Wed Sep 30, 2026 | 01:47 PM IST

Medically Reviewed by Dr Bharath Kumar Surisetti , Consultant Neurologist | MD, DM (Neurology), PDF Movement Disorders (NIMHANS)

सुबह उठते ही चलाने लगते हैं मोबाइल? जानें दिमाग और नींद पर क्या पड़ता है असर

सुबह उठते ही मोबाइल देखने की आदत नींद, फोकस और मेंटल एक्टिविटी को प्रभावित कर सकती है। यहां डॉक्टर से जानिए, सुबह मोबाइल इस्तेमाल करने का शरीर और दिमाग पर क्या असर होता है।
सुबह उठते ही चलाने लगते हैं मोबाइल? जानें दिमाग और नींद पर क्या पड़ता है असरसुबह उठते ही चलाने लगते हैं मोबाइल? जानें दिमाग और नींद पर क्या पड़ता है असर

आज के समय में ज्यादातर लोग सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले हाथ में मोबाइल पकड़ते हैं। अलार्म बंद करने के बाद नोटिफिकेशन देखना, WhatsApp मैसेज चेक करना, सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करना और फिर काफी समय बीत जाना आज बहुत से लोगों की रोजाना की आदत बन चुकी है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, कई लोगों को लगता है कि सुबह कुछ मिनट फोन देखने से कोई खास नुकसान नहीं होता, लेकिन अगर यह आदत डेली रूटीन का हिस्सा बन जाए और फोन से दूरी बनाना मुश्किल लगे, तो ध्यान देना जरूरी है।

न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, सुबह उठते ही फोन देखने की आदत को समझना इसलिए जरूरी है क्योंकि नींद, दिमाग की एक्टिविटी और रोजाना का रूटीन एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि सुबह मोबाइल देखने की आदत किन परिस्थितियों में परेशानी बढ़ा सकती है और इससे बचने के लिए दिन की शुरुआत किस तरह की जा सकती है।

उठते ही सोशल मीडिया चेक करना आपकी नींद और मूड को कैसे बिगाड़ता है?

न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी के अनुसार, नींद से जागने के बाद हमारा दिमाग धीरे-धीरे पूरी तरह एक्टिव मोड में आता है। इस समय तुरंत फोन पर मैसेज, वीडियो, सोशल मीडिया या दूसरी जानकारी देखने से दिमाग को एक साथ बहुत सारी जानकारी मिलने लगती है। खासकर अगर फोन देखने की आदत लंबे समय तक जारी रहती है, तो सुबह का समय बिना किसी ब्रेक के डिजिटल एक्टिविटी में बीत सकता है।

1. नींद के पैटर्न पर पड़ सकता है असर

न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि समस्या खासकर तब बढ़ सकती है जब व्यक्ति सुबह फोन इस्तेमाल करते-करते देर तक बिस्तर में पड़ा रहे या रात में भी फोन का इस्तेमाल जारी रखे। इससे सोने और जागने का नियमित रूटीन बिगड़ सकता है। रात में स्क्रीन इस्तेमाल करने से तेज रोशनी और मेंटल अलर्टनेस भी नींद आने में बाधा डाल सकती है।

2. दिमाग पर दबाव

सुबह उठते ही सोशल मीडिया, ईमेल, न्यूज और मैसेज चेक करने से दिमाग को कम समय में कई तरह की सूचनाओं को प्रोसेस करना पड़ता है। लगातार बदलती जानकारी व्यक्ति का ध्यान एक चीज पर टिकने नहीं देती। इससे दिन की शुरुआत ही ज्यादा मानसिक व्यस्तता के साथ हो सकती है, जिससे दिमाग पर दबाव पड़ सकता है।

3. फोकस कम होना

अगर सुबह की शुरुआत लगातार नोटिफिकेशन और अलग-अलग कंटेंट देखने से होती है, तो व्यक्ति का ध्यान जल्दी-जल्दी एक जानकारी से दूसरी जानकारी की ओर जाने का आदी हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि कुछ मिनट फोन देखने से सीधे फोकस की समस्या हो जाएगी, लेकिन दिनभर ज्यादा स्क्रीन और लगातार नोटिफिकेशन का इस्तेमाल ध्यान भटकने की समस्या को बढ़ा सकता है।

effects of mobile after wake upeffects of mobile after wake up

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4. मूड और मानसिक स्थिति पर असर

