प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को तीव्र गंध से परेशानी होने लगती है। यहां तक कि उन्हें इतनी तीव्र गंध (Hyperosmia) आती है, जिससे उन्हें उल्टी या मतली की दिक्कत होने लगती है। इस तरह की समस्या से तभी निपटा जा सकता है, जब इसका मूल कारण पता हो। असल में, इसके पीछे मुख्य भूमिका हार्मोन्स की होती है।
वृंदावन स्थित Mumma's Blessing IVF और Birthing Paradise की मेडिकल डायरेक्टर, गायनेकोलॉजिस्ट और IVF स्पेशलिस्टडॉ. शोभा गुप्ता बताती हैं, "हाइपरोस्मिया यानी सूंघने की अत्यधिक क्षमता, शरीर के एक इन-बिल्ट बचाव तंत्र की तरह काम करता है। सूंघने की क्षमता के कारण महिलाओं को गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में ही खराब भोजन या विषाक्त पदार्थों की जानकारी पहले से ही मिल जाती है।"
प्रेग्नेंसी में अचानक तीव्र गंध से परेशानी होने के कारण
why pregnant women become sensitive to smell
हार्मोनल बदलाव है वजह: डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि एस्ट्रोजन और ह्यूमन कोरियोनिक गोनाडोट्रोपिन (HCG) के तेजी से बढ़ते स्तर इसके मूल कारण हैं। दरअसल, ये हार्मोन आपके दिमाग पर असर डालते हैं, जिससे सूंघने की क्षमता बहुत तेज हो जाती है।
प्रोटेक्शन भी है कारण: एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि प्रेग्नेंसी में सूंघने की क्षमता इसलिए बढ़ जाती है, ताकि महिलाओं को पहले से ही किसी भी तरह की टॉक्सिक या खराब चीजों की गंध आ जाए। यह एक तरह का प्रोटेक्टिव सिस्टम है, जो गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में महिला को खराब खाने, जहरीली चीजों या हानिकारक केमिकल्स को पहचानने में मदद करती है। इस तरह, महिला गर्भ में पल रहे शिशु को कुछ बहरी और खराब चीजों से बचा पाती हैं।
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क्या कहती है स्टडी?
साल 2020 में Scientific Reports पत्रिका में प्रकाशित स्टडी के अनुसार, महिलाओं में उल्टी, मतली और गंध के प्रति संवेदनशीलता का गहरा कनेक्शन है। प्रेग्नेंसी में बहुत ज्यादा उल्टी या मतली आने को हाइपरमेसिस ग्रेविडारम (HG) कहा जाता है। HG से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में कड़वे स्वाद से सबसे अधिक मतली और उल्टी उत्तेजित होती है, जबकि मीठा स्वाद सबसे कम मतली पैदा करने वाला पाया गया। इस तरह, तेज और तीखी गंध से मतली और उल्टी का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
इसकी शुरुआत कब और कैसे होती है?
प्रेग्नेंसी के आखिरी महीनों में महिला की सूंघने की क्षमता सामान्य हो जाती है। अक्सर आपने देखा या सुना होगा कि प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में ही ऐसा होता है। इस बारे में डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं कि गर्भधारण के कुछ ही दिनों बाद से महिला की सूंघने की क्षमता तीव्र हो जाती है। विशेषकर, पहली तिमाही या लगभग 1 से 9 सप्ताह के दौरान यह स्मेल सेंसिटिविटी अपने चरम पर होती है।
ऐसा नहीं है कि महिला को हर चीज से तीव्र गंध आने लगती है। हालांकि, कुछ विशेष चीजें है, जिनसे उनकी सूंघने की क्षमता ट्रिगर हो जाती है। इसमें मुख्य रूप से कॉफी बनना, मांस या अंडे पकाना, परफ्यूम, केमिकल युक्त प्रोडक्ट आदि शामिल हैं। इनकी गंध आते ही महिला को जी मिचलाना या मॉर्निंग सिकनेस जैसी समस्या होने लगती है।
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समस्या कब खत्म होती है?
आमतौर पर प्रेग्नेंट महिलाओं में गंध की समस्या दूसरी तिमाही आते-आते खत्म हो जाती है। वास्तव में, दूसरी तिमाही की शुरुआत तक हार्मोन का स्तर स्थिर होने लगता है, जिससे सूंघने की संवेदनशीलता काफी कम हो जाती है। इस बारे में डाॅ. शोभा गुप्ता बताती हैं, ‘हर महिला का शरीर अलग है। इसलिए, गंध के प्रति संवेदनशीलता के खत्म होन का कोई निश्चित समय नहीं है। कई महिलाओं में यह समस्या डिलीवरी तक भी बनी रह सकती है। शिशु के जन्म के बाद परेशानी अपने आप कम हो जाती है।’
कैसे पाएं राहत?
गंध के प्रति संदनेशीलता अक्सर महिलाओं को परेशान करती है। इसकी वजह से उन्हें उल्टी और मतली जैसी समस्या बनी रहती है। ऐसा नहीं है कि इस समस्या से छुटकारा नहीं मिल सकता है। डाॅ. शोभा गुप्ता यहां कुछ सलाह दे रही हैं, इन्हें जरूर फाॅलो करें-
- हवादार माहौल में रहेंः कमरे को तरोताजा रखने की कोशिश करें। इसके लिए खिड़कियां खोलें या घर में फैन चला लें।
- ट्रिगर्स से बचेंः घर में ऐसी चीजों से दूर रहें, जिनकी गंध तीव्र होती है। परिवारजन से कहें कि वे बिना खुशबू वाले साबुन का उपयोग करें। डियो, फ्रेग्रेंस युक्त डिटर्जेंट के इस्तेमाल से भी दूर रहें।
- फ्रेश सेंट का यूज करेंः जब कोई तेज गंध परेशान करे, तो ऐसे में आप नींबू, पुदीना या अदरक जैसी फ्रेश और हल्की चीजों को अपने पास रखें। इससे मतली की दिक्कत कम हो जाएगी।
- ठंडा भोजन करेंः गर्म खाने की तुलना में ठंडा खाना खाने से खाना पकाने की तेज गंध कम बनती है।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं तीव्र गंध के प्रति सेंसिटिव हो जाती हैं। उन्हें इसे लेकर ज्यादा परेशान नहीं होना चाहिए। यह एक ऐसी समस्या है, जो समय के साथ-साथ अपने आप ठीक हो जाती है। हालांकि, इसके ठीक होने का समय हर महिला के लिए अलग-अलग हो सकता है। जैसे कुछ महिलाओं में यह दो माह में ठीक हो जाता है, वहीं कुछ महिलाओं में डिलीवरी के स्मेल सेंसिटिविटी कम होती है। हां, अगर आपको ज्यादा परेशानी हो, तो उन चीजों से दूर रहें जिनकी गंध तीव्र है।
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FAQ
क्या गर्भावस्था में स्मेल सेंसिटिविटी से शिशु के जेंडर का पता चल सकता है?
नहीं, ऐसा नहीं होता है। यह केवल एक सामाजिक मिथक है। प्रेग्नेंसी के दौरान अत्यधिक गंध महसूस होना केवल एस्ट्रोजन और hCG हार्मोन का बदलना है। इसका गर्भस्थ शिशु के लिंग से कोई संबंध नहीं है।क्या प्रेग्नेंसी खत्म होने के बाद भी सूंघने की क्षमता लंबे समय तक तेज रह सकती है?
आमतौर पर डिलीवरी के तुरंत बाद हार्मोन स्तर सामान्य होते ही यह समस्या भी ठीक हो जाती है। हालांकि, दुर्लभ मामलों में यदि यह दिक्कत लंबे समय तक बनी रहती हैं, तो इसका ट्रीटमेंट किया जाता है।
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Sep 23, 2026 11:38 IST
Published By : Meera Tagore
Reviewed By : Dr Shobha Gupta
