Wed Nov 4, 2026 | 05:24 PM IST

Medically Reviewed by Dr Akshay Chugh

बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना: कमजोर इम्यूनिटी या खराब हाइजीन? जानें डॉक्टर से

बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम कमजोर इम्यूनिटी या खराब हाइजीन के कारण हो सकता है, लेकिन यह इम्यून सिस्टम के विकास का भी हिस्सा है। सही हाइजीन और पोषण से बच्चों को इंफेक्शन से बचाया जा सकता है।
बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना: कमजोर इम्यूनिटी या खराब हाइजीन? जानें डॉक्टर सेबच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना: कमजोर इम्यूनिटी या खराब हाइजीन? जानें डॉक्टर से

बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना माता-पिता के लिए अक्सर चिंता का कारण बन जाता है। इस समस्या के पीछे मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी और खराब हाइजीन जिम्मेदार होता है। बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है, जिसके कारण वे बार-बार बीमार होने लगते हैं। Dr. Akshay Chugh, Internal Medicine & Metabolic Disorders, Metro Hospital and Heart Institute, Noida बताते हैं कि बच्चों में बार-बार सर्दी-जुकाम होना एक बहुत ही आम समस्या है, लेकिन इसके पीछे कमजोर इम्यूनिटी या खराब हाइजीन ही नहीं, बल्कि अन्य कारण भी जुड़े होते हैं। आइए इस बारे में लेख में विस्तार से जानते हैं।

क्या बच्चों की इम्यूनिटी वाकई कमजोर होती है?

Dr. Akshay Chugh कहते हैं कि सबसे पहले पेरेंट्स को यह समझना जरूरी है कि छोटे बच्चों खासकर 1 से 16 साल की उम्र के बीच का इम्यून सिस्टम अभी विकास के चरण में होता है। इस उम्र में जब बच्चे स्कूल, डे-केयर या पार्क जाते हैं तो वे अलग-अलग तरह के सैकड़ों रेस्पिरेटरी वायरसों के संपर्क में आते हैं। उनका शरीर पहली बार इन वायरसों का सामना कर रहा होता है, इसलिए वे जल्दी बीमार पड़ते हैं।
एक नॉर्मल बच्चे को साल में 6 से 8 बार नॉर्मल सर्दी-जुकाम होना मेडिकल रूप से नॉर्मल माना जाता है, क्योंकि इसी प्रक्रिया से बच्चे का इम्यून सिस्टम मजबूत और ट्रेन होता है। इसे हर बार कमजोर इम्यूनिटी मान लेना सही नहीं है। Paediatrics & Child Health के अनुसार, बच्चों को बार-बार जुकाम होना उनकी इम्यूनिटी कमजोर होने के कारण नहीं होता है, बल्कि इसका मतलब यह है कि वे कई तरह के वायरसों के संपर्क में आ रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: बच्चे को सर्दी-जुकाम होने पर इन 5 बातों का रखें ध्यान, घर में नहीं फैलेगा इंफेक्शन का खतरा

बच्चों में सर्दी-जुकाम औ खराब हाइजीन

Dr. Akshay Chugh के अनुसार, साफ-सफाई का ध्यान न रखना यानी खराब हाइजीन भी बच्चों में इंफेक्शन को बार-बार फैलाने का एक बड़ा जरिए है, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि घर गंदा है। बच्चे खेलते समय खिलौनों, बेंच या दीवारों को छूते हैं और फिर उन्हें गंदे हाथों को अपनी नाक, मुंह या आंखों पर लगा लेते हैं। इससे वायरस सीधे उनके श्वसन तंत्र में चले जाते हैं। ऐसे में खाने से पहले या बाहर से आने के बाद सही तरह से साबुन से हाथ न धोने के कारण बैक्टीरिया और वायरस आसानी से शरीर में पहुंच जाते हैं।

बच्चों में सर्दी-जुकाम बढ़ने के अन्य कारण

पर्यावरण और प्रदूषण- हवा में बढ़ता प्रदूषण, धूल-मिट्टी और पैसिव स्मोकिंग बच्चों के गले और नाक की सेंसिटिव झिल्ली को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उन्हें बार-बार सर्दी और एलर्जी की समस्या होने लगती है।
एलर्जी- कई बार बार-बार होने वाला जुकाम सामान्य वायरल इंफेक्शन नहीं, बल्कि एलर्जिक राइनाइटिस होता है, जो धूल के कणों, मौसम बदलने या पालतू जानवरों की रूसी के कारण होता है।
पोषक तत्वों की कमी- अगर बच्चे के खान-पान में प्रोटीन, विटामिन सी, विटामिन डी या आयरन की कमी है तो इससे वाकई उनका इम्यून सिस्टम सुस्त पड़ सकता है।