न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि सुबह उठते ही सोशल मीडिया या खबरें देखने पर व्यक्ति को ऐसी सूचनाएं मिल सकती हैं जो चिंता, तनाव या नेगेटिव भावनाएं बढ़ाती हैं। खासकर अगर दिन की शुरुआत तुलना, विवादित खबरों से हो, तो व्यक्ति का मूड प्रभावित हो सकता है। इसलिए जागने के तुरंत बाद फोन को लगातार स्क्रॉल करने की आदत से बचना बेहतर हो सकता है।

साल 2026 में Amtrak Daily Long Distance Service Study में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, सुबह उठते ही फोन देखना अपने आप में गलत नहीं है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि यह आपकी आदत को कैसे प्रभावित करता है।

यदि आप थोड़ा सा फोन देखकर उसे रख देते हैं और अपने जरूरी काम समय पर करते हैं, तो यह एक आम बात है लेकिन अगर कुछ मिनटों की स्क्रॉलिंग आधे घंटे या उससे ज्यादा समय तक चलती है, जिससे तनाव पैदा होता है या आपके जरूरी काम छूट जाते हैं, तो आपको अपनी इस डिजिटल आदत पर ध्यान देने और इसमें बदलाव करने की जरूरत है।

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सुबह मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत कैसे बदलें?

  • न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर भरत कुमार सुरिसेट्टी सलाह देते हैं कि जागने के बाद कुछ समय फोन से दूरी रखने की कोशिश की जा सकती है।
  • सबसे पहले पानी पीना, कमरे से बाहर निकलना, हल्की स्ट्रेचिंग करना एक विकल्प हो सकता है।
  • फोन के अनावश्यक नोटिफिकेशन बंद करना और सोशल मीडिया के लिए तय समय रखना भी मदद कर सकता है।
  • रात में फोन को बिस्तर से दूर रखने से सुबह उठते ही उसे देखने की आदत कम करने में आसानी हो सकती है।

निष्कर्ष

सुबह उठते ही मोबाइल देखना अपने आप में किसी बीमारी का कारण नहीं माना जा सकता, लेकिन अगर फोन का इस्तेमाल लंबे समय तक चलता रहे, नींद का रूटीन बिगड़े या व्यक्ति लगातार नोटिफिकेशन और स्क्रीन में बिजी रहे, तो इसका असर नींद, ध्यान और मानसिक स्थिति पर पड़ सकता है। इसलिए दिन की शुरुआत कुछ समय बिना स्क्रीन के करना और पूरे दिन मोबाइल इस्तेमाल को संतुलित रखना दिमाग और नींद के लिए बेहतर आदत हो सकती है।

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FAQ

  • क्या सुबह फोन देखने से सिरदर्द हो सकता है?

    लंबे समय तक स्क्रीन देखने, आंखों पर तनाव या पर्याप्त नींद न लेने से सिरदर्द हो सकता है। केवल सुबह फोन देखने को इसका एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता।
  • क्या बच्चों के लिए सुबह उठते ही फोन देखना ठीक है?

    बच्चों में स्क्रीन इस्तेमाल के लिए उम्र के अनुसार नियम रखना बेहतर है। सुबह की शुरुआत स्क्रीन के बजाय नाश्ते और दिन की जरूरी एक्टिविटी से करना फायदेमंद हो सकता है।

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Akanksha Tiwari

Health & Lifestyle Journalist

आकांक्षा तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं, जिनमें से करीब 3 साल उन्होंने हेल्थ जर्नलिज्म को दिए हैं। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं। वह पोषण, आयुर्वेद, प्रेगनेंसी, हार्ट हेल्थ और फिटनेस जैसे विषयों पर लिखती हैं और स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को प्रमाणित स्रोतों और रिसर्च के आधार पर सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास करती हैं। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है। OnlyMyHealth से पहले वह India TV, India Ahead और News Nation के साथ काम कर चुकी हैं। Editorial Policy: आकांक्षा द्वारा लिखे गए सभी लेखों की हमारी संपादकीय टीम द्वारा तथ्य-जांच की जाती है और आवश्यकता पड़ने पर संबंधित विषय विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जाती है।

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    Sep 30, 2026 11:23 IST

    Published By : Akanksha Tiwari
    Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti