण होता है। इससे व्यक्ति की याददाश्त और दिमाग का फंक्शन प्रभावित होता है।

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कब इसे सिर्फ आदत नहीं मानना चाहिए?

मनोचिकित्सक डॉ. मुरली कृष्णा बताते हैं कि अगर बार-बार चेक करने में इतना समय जाने लगे कि रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। उदाहरण के लिए, घर से निकलने में असामान्य रूप से ज्यादा समय लगना, ऑफिस या किसी जरूरी जगह पहुंचने में देरी होना या परिवार के दूसरे सदस्यों को भी बार-बार चीजें चेक करने के लिए कहना चिंता का संकेत हो सकता है। इसी तरह, अगर व्यक्ति खुद समझता है कि वह जरूरत से ज्यादा चेक कर रहा है लेकिन फिर भी खुद को रोक नहीं पाता, तो मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से बात करना फायदेमंद हो सकता है।

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निष्कर्ष

गैस, दरवाजा या लॉक एक-दो बार चेक करना सामान्य सावधानी हो सकती है लेकिन अगर व्यक्ति बार-बार चेक करने के बावजूद संतुष्ट नहीं हो पाता, बेचैनी महसूस करता है और यह व्यवहार उसकी रोजमर्रा की जिंदगी में बाधा डालने लगता है, तो इसे केवल आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसके पीछे चिंता या OCD जैसी स्थिति हो सकती है। सही कारण समझने के लिए मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से जांच कराना सबसे सही है।

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FAQ

  • दिमाग में टेंशन कैसे दूर करें?

    दिमाग की टेंशन दूर करने के लिए गहरी सांस लें और रोजाना कुछ देर मेडिटेशन जरूर करें। ऐसा करने से मन शांत होता है और तनाव कम हो सकता है।
  • ओसीडी हमेशा के लिए ठीक हो सकता है?

    ओसीडी के लक्षणों को सही इलाज और गाइडेंस से कंट्रोल और काफी हद तक ठीक किया जा सकता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Oct 01, 2026 19:08 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Murali Krishna