प्रेग्नेंसी के शुरुआत महीनों में मतली और उल्टी होना बहुत आम बात है। इसे आम भाषा में मॉर्निंग सिकनेस कहा जाता है। प्रेग्नेंसी में उल्टी और मतली की समस्या को भले ही मॉर्निंग सिकनेस के रूप में जाना जाता है, लेकिन इसके लक्षण सिर्फ सुबह ही हों, ऐसा जरूरी नहीं होता है। कई प्रेग्नेंट महिलाओं को दिन या रात के किसी भी समय मतली और उल्टी महसूस हो सकती है।
दिल्ली के आनंद निकेतन में स्थित गायनिका: एवरी वुमन मैटर क्लीनिक की सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्सटेट्रिक्स और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. (कर्नल) गुंजन मल्होत्रा सरीन का कहना है, "प्रेग्नेंसी के शुरुआती हफ्तों में मॉर्निंग सिकनेस की समस्या शुरू होती है और समय के साथ कम होने लगती है। हालांकि, कुछ महिलाओं में मतली और उल्टी की समस्या इतनी ज्यादा हो सकती है कि खाना-पीना मुश्किल हो जाए और शरीर में पानी की कमी होने लगे, तो यह समस्या बहुत गंभीर हो सकती है।" आइए इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस कब गंभीर होता है?
मॉर्निंग सिकनेस क्या है और यह कब सामान्य मानी जाती है?
डॉ. गुंजन मल्होत्रा सरीन के अनुसार, मॉर्निंग सिकनेस में मतली, उल्टी, कुछ गंध या फूड्स से दिक्कत और भूख में बदलाव जैसे लक्षण नजर आ सकते हैं। इसका संबंध प्रेग्नेंसी में होने वाले हार्मोनल बदलावों से होता है। ज्यादातर मामलों में हल्की या मध्यम मतली और कभी-कभार उल्टी होना आम बात है। अगर प्रेग्नेंसी में महिला थोड़ी-थोड़ी मात्रा में भोजन खा पा रही हैं और पानी पी पा रही हैं, पेशाब नॉर्मल हो रहा है और वजन तेजी से कम नहीं हो रहा है तो आमतौर पर यह स्थिति गंभीर नहीं मानी जाती है।
मॉर्निंग सिकनेस अक्सर प्रेग्नेंसी के शुरुआती चरण में ज्यादा होती है और कई महिलाओं में लगभग दूसरी तिमाही की शुरुआत तक रह सकती है। हालांकि, हर महिलामें मॉर्निंग सिकनेस का अनुभव अलग हो सकता है।
साल 2025 में European Journal of Obstetrics & Gynecology and Reproductive Biology में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, प्रेग्नेंसी के दौरान लगातार उल्टी शरीर का बहुत ज्यादा डिहाइड्रेट होना, यूरिन में कीटोन बनने और 5% से ज्यादा वजन घटने का रूप ले लेती है, तो इसे हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम कहा जाता है जो कि चिंताजनक स्थिति है।
प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस कब गंभीर होता है?
डॉ. गुंजन मल्होत्रा सरीन बताती हैं कि जब मतली और उल्टी इतनी ज्यादा बढ़ जाए कि प्रेग्नेंट महिला रोजमर्रा के काम न कर पाएं, सही तरह से खाना या पानी न पी सके तो यह नॉर्मल मॉर्निंग सिकनेस से अलग स्थिति हो सकती है। प्रेग्नेंसी में गंभीर और लगातार होने वाली उल्टी को हाइपरएमेसिस ग्रेविडेरम (Hyperemesis Gravidarum) कहा जा सकता है। इस स्थिति में शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी, कमजोरी और वजन कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए, इस दौरान शरीर के द्वारा मिलने वाले इन संकेतों को गंभीरता से लेना चाहिए:
- बार-बार उल्टी होना और पानी भी न टिक पाना
- बहुत कम पेशाब आना या पेशाब का रंग काफी गहरा होना
- चक्कर आना, ज्यादा कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस होना
- प्रेग्नेंसी से पहले के वजन की तुलना में तेजी से वजन कम होना
- उल्टी के साथ खून आना
- पेट में तेज दर्द या बुखार के साथ उल्टी होना
- दिल की धड़कन बहुत तेज महसूस होना
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मॉर्निंग सिकनेस से राहत पाने के लिए क्या करना चाहिए?
