नवजात शिशु जन्म के समय मां से गर्भनाल के जरिए जुड़ा होता है। इसे जन्म होते ही काट दिया जाता है, लेकिन थोड़ा सा हिस्सा शिशु की नाभि से जुड़ा रह जाता है। गर्भनाल का हिस्सा खुद ही सूखकर सिकुड़ता है और गिर जाता है। इस बीच और इसके बाद नाभि की सफाई पर गौर करना जरूरी होता है क्योंकि यह हिस्सा बेहद नाजुक होता है और जरा सी लापरवाही करने से शिशु को इंफेक्शन हो सकता है। आइए जानते हैं नवजात शिशु की नाभि को साफ करने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां। बेहतर जानकारी के लिए हमने Dr. K. S. Somasekhar Rao, Senior Consultant Gastroenterologist, Hepatologist & Advanced Therapeutic Endoscopist At Yashoda Hospitals, Hyderabad से बात की।
Mayo Clinic के मुताबिक, गर्भनाल के बचे हुए हिस्से को सूखने में मदद करने के लिए उस पर हवा लगने दें। अगर स्पंज बाथ के दौरान गर्भनाल का बचा हुआ हिस्सा गीला हो जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे पानी लगने से कोई नुकसान नहीं होता। बस बाद में इसे अच्छी तरह सुखा दें।
1 से 3 हफ्तों में गर्भनाल का हिस्सा सूखकर निकल जाता है
नवजात शिशु की नाभि की देखभाल बहुत सावधानी और प्यार से करनी चाहिए। जब तक गर्भनाल का बचा हुआ हिस्सा सूखकर अपने आप नहीं गिर जाता, तब तक इसे साफ और सूखा रखना जरूरी है। आमतौर पर गर्भनाल का यह हिस्सा 1 से 3 हफ्ते में अपने आप गिर जाता है। नाभि को साफ और सूखा रखने से जन्म के शुरुआती हफ्तों में गर्भनाल का हिस्सा आमतौर पर बिना दर्द के अपने आप गिर जाता है और नाभि सामान्य रूप से ठीक हो जाती है।
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शिशु की नाभि साफ करने का डॉक्टर द्वारा सुझाया गया सही तरीका
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- बच्चे की नाभि को छूने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह धो लें।
- आमतौर पर नाभि को साफ करने के लिए किसी खास चीज की जरूरत नहीं होती।
- बस इसे सूखा रखें और हवा लगने दें।
- अगर नाभि पर पेशाब या मल लग जाए, तो सादे पानी या हल्के साबुन वाले पानी से धीरे-धीरे साफ करें।
- इसके बाद, साफ कपड़े से थपथपाकर सुखा दें।
- बच्चे की नैपी या डायपर को नाभि के नीचे की तरफ मोड़कर पहनाएं, ताकि वह नाभि से रगड़े नहीं और वहां नमी न रहे।
- गर्भनाल के सूखे हिस्से को कभी खींचें, काटें या जबरदस्ती निकालने की कोशिश न करें। इसे अपने आप गिरने दें।
जरूरी सावधानियां
नाभि की सफाई के दौरान क्या करें?
- शिशु को नहलाने के बाद नाभि को ड्राई रखने के लिए उसे कपड़े से ढकने के बजाय सूखने दें।
- शिशु को ढीले कॉटन के कपड़े पहनाएं। हवा लगने से नाभि ड्राई और साफ रहेगी।
- डायपर को नाभि के नीचे बांधें ताकि नाभि गीली न हो और इंफेक्शन का खतरा न रहे।
नाभि की सफाई के दौरान क्या न करें?
- नवजात शिशु की नाभि पर तेल, हल्दी या अन्य घरेलू उपायों का इस्तेमाल न करें, इससे इंफेक्शन हो सकता है।
- नाभि की सफाई के दौरान जोर न लगाएं, हल्के हाथ से कॉटन कपड़े की मदद से नाभि को साफ करें।
- डॉक्टर की सलाह के बिना नाभि पर कॉटन बड, अल्कोहल या एंटीसेप्टिक पाउडर का इस्तेमाल न करें।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?
- अगर बच्चे की नाभि के आसपास रेडनेस और सूजन हो
- त्वचा गर्म महसूस हो रही हो
- बदबू आ रही है
- पीले या हरे रंग का पानी या मवाद निकल रहा है
- लगातार ब्लड आ रहा है
इसके अलावा, अगर बच्चा दूध ठीक से नहीं पी रहा है, बहुत सुस्त है या उसे बुखार है, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। 3 महीने से कम उम्र के बच्चे को बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं।
निष्कर्ष:
नवजात शिशु की नाभि को साफ और सूखा रखना जरूरी है। नवजात शिशुओं में जन्म के 1 से 3 हफ्तों में ही गर्भनाल का हिस्सा सूखकर गिर जाता है। इसके बाद नाभि सामान्य रूप से ठीक हो जाती है। नवजात शिशु की नाभि को साफ रखने के लिए किसी खास चीज की जरूरत नहीं होती, केवल उसे हवा लगने दें और ड्राई रखें। अगर नाभि से पेशाब या मल निकले, तो हल्के साबुन वाले पानी से साफ कर दें। डॉक्टर की सलाह के बगैर नाभि पर अल्कोहल या एंटीसेप्टिक पाउडर का इस्तेमाल न करें। नाभि के आसपास रेडनेस, सूजन, बदबू या पस निकलने की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
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FAQ
क्या नवजात शिशु को रोजाना नहलाना जरूरी है?
शिशु को रोजाना नहलाना आमतौर पर जरूरी नहीं होता। इसके बजाय उसके चेहरे, गर्दन, हाथों और प्राइवेट पार्ट्स की सफाई कॉटन और पानी की मदद से कर सकते हैं।गर्भनाल में ग्रैनुलोमा क्या होता है?
गर्भनाल ग्रैनुलोमा, नवजात शिशु की नाभि में बनने वाला मुलायम और गुलाबी रंग का टिशू होता है, जो गर्भनाल का हिस्सा गिरने के बाद भी बना रह सकता है। इसमें से कभी-कभी पीला पानी निकल सकता है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
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Nov 03, 2026 13:12 IST
Published By : Yashaswi Mathur
Reviewed By : Dr KS Somasekhar Rao