Frequent-Colds-in-KidFrequent-Colds-in-Kid

बच्चों को सर्दी-जुकाम होने से बचाने के टिप्स

Dr. Akshay Chugh बताते हैं कि अगर बच्चा बार-बार बीमार पड़ता है तो घबराने के बजाय इन बातों का ध्यान रखें-

  1. हैंड हाइजीन सिखाएं- बच्चे को बार-बार साबुन से हाथ धोने की अच्छी आदत डालें। यह सबसे आसान और असरदार तरीका है जो 50% तक इंफेक्शन रोक सकता है।
  2. पोषण से भरपूर आहार दें- बच्चे की डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, अंडे, दालें और ड्राई फ्रूट्स शामिल करें, ताकि नेचुरल तरीके से इम्यूनिटी मजबूत हो।
  3. एंटीबायोटिक्स का खुद इस्तेमाल न करें- नॉर्मल सर्दी-जुकाम ज्यादातर वायरस के कारण होता है, जिसमें एंटीबायोटिक्स असर नहीं करती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चे को बार-बार एंटीबायोटिक्स असर नहीं करती हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना बच्चे को बार-बार एंटीबायोटिक सिरप न दें।

इसे भी पढ़ें: बच्चों की सर्दी-खांसी होने पर कौन-सी हर्बल ड्रिंक पिलानी चाहिए? एक्सपर्ट से जानें

डॉक्टर से संपर्क कब करें?

अगर बच्चे को लगातार तेज बुखार रहे, सांस लेने में घरघराहट या सीटी जैसी आवाज आए, कान में दर्द हो या जुकाम 10 से 12 दिन से ज्यादा समय तक ठीक न हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।

निष्कर्ष
बच्चों में बार-बार होने वाले सर्दी-जुकाम के लिए कमजोर इम्यूनिटी और खराब हाइजीन- दोनों ही कारक समान रूप से जिम्मेदार हो सकते हैं। इस समस्या से राहत दिलाने के लिए माता-पिता बच्चों को संतुलित आहार दें और सर्दी-जुकाम होने के कारणों के बारे में पता लगाएं। बार-बार हाथ धोने की आत और साफ-सफाई का ध्यान रखने से बच्चों को इंफेक्शन होने से बचाया जा सकता है।
Image Credit: Freepik

FAQ

  • बार-बार सर्दी जुकाम होना किसका लक्षण है?

    बार-बार सर्दी-जुकाम होना मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी, एलर्जी या किसी पुराने श्वसन इंफेक्शन का लक्षण हो सकता है।
  • किस विटामिन की कमी से जुकाम होता है?

    खासतौर पर शरीर में विटामिन सी और विटामिन डी की कमी होने पर शरीर की इम्यून क्षमता कम हो जाती है, जिससे सर्दी-जुकाम बार-बार होने की संभावना बढ़ जाती है।

Read Next

→ नवजात शिशु की नाभि कैसे साफ करें? डॉक्‍टर से जानें सही तरीका और जरूरी सावधानियां

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

कात्यायनी तिवारी पिछले 6 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। करियर की शुरुआत उन्होंने न्यूज चैनल से की और बाद में डिजिटल मीडिया में हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर काम करना शुरू किया। फिलहाल वह OnlyMyHealth में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं।वह महिला स्वास्थ्य, पोषण, आयुर्वेद, योग, स्किन हेल्थ और प्रेग्नेंसी जैसे विषयों पर लिखती हैं। उनका प्रयास रहता है कि ताजा रिसर्च, विशेषज्ञ डॉक्टरों की राय और प्रमाणित स्रोतों के आधार पर सही स्वास्थ्य जानकारी सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचे। जिन लेखों में मेडिकल पुष्टि जरूरी होती है, उन्हें प्रकाशित होने से पहले डॉक्टरों द्वारा रिव्यू किया जाता है।OnlyMyHealth से पहले वह Jantantra TV और Boldsky के साथ काम कर चुकी हैं।

Read More..

How we keep this article up to date:

We work with experts and keep a close eye on the latest in health and wellness. Whenever there is a new research or helpful information, we update our articles with accurate and useful advice.

  • Current Version

    Nov 04, 2026 16:55 IST

    Published By : Katyayani Tiwari
    Reviewed By : Dr Akshay Chugh