डॉ. गुंजन मल्होत्रा सरीन के मुताबिक, हल्की मॉर्निंग सिकनेस से राहत पाने के लिए आप इन बातों का ध्यान रखें:
- थोड़ा-थोड़ा खाएं: एक साथ बहुत ज्यादा खाने के बजाय दिनभर में छोटी-छोटी मात्रा में भोजन करें। लंबे समय तक खाली पेट रहने से कुछ महिलाओं में मतली की समस्या बढ़ सकती है।
- सुबह उठने के तुरंत बाद कुछ खाएं: सुबह उठने के बाद कोई भी काम करने से पहले हल्के हेल्दी फूड्स खाएं, तो आपके मॉर्निंग सिकनेस को कंट्रोल करने और शरीर को एनर्जी देने में मदद कर सके।
- पानी थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पिएं: प्रेग्नेंसी के दौरान ज्यादा पानी पीना आपके शरीर की जरूरत हो सकती है, लेकिन एक साथ बहुत ज्यादा पानी पीने से बचें। दिनभर में कई बार थोड़ा-थोड़ा पानी पिएं। अगर सादा पानी पीना मुश्किल लगे तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार अन्य लिक्विड भी ले सकते हैं।
- ट्रिगर पहचानें: मॉर्निंग सिकनेस का कारण बनने वाली तेज गंध, बहुत मसालेदार भोजन या अन्य ट्रिगर्स को पहचानें और उनसे दूरी बनाएं।
- आराम करें: थकान और नींद की कमी के कारण भी कई बार मतली और उल्टी की समस्या बनी रह सकती है। इसलिए, आप नींद पूरी करें और सही तरह से आराम करने की कोशिश करें।
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डॉक्टर के पास कब जाएं?
अगर प्रेग्नेंसी में उल्टी की समस्या लगातार बढ़ रही है या आप पर्याप्त मात्रा में खाना-पीना नहीं कर पा रही हैं तो डॉक्टर से मिलने में देरी नहीं करनी चाहिए। डॉक्टर आपकी स्थिति देखकर डिहाइड्रेशन, वजन में बदलाव और समस्या होने के अन्य कारणों की जांच कर सकते हैं। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर डॉक्टर प्रेग्नेंसी में आपकी स्थिति के अनुसार सही दवा और इलाज कर सकते हैं।
निष्कर्ष
प्रेग्नेंसी में हल्की से मध्यम मतली और कभी-कभार उल्टी होना आम बात है और ज्यादातर मामलों में यह प्रेग्नेंसी का आम हिस्सा होता है। हालांकि, जब उल्टी इतनी ज्यादा हो जाए कि खाना या पानी पीना मुश्किल हो जाए, पेशाब कम हो, शरीर में पानी की कमी होने लगे या वजन तेजी से कम होने लगे तो प्रेग्नेंसी में यह खतरनाक हो सकता है। इस स्थिति को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।
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FAQ
प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस के क्या लक्षण होते हैं?
प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस होने पर जी मिचलाना और उल्टी आने जैसे लक्षण नजर आते हैंं। यह समस्या आमतौर पर पहली तिमाही में होती हैं और दूसरी तिमाही में पूरी तरह ठीक हो सकती है।प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस कब तक आती है?
प्रेग्नेंसी में मॉर्निंग सिकनेस आमतौर पर गर्भावस्था के 6वें हफ्ते से शुरू होती है और पहली तिमाही के अंत यानी 12 से 14 हफ्ते तक ठीक हो जाती है।
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Sep 10, 2026 16:54 IST
Published By : Katyayani Tiwari
Reviewed By : Dr Gunjan Sarin