बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना माता-पिता के लिए अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। इस समस्या के पीछे मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी और खराब हाइजीन जिम्मेदार होता है। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिसके कारण वे बार-बार बीमार होने लगते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना एक बहुत ही आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे कमजोर इम्यूनिटी या खराब हाइजीन ही नहीं, बल्कि अन्य कारण भी जुड़े होते हैं। आइए इस बारे में लेख में विस्तार से जानते हैं।
क्या बच्चों की इम्यूनिटी वाकई कमजोर होती है?
Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि सबसे पहले पेरेंट्स को यह समझना जरूरी है कि छोटे बच्चों खासकर 1 से 16 साल की उम्र के बीच का इम्यून सिस्टम अभी विकास के चरण में होता है। इस उम्र में जब बच्चे स्कूल, डे-केयर या पार्क जाते हैं तो वे अलग-अलग तरह के सैकड़ों रेस्पिरेटरी वायरसों के संपर्क में आते हैं। उनका शरीर पहली बार इन वायरसों का सामना कर रहा होता है, इसलिए वे जल्दी बीमार पड़ते हैं।
एक नॉर्मल बच्चे को साल में 6 से 8 बार नॉर्मल सर्दी-जुकाम होना मेडिकल रूप से नॉर्मल माना जाता है, क्योंकि इसी प्रक्रिया से बच्चे का इम्यून सिस्टम मजबूत और ट्रेन होता है। इसे हर बार कमजोर इम्यूनिटी मान लेना सही नहीं है। Paediatrics & Child Health के अनुसार, बच्चों को बार-बार जुकाम होना उनकी इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण नहीं होता है, बल्कि इसका मतलब यह है कि वे कई तरह के वायरसों के संपर्क में आ रहे हैं।
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बच्चों में सर्दी-जुकाम औ खराब हाइजीन
Dr. Akshay Chugh के अनुसार, साफ-सफाई का ध्यान न रखना यानी खराब हाइजीन भी बच्चों में इंफेक्शन को बार-बार फैलाने का एक बड़ा जरिए है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि घर गंदा है। बच्चे खेलते समय खिलौनों, बेंच या दीवारों को छूते हैं और फिर उन्हें गंदे हाथों को अपनी नाक, मुंह या आंखों पर लगा लेते हैं। इससे वायरस सीधे उनके श्वसन तंत्र में चले जाते हैं। ऐसे में खाने से पहले या बाहर से आने के बाद सही तरह से साबुन से हाथ न धोने के कारण बैक्टीरिया और वायरस आसानी से शरीर में पहुंच जाते हैं।
बच्चों में सर्दी-जुकाम बढ़ने के अन्य कारण
पर्यावरण और प्रदूषण- हवा में बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी और पैसिव स्मोकिंग बच्चों के गले और नाक की सेंसिटिव झिल्ली को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उन्हें बार-बार सर्दी और एलर्जी की समस्या होने लगती है।
एलर्जी- कई बार बार-बार होने वाला जुकाम सामान्य वायरल इंफेक्शन नहीं, बल्कि एलर्जिक राइनाइटिस होता है, जो धूल के कणों, मौसम बदलने या पालतू जानवरों की रूसी के कारण होता है।
पोषक तत्वों की कमी- अगर बच्चे के खान-पान में प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन डी या आयरन की कमी है तो इससे वाकई उनका इम्यून सिस्टम सुस्त पड़ सकता है।
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बच्चों को सर्दी-जुकाम होने से बचाने के टिप्स
Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि अगर बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है तो घबराने के बजाय इन बातों का ध्यान रखें-
- हैंड हाइजीन सिखाएं- बच्चे को बार-बार साबुन से हाथ धोने की अच्छी आदत डालें। यह सबसे आसान और असरदार तरीका है जो 50% तक इंफेक्शन रोक सकता है।
- पोषण से भरपूर आहार दें- बच्चे की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, अंडे, दालें और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें, ताकि नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी मजबूत हो।
- एंटीबायोटिक्स का खुद इस्तेमाल न करें- नॉर्मल सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरस के कारण होता है, जिसमें एंटीबायोटिक्स असर नहीं करती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चे को बार-बार एंटीबायोटिक्स असर नहीं करती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चे को बार-बार एंटीबायोटिक सिरप न दें।
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डॉक्टर से संपर्क कब करें?
अगर बच्चे को लगातार तेज बुखार रहे, सांस लेने में घरघराहट या सीटी जैसी आवाज आए, कान में दर्द हो या जुकाम 10 से 12 दिन से ज्यादा समय तक ठीक न हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
निष्कर्ष
बच्चों में बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम के लिए कमजोर इम्यूनिटी और खराब हाइजीन- दोनों ही कारक समान रूप से जिम्मेदार हो सकते हैं। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए माता-पिता बच्चों को संतुलित आहार दें और सर्दी-जुकाम होने के कारणों के बारे में पता लगाएं। बार-बार हाथ धोने की आत और साफ-सफाई का ध्यान रखने से बच्चों को इंफेक्शन होने से बचाया जा सकता है।
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FAQ
बार-बार सर्दी जुकाम होना किसका लक्षण है?
बार-बार सर्दी-जुकाम होना मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी, एलर्जी या किसी पुराने श्वसन इंफेक्शन का लक्षण हो सकता है।किस विटामिन की कमी से जुकाम होता है?
खासतौर पर शरीर में विटामिन सी और विटामिन डी की कमी होने पर शरीर की इम्यून क्षमता कम हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम बार-बार होने की संभावना बढ़ जाती है।
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Nov 04, 2026 16:55 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Akshay Chugh
