क्या कभी ऐसा हुआ है कि अचानक किसी परफ्यूम, खाने की खुशबू या बारिश की मिट्टी की महक आते ही आपको सालों पुरानी कोई याद आ गई हो? कई बार सिर्फ एक खुशबू हमें स्कूल के दिनों, बचपन के घर, किसी खास व्यक्ति या किसी पुराने रिश्ते से जुड़ी यादों तक पहुंचा देती है। यशोदा हॉस्पिटल, हैदराबाद के कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरिसेट्टी बताते हैं कि हमारी सूंघने की क्षमता का दिमाग के उन हिस्सों से खास संबंध है, जो याददाश्त और भावनाओं को कंट्रोल करते हैं।
यही वजह है कि कुछ गंध हमारे लिए सिर्फ एक खुशबू नहीं रहतीं, बल्कि किसी पुराने अनुभव का संकेत बन जाती हैं। न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरीसेट्टी के अनुसार, जब कोई गंध दिमाग में पहले से मौजूद किसी अनुभव से जुड़ जाती है, तो फ्यूचर में वही गंध उस मैमोरी को दोबारा एक्टिव कर सकती है।
किसी खुशबू से अचानक पुरानी यादें इतनी तेज क्यों लौट आती हैं?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरीसेट्टी के अनुसार, जब हम किसी गंध को महसूस करते हैं तो नाक में मौजूद रिसेप्टर्स उस गंध के अणुओं को पहचानते हैं और इसका संदेश दिमाग तक पहुंचाते हैं। खास बात यह है कि सूंघने से मिलने वाला संकेत दिमाग के ऑलफैक्ट्री बल्ब (Olfactory bulb) के जरिए आगे उन एरिया तक पहुंचता है, जिनका संबंध भावनात्मक रिएक्शन और मैमोरी से होता है। यही कारण है कि कोई खास खुशबू सिर्फ पहचान में नहीं आती, बल्कि उससे जुड़ी पुरानी घटना, व्यक्ति या जगह भी अचानक याद आ सकती है।
- जब हम किसी अनुभव के दौरान कोई खास गंध महसूस करते हैं, तो हमारा दिमाग उस गंध को उस समय की भावनाओं और परिस्थितियों के साथ जोड़ सकता है।
- उदाहरण के लिए, बचपन में दादी के घर की किसी खास मिठाई की खुशबू बार-बार महसूस हुई हो, तो वर्षों बाद वैसी ही खुशबू मिलने पर बचपन की यादें ताजा हो सकती हैं।
- इसे जुड़ी हुई स्मृति (associative memory) के रूप में समझा जा सकता है। खुशबू एक तरह से उस अनुभव का संकेत बन जाती है। बाद में वही संकेत मिलने पर दिमाग उससे जुड़ी जानकारी को दोबारा एक्टिव कर सकता है।
- खुशबू से जुड़ी यादें कई बार दूसरे संकेतों से मिलने वाली यादों की तुलना में ज्यादा भावनात्मक महसूस होती हैं।
- इसलिए किसी पुराने व्यक्ति के पसंदीदा परफ्यूम की खुशबू मिलने पर सिर्फ उसका नाम याद नहीं आता, बल्कि उस व्यक्ति के साथ बिताया समय, जगह और उस समय महसूस हुई भावनाएं भी एक साथ याद आ सकती हैं।
साल 2026 में iScience A Cell Press Journal में प्रकाशित स्टडी से पता चलता है कि कुछ खास खुशबू या गंध पुरानी यादों को क्यों ताजा कर देती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि गंध को पहचानना उसकी भावनाओं पर निर्भर करता है, जबकि किसी पुरानी याद से जुड़ना इस बात पर निर्भर करता है कि वह गंध कितनी अनोखी (distinct) है और हम उससे कितने परिचित हैं। संक्षेप में, किसी गंध से जुड़ी यादें इस बात पर निर्भर करती हैं कि वह गंध भावनात्मक रूप से कितनी असरदार थी, उसे शब्दों में कैसे बयां किया गया और वह कितनी जानी-पहचानी थी।
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क्या अचानक पुरानी याद आना नॉर्मल है?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरीसेट्टी बताती हैं कि किसी खास खुशबू से अचानक कोई पुरानी घटना याद आ जाना आमतौर पर दिमाग की नॉर्मल मैमोरी प्रोसेस का हिस्सा है। इसे अपने आप में किसी बीमारी का संकेत नहीं माना जाता।
कई बार ऐसी यादें कुछ सेकंड के लिए आती हैं और फिर सामान्य रूप से ध्यान अभी के समय पर लौट आता है। हालांकि, अगर यादों के साथ बार-बार कंफ्यूजन, बेहोशी, असामान्य व्यवहार या अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी दिखाई दें, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी हो सकता है।
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क्या हर व्यक्ति में खुशबू यादें जगा सकती है?
न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. भरत कुमार सुरीसेट्टी बताते हैं कि ऐसा जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति को एक ही खुशबू से एक जैसी याद आए। किसी खुशबू का याद से संबंध व्यक्ति के अनुभवों पर निर्भर करता है।
जिस खुशबू के साथ हमारा कोई मजबूत या बार-बार दोहराया गया अनुभव जुड़ा हो, उसके यादें जगाने की संभावना ज्यादा हो सकती है। इसी वजह से बारिश की मिट्टी, पुराने घर की महक, किसी खास साबुन या स्कूल की कैंटीन की खुशबू अलग-अलग लोगों में बिल्कुल अलग यादें पैदा कर सकती है।
निष्कर्ष
कुछ खुशबू का अचानक पुरानी यादों को जगा देना केवल संयोग नहीं है। दिमाग में सूंघने की प्रोसेस का भावनाओं और मैमोरी से जुड़े एरिया के साथ मजबूत संबंध होता है। इसी वजह से एक खुशबू कई साल पुरानी घटना, व्यक्ति या जगह को हमारी मैमोरी में वापस ला सकती है। इसलिए अगली बार किसी परिचित खुशबू से अचानक कोई पुरानी याद ताजा हो, तो समझिए कि आपका दिमाग पुराने अनुभव और वर्तमान संकेत के बीच संबंध को फिर से एक्टिव कर रहा है।
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FAQ
क्या उम्र बढ़ने पर गंध पहचानने की क्षमता बदल सकती है?
हां, उम्र के साथ सूंघने की क्षमता में बदलाव हो सकता है। कुछ लोगों में गंध पहचानने की क्षमता कम होने पर गंध से मिलने वाले संकेत भी प्रभावित हो सकते हैं।पुरानी यादें कैसे भूलें?
पुरानी यादों को पूरी तरह खत्म करना मुमकिन नहीं है, लेकिन मेडिटेशन से इसको कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है।
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Oct 05, 2026 14:06 IST
Published By : Akanksha Tiwari
Reviewed By : Dr Bharath Kumar Surisetti
